समाज ईमानदारी एक स्वस्थ वैज्ञानिक सोच है April 6, 2015 / April 7, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | 1 Comment on ईमानदारी एक स्वस्थ वैज्ञानिक सोच है अक्सर जब ईमानदारी की बात होती है तो अधिकांश लोग अपने आप को ईमानदार प्रक्षेपित करने में लग जाते हैं जबकि उनके मन में कहीं एक चोर छुपा होता है जिसे वे ढंकने की कोशिश करते दिखते हैं। अब यदि आज की राजनीति की बात करें तो कुछ नगण्य अपवादों को छोड़ आज की राजनीति […] Read more » Featured अशोक खेमका ईमानदारी बेईमानी मोदी की ईमानदारी शैलेन्द्र चौहान
जन-जागरण समाज समाज व्यवस्था और स्त्री April 6, 2015 / November 7, 2016 by शैलेन्द्र कुमार सिंह | Leave a Comment भारतीय समाज व्यवस्था में स्त्री के स्वतंत्र व्यक्तित्व की राह में बाधाएं’ इस पृथ्वी पर सबसे बुद्धिमान प्राणी मनुष्य ही हैl प्रकृति की संरचना में स्त्री-पुरुष का भेद नहीं हैl दोनों अपनी मूल संरचना में स्वतंत्र होते हुए एक-दूसरे के पूरक हैं और समान रूप से सहभागी भीl लेकिन मानव जैसे-जैसे विकास करते गया उसने […] Read more » Featured पुरुषवादी प्राकृतिक अधिकार शैलेन्द्र कुमार सिंह समाज व्यवस्था और स्त्री स्त्री के सम्मान स्वतंत्रता और समानता का अधिकार
जन-जागरण समाज बच्चियों के साथ दरिंदगी पर उदासीनता क्यों April 3, 2015 / April 4, 2015 by रमेश पांडेय | 1 Comment on बच्चियों के साथ दरिंदगी पर उदासीनता क्यों देश में लगातार बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में हुई हाल की घटनाओं ने दरिंदगी की इंतहा पार कर दी है। बावजूद इसके भी सरकारों की तरफ से उदासीनता बरती जा रही है। अगर ऐसे ही रहा तो आने वाले दिनों में सामान्य […] Read more » child sex crime crime against children Featured ramesh pandey उदासीनता बच्चियों के साथ दरिंदगी बच्चियों के साथ दरिंदगी पर उदासीनता क्यों
समाज महिला सशक्तिकरण के नाम पर अभिनेत्रियों का भोंड़ापन April 2, 2015 / April 4, 2015 by रमेश पांडेय | 2 Comments on महिला सशक्तिकरण के नाम पर अभिनेत्रियों का भोंड़ापन समाज का सुन्दर एवं सुव्यवस्थित स्वरुप प्रदान करने में महिला समाज का अद्वितीय स्थान है। शायद इसी वजह से भारतीय संस्कृति मातृ प्रधान है। हमारी संस्कृति में अगर देवताओं के नाम भी लिए जाते हैं तो पहले शक्तिस्वरुपा उनकी पत्नियों के नाम लिए जाते हैं, यथा सीताराम, राधे कृण्ण। वैसे सामाजिक तौर पर भी घर […] Read more » bold actress bold vs necked Featured indian actress woman strenthening ऐक्ट्रेस दीपिका पादुकोण दीपिका का वीडियो दीपिका का वीडियो माई चॉइस दीपिका पादुकोण बॉलिवुड ऐक्ट्रेस दीपिका पादुकोण महिला सशक्तिकरण माई चॉइस रमेश पाण्डेय वीडियो माई चॉइस
पुस्तक समीक्षा प्रवक्ता न्यूज़ समाज साहित्य ऊँटेश्वरी माता का महंत March 26, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on ऊँटेश्वरी माता का महंत मदर टैरेसा पर उठा विवाद अभी थमा भी नही है कि एक ईसाई संगठन से जुड़े कैथोलिक विश्वासी पी.बी.लोमियों की हालही में आई पुस्तक ‘‘ ऊँटेश्वरी माता का महंत” ने ईसाई समाज के अंदर चर्च की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठा दिये है। “ऊँटेश्वरी माता का महंत” र्शीषक से लिखी गई यह पुस्तक एक […] Read more » ईसाई समाज के अंदर चर्च की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल ऊँटेश्वरी माता का महंत” पी.बी.लोमियों मदर टैरेसा पर उठा विवाद अभी थमा भी नही है कि एक ईसाई संगठ कैथोलिक विश्वासी
खान-पान जन-जागरण धर्म-अध्यात्म समाज माता के दूध का ऋण, सत्य धर्म की खोज व उसका पालन March 26, 2015 / March 26, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment अपार ब्रह्माण्ड का एक छोटा सा ग्रह यह पृथिवी लोक सर्वत्र मुनष्यों एवं अन्य प्राणियों से भरा हुआ है। मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जिसे परमात्मा ने बुद्धि तत्व दिया है जो ज्ञान का वाहक है। ईश्वर निष्पक्ष एवं सबका हितैषी है। इसी कारण उसने हिन्दू, मुसलमान व ईसाई आदि मतों के लोगों में किंचित […] Read more »
जन-जागरण समाज तकनीकी ने डाला समाजिक संबन्धों में खलल March 25, 2015 by नीतेश राय | Leave a Comment किसी भी राष्ट्र व पारिवारिक विकास के लिए तकनीकी और शिक्षा दो ऐसे पहिये है , जिनका तेजी के साथ चलना बेहद जरुरी हैं | इस विकास रूपी गाड़ी ने अपनी गति में तेजी के साथ बढ़ोत्तरी की है | इस समय प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा दिया गया नारा “डिजिटल इंडिया” देशवासियों को तकनीकी के […] Read more » तकनीकी तकनीकी ने डाला समाजिक संबन्धों में खलल समाजिक संबन्धों में खलल
जन-जागरण धर्म-अध्यात्म समाज विश्व जल दिवस का भारतीय संयोग March 23, 2015 by अरुण तिवारी | 1 Comment on विश्व जल दिवस का भारतीय संयोग कितना सुखद संयोग है! 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के बहाने हम सब की अपनी एक नन्ही घरेलु ङिया की चिन्ता; देशी माह के हिसाब से चैत्री अमावस्या यानी गोदान का दिन। 21 मार्च को चैत्र मासके शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी मौसमी परिवर्तन पर संयमित जीवन शैली का आग्रह करते नव दिन और […] Read more » जल दिवस विश्व जल दिवस विश्व जल दिवस का भारतीय संयोग
जन-जागरण धर्म-अध्यात्म समाज हमारे माता-पिता और परमात्मा March 21, 2015 / March 21, 2015 by मनमोहन आर्य | 3 Comments on हमारे माता-पिता और परमात्मा मेरे शरीर के माता-पिता अब इस संसार में नहीं हैं। उनसे मैने देहरादून में आज से लगभग 63 वर्ष पूर्व जन्म पाया था। जन्म ही नहीं अपितु मेरा पालन व पोषण भी उन्होंने किया। माता-पिता निर्धन थे। पिता जी श्रमिक थे। माता धार्मिक गृहिणी परन्तु उन्होंने मेरा इतना अच्छा पालन किया कि आज मैं उन्हें […] Read more » हमारे माता-पिता और परमात्मा
समाज “पॉजिटिव मोटिवेशन” को जीवन का हिस्सा बनायें !!! March 20, 2015 by शिवेश प्रताप सिंह | 1 Comment on “पॉजिटिव मोटिवेशन” को जीवन का हिस्सा बनायें !!! मित्रों, अंधरे में यात्रा करने वाला अपनी यात्रा में अक्सर ही दिशाभ्रम का शिकार हो जाता है | शायद हम भी आज के इस यंत्र प्रधान युग में हर काम हम इतनी तेजी से निपटा रहे हैं फिर भी स्वयं के लिए वक़्त नहीं निकाल पा रहे हैं फिर भी अँधेरे में ही भाग रहे […] Read more » पॉजिटिव मोटिवेशन
आलोचना चिंतन जरूर पढ़ें परिचर्चा महत्वपूर्ण लेख महिला-जगत विधि-कानून समाज स्त्री-पुरुष संबंध: पूर्व और पश्चिम March 14, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 8 Comments on स्त्री-पुरुष संबंध: पूर्व और पश्चिम (एक) साहस भीड पर एक पत्थर मार कर कुछ कहना चाहता हूँ, कि रूको मेरी बात सुनो। आज, मैं तालियों के लिए नहीं लिख रहा । वैसे दुःख पर तालियाँ कैसी? एक दुःसाहस ही करता हूँ। यह मेरा अपना दृष्टिकोण है। आज ही सुन लो; कल देर हो जाएगी। एक सुशुप्त ज्वालामुखी देश में उबाल […] Read more » changing woman gender biased gender discourse gender equality live in relation relationship sexual views woman in the modern world womans world स्त्री-पुरुष संबंध: पूर्व और पश्चिम
मीडिया समाज मीडिया में नारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता March 11, 2015 by मनोज कुमार | 3 Comments on मीडिया में नारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मनोज कुमार मानव समाज ने स्वयं को अनुशासित रखने के लिये अधिकार और दायित्व शब्द का निर्माण किया है किन्तु यही दो शब्द वह अपनी सुविधा से उपयोग करता है. पुरुष प्रधान समाज की बात होती है तो अधिकार शब्द प्राथमिक हो जाता है और जब स्त्री की बात होती है तो दायित्व उसके लिये […] Read more » नारी की अभिव्यक्ति नारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मीडिया में नारी की अभिव्यक्ति