समाज

साठ में से चार पोस्ट सेक्स पर क्या लिखा हो गया बबाल

अरे , भाई यह क्या गजब हो गया .मैंने तो सेक्स / काम – चर्चा की कड़ियाँ लिखनी शुरू कर दी .अब लोगों को कैसे साबित करूँगा कि मैं ब्लॉग हित ,देश हित ,जन हित …. में लिखता हूँ ! . सेक्स /काम का जन से क्या सरोकार ! कुछ अन्य ब्लॉगर को देखो धर्म -चर्चा में विलीन हैं, अपने -अपने ब्लॉग पर अवतारों की चर्चा करते हैं , और मैं मूढ़ सेक्स की बात करता हूँ ! छि छि छि …..

सेक्स चर्चा (भाग-४)

पिछले दिनों कई पोस्ट में मैंने सेक्स और समाज को मुद्दा बना लिखा .आम तौर पर लोगों ने मज़े लेने के लिए पढ़े और वाहवाही कर चलते बने . हाँ कुछेक साथियों ने बहस में भाग लेने की कोशिश जरुर की जो कामयाब न हो पाई . सेक्स की बात सुन कर हम मन ही मन रोमांचित होते हैं .जब भी मौका हो सेक्स की चर्चा में शामिल होने से नहीं चूकते .इंटरनेट पर सबसे अधिक सेक्स को हीं सर्च करते हैं .