राजनीति नक्सलवाद : उफ! कोई इन्हें भी फांसी दे दे May 31, 2010 / December 23, 2011 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 3 Comments on नक्सलवाद : उफ! कोई इन्हें भी फांसी दे दे -लोकेन्द्र सिंह या तो हमारी सरकार का खून सूख गया है या फिर उसकी नक्सलियों से कोई गुप्त संधि है। वरना इतने बेगुनाहों का खून सड़कों पर, रेल की पटरियों पर और छोटे से घर के बाहर बने नाले में बहते देख सरकार का हृदय पिघलता जरूर। वह सिर्फ बातें नहीं करती, कुछ कड़े कदम भी […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति भारत में लोकतंत्र – सफलता का रहस्य May 29, 2010 / December 23, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 4 Comments on भारत में लोकतंत्र – सफलता का रहस्य – डॉ0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री द्वितीय विश्वयुद्व के बाद जब भारत से ब्रिटिश साम्राज्यवाद का अन्त हुआ तो उसका प्रभाव एशिया और अफ्रिका के अन्य देशों पर भी पडा और एक के बाद एक देश यूरोपीय साम्राज्यवादी शक्तियों के शिकंजे से मुक्त होने लगे। साम्राज्यवाद से मुक्ति के बाद प्राय अधिकांश देशों ने लोकतांत्रिक शासन […] Read more » Democracy लोकतंत्र
राजनीति ‘इमोशनल अत्याचार’ के फिर शिकार हुए अमर सिंह May 28, 2010 / December 23, 2011 by निर्मल रानी | Leave a Comment -निर्मल रानी अमर सिंह का अपना जनाधार हो या न हो, राजनैतिक कौशल भी चाहे कुछ न रहा हो परंतु इसके बावजूद मीडिया की नारें उन पर बराबर बनी देखी जा सकती हैं। इसे महा अमर सिंह का मीडिया मैनेजमेंट ही माना जा सकता है। निश्चित रूप से वे अपने को राष्ट्रीय स्तर पर ‘हाईलाईट’ […] Read more » Amar Singh अमर सिंह
राजनीति यूं ही गुजरा साल May 24, 2010 / December 23, 2011 by संजय द्विवेदी | 2 Comments on यूं ही गुजरा साल -संजय द्विवेदी डा. मनमोहन सिंह की सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा करने जा रही है किंतु बताने के लिए उसके पास क्या उपलब्धियां हैं। उसके पहले कार्यकाल की परिपक्वता भी इस एक साल से गायब दिखती है। महंगाई एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सरकार का घुटनाटेक रवैया और मंत्रियों के लापरवाही […] Read more » UPA यूपीए-2 का एक साल
राजनीति संसदीय सत्रों के कार्य-कलापों का भी अंकेक्षण होना चाहिए May 24, 2010 / December 23, 2011 by सतीश सिंह | 1 Comment on संसदीय सत्रों के कार्य-कलापों का भी अंकेक्षण होना चाहिए -सतीश सिंह आज भारत में ऐसा कोई भी संस्थान नहीं है जिसके कार्य-कलापों का एक निश्चित अवधि में अंकेक्षण न किया जाता हो। अंकेक्षण समय की मांग और जरुरत दोनों है। यही वह हथियार है जिसके माध्यम से हम किसी भी संस्थान की खामियों या कमियों का पता लगा सकते हैं और साथ में उसका […] Read more » Parliament संसद
राजनीति उमर अब्दुल्ला को अफजल गुरु की फांसी का कारण नहीं पता May 22, 2010 / May 22, 2010 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 2 Comments on उमर अब्दुल्ला को अफजल गुरु की फांसी का कारण नहीं पता -डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री भारतीय संसद पर आक्रमण के मामले में फांसी की सजा प्राप्त किए हुए अफजल गुरु को अभी तक फांसी के तख्ते से बचाए रखने के पीछे केन्द्र की कांग्रेस सरकार की क्या रणनीति है यह तो वही जानती होगी लेकिन इस विषय पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मासूमियत […] Read more » अफजल गुरु उमर अब्दुल्ला
राजनीति अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है …. May 22, 2010 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है …. (गुजरात की स्वर्ण जयंती पर विशेष) -वीरेन्द्र सिंह परिहार बहुत पुरानी कहावत है कि ”अकेला चना भाड़ नही फोड़ सकता।” कहने का आशय यह कि एक नेता या शासक चाहे वह कितना भी शक्तिशाली और सक्षम क्यो न हो, अकेले कोई बुनियादी परिवर्तन नही कर सकते, जब तक कि जनता उक्त परिवर्तन के लिए मानसिक […] Read more » गुजरात नरेन्द्र मोदी भाजपा मुस्लिम
राजनीति नक्सलवाद: समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध May 21, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | 23 Comments on नक्सलवाद: समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध -पंकज झा जब पंजाब में आतंक चरम पर था तब एक अखबार की काफी आलोचना हुई थी. उस पत्र में बिना कोई भूमिका दिए सीधा शीर्षक इस तरह होता था पंजाब 20, पंजाब 30. मतलब पाठक खुद समझ जाते थे कि आज आतंकी हमले में इतने लोग मारे गए हैं. तब भले ही कुछ लोगों […] Read more » Narendra Modi नक्सलवाद
राजनीति आतंकवादी हैं नक्सली May 18, 2010 / December 23, 2011 by दानसिंह देवांगन | 15 Comments on आतंकवादी हैं नक्सली अब न हो कोई रहम -दानसिंह देवांगन नक्सलियों ने बीते दो दिनों में जिस प्रकार निरपराध और मासूम लोगों को मौत के घाट के उतारा है, उससे साफ है नक्सली अब आतंकवाद की राह पर चल निकले हैं। इससे पहले जितने भी नक्सली हमले हुए, सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस या राजनीतिक नेताओं पर हुए, लेकिन ये […] Read more » Naxalism नक्सलवाद
राजनीति नक्सलवादी या उनके समर्थक – सुकारू के हत्यारे कौन? – राजीव रंजन प्रसाद May 17, 2010 / December 23, 2011 by राजीव रंजन प्रसाद | 3 Comments on नक्सलवादी या उनके समर्थक – सुकारू के हत्यारे कौन? – राजीव रंजन प्रसाद तब एसी मनहूसियत हवाओं में नहीं थी। उससे मैं पहली बार पुरानी बचेली के बाजार में मिला था जहाँ मुर्गे लडाये जाते थे। बडा जबरदस्त माहौल हुआ करता था। उसने लाल अकडदार मुर्गे पर दाँव लगाया हुआ था, कम्बख्त मुर्गा केवल देखने का ही मोटा था। सामने वाला मुर्गा सख्त जान निकला कुडकुडा कर झपटा […] Read more » Naxalism नक्सलवाद
राजनीति फिर 50 निर्दोष लोगों के लाशों के ढेर लगा दिए नक्सलियों ने May 17, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on फिर 50 निर्दोष लोगों के लाशों के ढेर लगा दिए नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में फिर भीषण नक्सली हमला। नक्सलियों ने एक बस को बम से उडाकर पचास निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसमें ज़्यादातर स्थानीय लोग ही सवार थे। यह विस्फोट सुकमा राजमार्ग पर हुआ है। सुकमा दंतेवाड़ा से महज 35 किलोमीटर दूर है, जबकि जिस जगह यह घटना घटी है वहां […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति शेखावत की अंतिम यात्रा में उम़डा जनसैलाब May 17, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment जयपुर। पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत को जयपुर में अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी गई। उनकी शवयात्रा रविवार सुबह 10:35 बजे सिविल लाइंस स्थिति उनके सरकारी आवास से रवाना हुई, जिसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेता, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और उनके हजारों प्रशंसक एवं परिजन शामिल थे। शेखावत का पार्थिव […] Read more » Bhairosingh Shekhawat भैरोसिंह शेखावत