समाज

गालियां या फैशन – हिमांशु डबराल

एक समय था जब भारतीय समाज को उसकी सभ्यता और मधुभाषिता के लिए जाना जाता था। समाज में कोई किसी के लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं करता था और अगर कोई बोल भी…

जनता जमीं पर, नेता आसमां पर – हिमांशु डबराल

जी हां जमीं से आसमां के सफर की ही बात हो रही है। लेकिन आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा की किसका सफर? मैं नेताओं के सफर की बात कर रहा हूं…

साध्वी प्रज्ञा पर जेल में हमला

मालेगांव विस्फोट मामले की एक प्रमुख अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर भायखला जेल में एक कैदी ने हमला बोल दिया, जिससे उनके चेहरे और गले पर चोटें आ गई हैं। प्रज्ञा के वकील…

अ स्टुपिड कॉमन मैन और जूता – जयराम ‘विप्लव’

बिहार के बक्सर संसदीय क्षेत्र का एक गाँव जहाँ मनमोहन और सुशासन बाबु के दावों की कलई खुलती नज़र आती है। बिजली -पानी-सड़क -शिक्षा-रोजगार जैसी आधारभूत जरूरते अधूरी है…

स्वदेशी से स्वावलंबन तक – सुरभि दूबे

योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज का देश को स्वावलम्बन तक ले जाने का जो प्रयाश है वह सचमुच सराहनीय है. आज जब पुरा देश विनाश की राह पर चल पडा है तब स्वामी जी ने…

मैं न रहूँगी दिल्ली में…

मैं यहाँ सब कुछ छोड़ कर आई थी गाँव से। गाँव में मेरे घर की बड़ी सी ज़मीन थी जिन्हें इनके (शौहर की ओर इशारा करते हुए) ताया-आया ने घेर लिया। अब यहाँ से भी भगाया जा रहा है हमें।

मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक–

यह है मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक ! लालकिले से दो-तीन फर्लांग दूर एक मुगलकालीन इलाका है। नाम है- चांदनी चौक। पुरानी दिल्ली का यह तंग इलाका चंद पेचिदां गलियों से घिरा एक बड़ा बाजार है…

सेक्स चर्चा – जयराम ‘विप्लव’

इतनी आपा-धापी और उथल-पुथल भरे राजनितिक व आर्थिक परिदृश्य में बांकी चिन्ताओ से परे ‘सेक्स चर्चा’ -स्त्री विमर्श की आड़ में खूब फल- फूल रहा है। क्या आउटलुक और क्या ब्लॉग!

स्वरोजगारियों का गांव नगला धाकड़

भरतपुर जिले की वैर तहसील की इटामड़ा ग्राम पंचायत के गांव नगला-धाकड़ में रहने वाले धाकड़ जाति के लोगों की आजीविका का मुख्य आधार खेती और पशुपालन रहा है।

गांधी क्यों लौट-लौट आते हैं? – रविकान्त

आशिस नंदी ने अपने एक मशहूर लेख में बताया था कि गांधी को मारनेवाला सिर्फ़ वही नहीँ था जिसकी पिस्तौल से गोली चली थी, बल्कि इस साज़िश को हिन्दुस्तानियोँ के…

शिक्षा का गोरखधंधा – हिमांशु शेखर

देश में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे गोरखधंधे को जानना और समझना हो तो इस दृष्टि से इंदौर के इंस्टीटयूट आफ मैनेजमंेट स्टडीज यानी आईएमएस के एमबीए…

ये हंगामा है क्यों बरपा … – आशीष कुमार ‘अंशु’

आज से छह महीने पहले लोग जिस श्रीराम सेना को जानते भी नहीं थे, आज मीडिया की मेहरबानी से एक जाना पहचाना नाम बन गया है। जरा सोचिए श्रीराम सेना के…