समाज “हमारे निमित्त से होने वाला वायु प्रदुषण हमारे परजन्म के सुखों में बाधक होंगे” November 19, 2018 / November 19, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य जीवन में यदि किसी भौतिक वस्तु का सबसे अधिक महत्व है तो वह वायु है। वायु हमारे जीवन का प्रमुख आधार है। हम श्वास-प्रश्वास में वायु का ही सेवन करते हैं। हमें श्वास लेने में शुद्ध वायु की आवश्यकता होती है और जब हम श्वास छोड़ते हैं तो अशुद्ध वायु या […] Read more » “हमारे निमित्त से होने वाला वायु प्रदुषण हमारे परजन्म के सुखों में बाधक होंगे” अण्डों अर्जुन आकृति कृष्ण जी दांतों की बनावट धूम्रपान भीष्म पितामह मधुमेह मानवीय बुद्धि मांसाहार हृदय
समाज क्यों बदहाल एवं उपेक्षित है बचपन? November 19, 2018 / November 19, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- संपूर्ण विश्व में ‘सार्वभौमिक बाल दिवस’ 20 नवंबर को मनाया गया। उल्लेखनीय है कि इस दिवस की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।बच्चों का मौलिक अधिकार उन्हें प्रदान करना इस दिवस का प्रमुख […] Read more » कागज क्यों बदहाल एवं उपेक्षित है बचपन? पढ़ाई-लिखाई प्लास्टिक राजनीतिज्ञ लोहा शीशी समाज सरकार
समाज “विषाक्त हवा हमें मार रही है लेकिन हम बाहर नहीं जा सकते हैं” November 19, 2018 / November 19, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप “मेरी आंखों को चोट लगी है और मैं अपने रिक्शा को खींचते समय सांस लेने के लिए संघर्ष करता हूं। मेरा शरीर मुझे इससे बचने और दिल्ली के विषाक्त धुंध से भागने के लिए कहता है, लेकिन मुझे अपने परिवार के लिए कमाई करना है। मैं और कहाँ जाऊँगा? संजय कुमार कहते हैं, […] Read more » “विषाक्त हवा हमें मार रही है लेकिन हम बाहर नहीं जा सकते हैं” प्रदूषण
राजनीति विश्ववार्ता समाज विदेश में भारतीय युवाओं को निगलती बेरोजगारी November 19, 2018 / November 19, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव परदेश में जान जोखिम में डालकर रोजगार पाने वाले युवाओं की दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआई) ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल की जानकारी में खुलासा किया है कि खाड़ी देशों से जो एक अरब डाॅलर भारत में आते हैं, उसके बदले में औसतन […] Read more » ओमान कतर कुवैत नया भारत पुरुष नौजवानों बदलता इंडिया विदेश में भारतीय युवाओं को निगलती बेरोजगारी शाइनिंग इंडिया सऊदी अरब
राजनीति समाज उर्दू के बगैर भारत बोध की परिकल्पना November 19, 2018 / November 19, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप सोनिया कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का कहना है कि उर्दू के बिना भारत बोध की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उर्दू भारत की गंगा-यमुना तहजीब का प्रतीक है। तिवारी ने जो कहा है, वही नेहरू कहा करते थे। इसलिए तिवारी वस्तुतः नेहरू की सांस्कृतिक विरासत को ही ढो रहे […] Read more » उर्दू के बगैर भारत बोध की परिकल्पना औरंगजेब जहांगीर तुर्क पंजाबियों मराठों मुगल राजपूतों वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी सैयद सोनिया
समाज हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें November 19, 2018 / November 19, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- ‘दुर्घटना’ एक ऐसा शब्द है जिसे पढ़ते ही कुछ दृश्य आखों के सामने आ जाते हैं, जो भयावह होते हैं, त्रासद होते हैं, डरावने होते हैं। किस तरह लापरवाही एवं महंगी गाड़ियों को सड़कों पर तेज रफ्तार में चलाना एक फैशन बनता जा रहा है, उसकी ताजी एवं भयावह निष्पत्ति की दुर्घटना दिल्ली […] Read more » ड्राइवर शराबदिल्ली-एनसीआर प्रदूषण हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें
समाज प्रदूषण से त्राहिमाम November 17, 2018 / November 17, 2018 by डॉ. सौरभ मालवीय | 1 Comment on प्रदूषण से त्राहिमाम डॊ. सौरभ मालवीय हमारे देश में वायु प्रदूषण निरंतर बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण घातक स्तर तक पहुंच गया है। हाल में शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया। इसी प्रकार वायु में घुले हुए अतिसूक्ष्म प्रदूषक कण पीएम 2.5 को 215 दर्ज किया गया, जो कि स्वास्थ्य […] Read more » 136 और कांगों के 12 674 890 बच्चे 987 नाइजीरिया के 47 पर्यावरण प्रदूषण पाकिस्तान के 21 प्रदूषण से त्राहिमाम भारत के 60 सुप्रीम कोर्ट
समाज मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो November 16, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग :- स्वतंत्र भारत में यह कैसा समाज बन रहा है, जिसमें करीब एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं पतियों से पिटती हैं। वडोदरा के गैर सरकारी संगठन ‘सहज’ और इक्वल मेजर्स 2030 के एक सर्वे के अनुसार 15 से 49 साल के आयु वर्ग की महिलाओं में से करीब 27 फीसदी घरेलू हिंसा बर्दाश्त करती आ […] Read more » आदतों कवयित्रि महादेवी वर्मा छेड़खानी दहेज बलात्कार भू्रण-हत्या महत्वाकांक्षाओं मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो वासनाओं वासनाओं एवं कट्टरताओं वृत्तियों शिव सत्य
राजनीति समाज कॅरियर या राजनीतिक वंशवाद November 15, 2018 / November 15, 2018 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार वरिष्ठ पत्रकार एवं सम्पादक, राजनीति में संतानों को मिलने वाले अवसर को वंशवाद या परिवारवाद के रूप में संबोधित किया जाता रहा है। गांधी-नेहरू परिवार से इंदिरा गांधी के राजनीति में आने के बाद से वंशवाद या परिवारवाद का मुद्दा उठता रहा है। वैसे भी चुनाव के समय ही, खासतौर से राजनीतिक दलों […] Read more » अभिषेक बच्चन कॅरियर या राजनीतिक वंशवाद पिता हरिवंशराय बच्चन राजीव गांधी राजेश पॉयलट विद्याचरण शुक्ल सुपुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया
समाज भारत की बेरोजगारी November 12, 2018 / November 12, 2018 by अनिल अनूप | 1 Comment on भारत की बेरोजगारी अनिल अनूप भारत में वर्तमान बेरोजगारों की पंजीकृत संख्या 31 मिलियन है। कितने ही लोग पंजीकरण की सीमा से ही बाहर होते हैं, जिसका कारण शिक्षा का अभाव या मोहभंग भी हो सकता है। अर्ध बेरोजगारों की संख्या में अधिकतर कृषि कार्य में लगे लोग हैं, जो वर्ष में लगभग 6 माह बेरोजगार रहने के […] Read more » उद्योग ग्रामीण कुटीर जहाज भारत की बेरोजगारी रेल लघु उद्योगों हवाई जहाज
समाज सोशल मीडिया : वरदान भी अभिशाप भी November 10, 2018 / November 10, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment डॉ जीतेंद्र प्रताप जवाहर नवोदय विद्यालय मुडिपु, दक्षिण कन्नड़, कर्नाटक, 574153 संपर्क सूत्र 9739198095 मानव ईश्वर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सृजन है जो अन्य प्राणियों की तुलना में सोचने -समझने की असीम शक्ति लेकर पैदा होता है। अपने आदिम समय से लेकर आज तक उसने न जाने कितनी खोजें की हैं जिन्होंने उसके जीवन […] Read more » इंस्टाग्राम ट्विटर देश व समाज को आर्थिक फेसबुक मायस्पेस लिंकडइन व्यक्ति व्हाट्सएप संगठन सामाजिक सांस्कृतिक सोशल मीडिया : वरदान भी अभिशाप भी
राजनीति समाज समान,समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौती November 10, 2018 / November 10, 2018 by जावेद अनीस | 1 Comment on समान,समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौती जावेद अनीस किसी भी प्रगितिशील राष्ट्र के लिये शिक्षा एक बुनियादी तत्व है इसलिए जरूरी हो जाता है कि इसके महत्त्व को समझते हुए ये सुनिश्चित किया जाये की समाज के सभी वर्गों के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके. परन्तु इस देश का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा की आजादी के […] Read more » और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समान समावेशी समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौती