समाज हरिद्वार में कवियों का सम्मेलन July 10, 2018 / July 10, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज हरिद्वार में कवि-सम्मेलन नहीं, कवियों का सम्मेलन हुआ। कवि सम्मेलन में हजारों-लाखों श्रोता होते हैं। यहां सिर्फ कवि थे। सारे भारत से आए लगभग सौ कवि ! क्या आपने कभी सुना कि 100 कवि दुनिया में कहीं एक साथ इकट्ठे हुए हों ? हरिद्वार के जयराम आश्रम में यह कवियों का […] Read more » Featured डाॅ. कुंवर बेचैन डाॅ. हरिओम पंवार प्रो. अशोक चक्रधर श्री उदयप्रताप सिंह श्री सुरेंद्र शर्मा हरिद्वार में कवियों का सम्मेलन
समाज वर्षा जल संचयन से रोकें बारिश के पानी की बर्बादी July 10, 2018 / July 10, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | 1 Comment on वर्षा जल संचयन से रोकें बारिश के पानी की बर्बादी देवेंद्रराज सुथार मानसून का महीना हर किसी को आत्मिक आनंद से सराबोर करने वाला होता है। इस समय नील व्योम काली घटाओं के कैद में बंद मेघों के माध्यम से वसुधा को अपनी असीम स्वर्णिम जलबूंदों से तरबतर करने को उत्साहित व आतुर दिखाई पड़ता है। मनोहर, मनभावन, मनमोहक व मन को तृप्त करने वाले […] Read more » Featured कंटेनरों पशु-पक्षी भीषण गर्मी रोकें बारिश के पानी की बर्बादी वर्षा जल संचयन वाष्पीकरण
समाज आओ एक नयी दुनिया बसाये July 5, 2018 / July 5, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग आज का मनुष्य भूलभूलैया में फंसा हुआ है। यदि देखा जाये तो संसार का विस्तार यानी सुविधावादी और भौतिकवादी जीवनशैली एक प्रकार की भूलभूलैया ही है। भोग के रास्ते चारों ओर खुले हुए हैं। धन, सत्ता, यश और भोग – इन सबका जाल बिछा है और यह जान इतना मजबूत है कि एक […] Read more » Featured अकर्तव्य आओ एक नयी दुनिया बसाये धन पवित्रता-अपवित्रता यश और भोग सत्ता सार-असार
समाज पहली बारिश की सौंधी सुगंध-सी हैं ‘रिश्तों की बूंदें’ July 2, 2018 / July 2, 2018 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह कवि के कोमल अंतस् से निकलती हैं कविताएं। इसलिए कविताओं में यह शक्ति होती है कि वह पढऩे-सुनने वाले से हृदय में बिना अवरोध उतर जाती हैं। कवि के हृदय से पाठक-श्रोता के हृदय तक की यात्रा पूर्ण करना ही मेरी दृष्टि में श्रेष्ठ काव्य की पहचान है। युवा कवि सुदर्शन व्यास के […] Read more » 'रिश्तों की बूंदें Featured ऋषि वाल्मीकि कविताओं पहली बारिश की सौंधी सुगंध-सी हैं 'रिश्तों की बूंदें' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
समाज अच्छाई को जीने के लिये तैयारी चाहिए July 2, 2018 / July 2, 2018 by ललित गर्ग | 1 Comment on अच्छाई को जीने के लिये तैयारी चाहिए – ललित गर्ग – अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था कि दुनिया एक बेहद खतरनाक जगह है। उन लोगों की वजह से नहीं, जो बुरा करते हैं, बल्कि लोगों के कारण जो कुछ नहीं करते।’ अब तो इंसान ही नहीं, बल्कि जानवर भी बदल रहे हैं, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले की पर्यावरणशास्त्री केटलिन गेनर इस पर […] Read more » Featured अच्छाई को जीने के लिये तैयारी चाहिए आतंकवाद कष्ट डाॅक्टर भी नकली दवा भी नकली दानदाता भी नकली भिखारी भी नकली भ्रष्टाचार विपत्तियां हिंसा
धर्म-अध्यात्म समाज किसी मुस्लिम गड़रिये ने नहीं खोजी अमरनाथ गुफा June 30, 2018 / June 30, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी आजकल जबकि प्रतिवर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर मुस्लिम आतंकवादियों का ख़तरा मंडराता रहता है व यात्रियों पर घातक हमले भी होते रहते हैं तब ऐसे जहरीले वातावरण में एक झूठी मान्यता यह भी प्रायोजित कर दी गई है कि वर्ष 1850 में एक कश्मीरी मुस्लिम बूटा मलिक अपनी भेड़ें चराने के […] Read more » 13600 फीट Featured अमरनाथ यात्रा कश्मीरी त्रिनेत्रधारी शिवशंकर ने जगतजननी माँ पार्वती मुस्लिम आतंकवादियों श्रद्धालुओं स्वामी विवेकानंद हिमखंड
राजनीति समाज विकास के बहाने दिल्ली में पेड़ों की बलि June 29, 2018 / June 29, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव दिल्ली में नौकरशाहों के लिए आधुनिक किस्म के नए आवासीय परिसर और व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए 16,500 पेड़ों की बलि देने की तैयारी हो गई हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिलहाल पेड़ कटाई पर अंतरिम रोक जरूर लगा दी है, लेकिन यह रोक कब तक लगी रह पाती है कहना मुश्किल है। […] Read more » Featured काॅर्बन डाईआॅक्साइड जीव-जंतुओं व कीट-पतंगों पक्षियों पर्यावरण संरक्षण पेड़-पौधे भौगोलिक स्थिति मिट्टी विकास के बहाने दिल्ली में पेड़ों की बलि स्थानीय जलवायु
राजनीति समाज स्वच्छता से होगा स्वस्थ्य भारत का नवनिर्माण June 29, 2018 / June 29, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत देश पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा हैं, जिसमें तरक्की की गगनचुम्भी इमारतों से लेकर सरपट दौड़ती बुलेट ट्रेन का स्वप्न, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के सहारे देशवासियों के लिए आधारभूत सुविधाओं को जुटाना, राष्ट्रीयता की स्थापना से लेकर आतंक से मुक्ति का महा मृत्युंजय मन्त्र भी जपा जा रहा है। […] Read more » Featured आतंक ऊँच -नीच जाति लिंगभेद धर्म पर्यावरण की पालतु जानवरों प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी शौच स्वच्छता से होगा स्वस्थ्य भारत का नवनिर्माण
राजनीति समाज रामायाण सर्किट का निर्णय एक सार्थक दिशा June 28, 2018 / June 28, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देश में रामायण सर्किट बनाने की दिशा में पहल की है। यह राजनीति में नया सकारात्मक प्रचलन है जिससे हिन्दू पयर्टन को प्रोत्साहन मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी और उनकी सरकार न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि समूचे देश में […] Read more » Featured आध्यात्मिक-धार्मिक योगी आदित्यनाथ रामायाण सर्किट का निर्णय एक सार्थक दिशा श्रीराम हिंदू आस्था
राजनीति समाज देवी पूजक देश और महिला विरोधी देश का तमग़ा June 27, 2018 / June 27, 2018 by निर्मल रानी | 1 Comment on देवी पूजक देश और महिला विरोधी देश का तमग़ा निर्मल रानी ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ जैसी कहावत न केवल हमारे देश की प्राचीन कहावतों में शामिल हैं बल्कि हमारा समाज बहुतायत में इस कहावत को चरितार्थ करता हुआ भी प्राय: दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बातें करते तो सभी सुनाई देते हैं परंतु भारतीय पुरुष प्रधान […] Read more » Featured अफगानिस्तान अफगानिस्तान व पाकिस्तान अरब कांगो देवी पूजक देश और महिला विरोधी देश का तमग़ा पाकिस्तान यमन व नाईजीरिया सीरिया सोमालिया
राजनीति समाज सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे…. June 27, 2018 / June 27, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment देवेंद्रराज सुथार छोड़ो मेहंदी खडक संभालो, खुद ही अपना चीर बचा लो, द्यूत बिछाये बैठे शकुनि, मस्तक सब बिक जायेंगे, सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आयेंगे। किसी कवि की उक्त पंक्तियां आधुनिक परिवेश में महिलाओं की हक़ीक़त बयां करने के लिए सटीक बैठती हैं। जो भारत कभी ”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” […] Read more » Featured अब गोविंद ना आयेंगे.... इंदिरा गांधी चाँद बीबी झांसी दुष्कर्म भारत महिलाओं र नूरजहां रजिया सुल्तान सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो सोनिया गांधी
समाज खूंटी सामूहिक बलात्कार के पीछे चर्च और नक्सलियों का खतरनाक गठजोड़ June 25, 2018 / June 25, 2018 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह झारखंड के खूंटी जिले में पाँच महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं से सामूहिक बलात्कार और पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट एवं उन्हें पेशाब पिलाने का अत्यंत घृणित कृत्य सामने आया है। यह बहुत दु:खद और डरावनी घटना है। पीडि़त महिलाएं एवं पुरुष अनुसूचित जाति-जनजाति समाज से हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग […] Read more » Featured अनुसूचित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई कम्युनिस्ट-नक्सली का खतरनाक गठजोड़ खूंटी सामूहिक बलात्कार के पीछे चर्च और नक्सलियों छत्तीसगढ़ जाति-जनजाति झारखंड बिहार महाराष्ट्र और गुजरात