विधि-कानून विविधा …अब और न हो सकड़ पर मौत April 4, 2016 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेश हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में जख्मी लोगों को मदद करने और अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को अब पुलिस या अन्य कोई भी अधिकारी द्वारा जांच के नाम पर परेशान नहीं करने संबंधी केंद्र सरकार के जारी दिशानिर्देशों पर मुहर लगाते हुए एक फरमाना जारी किया है। यह सरकार और […] Read more » accidental death on road should be lessen Featured न हो सकड़ पर मौत सकड़ पर मौत
जन-जागरण पर्यावरण विविधा सार्थक पहल मध्यप्रदेश में सफेद बाघ उद्यान का होना April 4, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी लम्बे समय के इंतजार और प्रत्याशाओं के बाद मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पार्क अपने जीवंत रूप को प्राप्त कर गया है। जनता के लिए इसके खुल जाने के बाद यह बात साफ हो गई है कि मध्यप्रदेश की सरकार सिर्फ विकास की बात नहीं करती, उसका ध्यान जैव विविधता और वन्य प्राणी […] Read more » Featured white tiger park in Madhya Pradesh मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में सफेद बाघ उद्यान सफेद बाघ उद्यान
जन-जागरण विविधा क्या बदलेंगी सङकों की तस्वीर ? April 3, 2016 by सुप्रिया सिंह | Leave a Comment कितना अजीब लगता हैं जब हमारे देश में लोग अपना-अपना स्टैंर्ङ दिखाने के लिए चार पहियों की बङी-बङी गाङियों का प्रयोग करते हैं और समझते हैं कि जिसके पास जितनी बङी गाङी होगी वे व्यक्ति अपने आप की नजरों में और समाज की नजरों में उतना ही बङा होगा , जितनी बङी उसकी गाङी हैं […] Read more » Featured सङकों की तस्वीर
मीडिया लेख विधि-कानून विविधा साहित्य तब सम्पादक की जरूरत ही क्यों है ? April 2, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार इस समय की पत्रकारिता को सम्पादक की कतई जरूरत नहीं है। यह सवाल कठिन है लेकिन मुश्किल नहीं। कठिन इसलिए कि बिना सम्पादक के प्रकाशनों का महत्व क्या और मुश्किल इसलिए नहीं क्योंकि आज जवाबदार सम्पादक की जरूरत ही नहीं बची है। सबकुछ लेखक पर टाल दो और खुद को बचा ले जाओ। […] Read more » Featured need of editor तब सम्पादक की जरूरत ही क्यों है
जन-जागरण टॉप स्टोरी विविधा समाज शराबियों को कौन रोकेगा? April 2, 2016 by अश्वनी कुमार, पटना | Leave a Comment सुरा एवं सुंदरी दो चीजें अनादी काल से राजा-महाराजा व धनपतियों के लिए मनोरंजन का सर्वोतम साधन रहा है| मदिरा ने घनानंद जैसे शक्तिशाली राजा को भी अंपने नशे में इतना चूर कर दिया की वह सबकुछ खो बैठा| खैर ये सब तो इतिहास की ज्ञात हकीकत है की शराब पहले अहंकार को जन्म देती […] Read more » ban of alcohol in Bihar Featured बिहार में 1 अप्रैल से शराबबंदी शराबबंदी शराबियों को कौन रोकेगा
विविधा लहू पतला हो गया है March 31, 2016 by हिमांशु तिवारी आत्मीय | Leave a Comment ई ‘गोला’ पर ही कउनो ‘फिरकी’ ले रहा है जाति और धर्म पर उंगलियां उठाते हुए ई गोला पर कउनो फिरकी ले रहा है। कउनों भिड़ाने की कोशिश कर रहा है। वो किसी अउर गोला से नहीं, इसी गोला से है। अब कउन है ये आप समझो। हालांकि है आपके आस-पास ही, हुई सकत है […] Read more » communal death of Dr. Narang Death of dentist Dr. Narang death of Rohith Vemula अखलाक की हत्या लहू पतला हो गया है
जन-जागरण विविधा शिक्षा व रोटी से पहले मिले स्वच्छ पेयजल का अधिकार March 31, 2016 by निर्मल रानी | 1 Comment on शिक्षा व रोटी से पहले मिले स्वच्छ पेयजल का अधिकार निर्मल रानी हमारे देश की विभिन्न राजनैतिक दलों की सरकारें आम लोगों के अधिकारों के लिए लडने का दावा करती सुनाई देती हैं। और समय-समय पर ऐसी लोकलुभावनी योजनाओं का श्रेय लेने में भी राजनेताओं में होड़ मची नजर आती है। कभी जनता को सूचना के अधिकार मिलने की खबर सुनाई देती है तो कभी […] Read more » Featured right to get clean water मिले स्वच्छ पेयजल का अधिकार शिक्षा स्वच्छ पेयजल
पर्यावरण विविधा केरल की पम्पा और दिल्ली की यमुना March 30, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॅा नीलम महेंद्र तारीख 11/3/2016 से 13/3/2016 आर्ट ऑफ लिविंग के अन्तर्गत श्री श्री रवि शंकर द्वारा वर्ल्ड कलचरल फेस्टिवल अर्थात विश्व सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया स्थान -दिल्ली में यमुना नदी के किनारे।यह भारत के लिए गर्व का पल था जिसमें सम्पूर्ण विश्व के 155देशों के 35 लाख से ज्यादा लोगों ने भाग […] Read more » Art of Living Featured NGT केरल की पम्पा दिल्ली की यमुना
विविधा समाज सार्थक पहल पहाड़ी कोरवा की जिंदगी में नई सुबह March 30, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार यह शायद पहला मौका होगा जब पहाड़ी कोरवा आदिवासियों के जीवन में इतनी सारी खुशी उनके हिस्से में आयी है. अब से पहले तक उपेक्षा और तकलीफ के सहारे उनकी जिंदगी बसर हो रही थी. जंगलों पर निर्भर रहने वाले ये पहाड़ी कोरवा की चिंता करती तो हर सरकार दिखती लेकिन कागज पर […] Read more » Chattisgarh Raman Singh Government Featured आदिवासी बच्चियों के लिए शिक्षा का रास्ता पहाड़ी कोरवा की जिंदगी में नई सुबह
जन-जागरण विविधा निजीकरण के दौर में सरकारी स्कूल March 30, 2016 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस सरकारी स्कूल हमारे देश के सावर्जनिक शिक्षा वयवस्था की बुनियाद हैं, ये देश के सबसे वंचित व हाशिये पर पंहुचा दिए गये समुदायों की शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. देश की शिक्षा वयवस्था के निजीकरण और इसे मुनाफा आधारित बना डालने का मंसूबा पाले लोगों के रास्ते में भी सरकारी […] Read more » Featured government schools in the row of privatization निजीकरण के दौर में सरकारी स्कूल सरकारी स्कूलों के निजीकरण
महत्वपूर्ण लेख विविधा शब्द झरना संस्कृति का (२) March 30, 2016 by डॉ. मधुसूदन | 10 Comments on शब्द झरना संस्कृति का (२) डॉ. मधुसूदन सारांश: (९)===>गौ के सन्तान-प्रेम का आदर्श, वत्सलता में, स्थापित कर दिया। (१०)===>वत्स,वत्सा, वत्सिका, वत्सलता या वात्सल्य, वत्सला इत्यादि। (११)===>जो व्यक्ति को ऊपर ना उठाएँ, वह संस्कृति नहीं, विकृति है। (१२)===>वत्स से निर्मित शुद्ध शब्दावली (१३)===>वत्स के प्राकृत रूप: (आठ) भाषा की श्रेष्ठता: कुछ पुनरूक्ति का दोष सहकर कहता हूँ। एक ओर गौ के […] Read more » Featured वत्सा शब्द झरना संस्कृति
महत्वपूर्ण लेख विविधा एक शब्द झरना संस्कृति का (१) March 30, 2016 by डॉ. मधुसूदन | 5 Comments on एक शब्द झरना संस्कृति का (१) -डॉ. मधुसूदन सारांश: (१) ===>शब्दों के मूल ढूंढने का छंद बडा मनोहारी होता है। (२)===>गौ के, बछडे को ही वत्स कहा जाता है। (३)===>सरगम के स्वरों में भी रँभाने के स्वर को स्थान दिया है। (४)===>पाषाण-हृदयी जन अभागे हैं। (५)===>संवेदनक्षम कवि ही, इस भाव को समझ सकता है। (६)===>कितने परदेशी भाषा वैज्ञानिक इस मिठास का […] Read more » Featured एक शब्द झरना संस्कृति का भारत की संस्कृति का सत्यानाश शब्द झरना