विविधा भारत का स्वर्णिम अतीत : लार्ड मैकाले March 28, 2016 / March 28, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी भारत का अतीत स्वर्णिम रहा है। आज से 100-150 साल पहले मैकाले के समय की बात है। उससे भी लगभग 1000 साल पहले भारत के इतिहास को देखने से पता चलता है कि इसकी महत्ता और गौरव को विदेशी विद्वानों ने भी सराहा है। इस पर अनेक शोध तथा रिसर्च भी हुए […] Read more » Featured the glorius past of India भारत का स्वर्णिम अतीत लार्ड मैकाले
विविधा जब मौत ”मजहबी” होने लगे तो क्या होता है ? March 27, 2016 / March 27, 2016 by हिमांशु तिवारी आत्मीय | Leave a Comment बदलते भारत का मतलब कभी कोई आजादी की खातिर अचानक ही सक्रिय हो जाता है तो कोई हत्याओं को मजहबी चश्मे से देखने लगता है। मौत में इंसानियत की हत्या नहीं बल्कि दलित की हत्या के तौर पर सुराग जुटाए जाते हैं। आंदोलन होता है, तख्तियां बनती हैं, मरने वाले व्यक्ति के चित्र के […] Read more » Featured
विविधा लेबर कोर्ट में मनोरंजन वस्तु बना लेबर March 27, 2016 by अरूण पाण्डेय | Leave a Comment अरूण पाण्डेय क्या है गरीब, कैसे चलता है उसका जीवन , कैसे पालता है अपने बच्चों को ,जिन्हें सरकारी में बैठे अधिकारी कैसे निगल जाते है इसका ताजा उदाहरण है दिल्ली का लेबर विभाग। इन्हें बाल मजूदर काम करते नही दिखते, लडकियांे का शोषण नही दिखता और यदा कदा अगर कोई इनके पास पगार न […] Read more » Featured लेबर लेबर कोर्ट लेबर कोर्ट में मनोरंजन वस्तु बना लेबर सरकार मौन
उत्पाद समीक्षा खान-पान जन-जागरण विविधा देशी गाय बनाम विदेशी गाय March 26, 2016 by अनिल गुप्ता | Leave a Comment न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने १९९३ ई. में डायबिटीज (टाइप-१), ऑटो इम्यून रोग, कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी कई बीमारियों की जड़ यूरोपियन गायों का दूध होने का दावा (हाइपोथिसिस)पेश किया है!इस दूध को वे A1 दूध कहते हैं!यूरोपियन गोवंशमें से होल्सटीन, फ्रिजियन, जर्सी, स्विसब्राउन के दूध में BCM 7 जहर होने का मुद्दा उठने के बाद […] Read more » foreigner cows indian cows देशी गाय विदेशी गाय
विविधा राष्ट्र के भीतर एक देश उगने के मायनें March 25, 2016 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment संदर्भ: श्री श्री के आयोजन में सेना का सहयोग अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के अगुआ, अमेरिका के प्रथम उप राष्ट्रपति और दि्वतीय राष्ट्रपति एडम स्मिथ ने कहा था “ध्यान रहे लोकतंत्र चिरायु नहीं होता,यह शीघ्र चूक जाता है , थक जाता है और ख़ुद को क़त्ल कर लेता है. ऐसा कोई अब तक लोकतंत्र नहीं जिसने ख़ुदकुशी न की […] Read more » Featured use of army in art of living programme श्री श्री के आयोजन सेना का सहयोग
जरूर पढ़ें महत्वपूर्ण लेख विविधा विलियम जोन्स का षड्यंत्र March 25, 2016 / March 25, 2016 by डॉ. मधुसूदन | 11 Comments on विलियम जोन्स का षड्यंत्र डॉ. मधुसूदन सारांश: (१) छद्म संस्कृत धर्म ग्रंथ रचा जाए। (२) इसाइया की वाणी (Gospel) का संस्कृत अनुवाद किया जाए। (३) पर उसकी निराशा:==> रोम के मिशन द्वारा, हिन्दू मतांतरित नहीं होंगे। (४) मनु स्मृति में प्रक्षेपित अंश डालना। (५) ग्रंथों को भारत से बाहर भिजवाना (चोरी?) (एक) धर्म को नष्ट, और इतिहास को विकृत […] Read more » Featured भारत की पाण्डुलिपियाँ कैसे चोरी गयी भारत की बौद्धिक संपदा चुराने का षड्यंत्र? मनुस्मृति में बदलाव किए गए रॉयल एशियाटिक सोसायटी का षड्यंत्र विलियम जोन्स संस्कृत की पाण्डु लिपियाँ
विविधा बसंती चोला के दीवाने : भगत-सुखदेव-राजगुरु March 24, 2016 by लखेश्वर चंद्रवंशी | 2 Comments on बसंती चोला के दीवाने : भगत-सुखदेव-राजगुरु (23 मार्च, बलिदान दिवस पर विशेष) ‘एक जीवन और एक ध्येय’ वाले तीन मित्र भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु, इन तीनों की मित्रता क्रांति के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। बसंती चोला के इन दीवानों की ऐसी मित्रता थी जो जीवन के अंतिम क्षण तक साथ थी और बलिदान के बाद भी एक साथ उनका स्मरण किया जाता है। […] Read more » Featured बसंती चोला के दीवाने भगत राजगुरु सुखदे
विविधा अपने रक्त से लिख दी थी जिन्होंने परिभाषा देशभक्ति की March 23, 2016 / March 24, 2016 by नरेश भारतीय | Leave a Comment नरेश भारतीय आज गर्व और श्रद्धा के साथ भारत माता के उन तीन वीरों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के स्मरण का दिन है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए हँसते हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी. ८५ वर्ष पूर्व २३ मार्च १९३१ की संध्या की कल्पना करें जब लाहौर की जेल में […] Read more » Featured shahid bhagat singh अपने रक्त से लिख दी थी जिन्होंने परिभाषा देशभक्ति की देशभक्ति की परिभाषा
विविधा होली ने भरा विधवाओं के जीवन में रंग March 23, 2016 by उमेश चतुर्वेदी | Leave a Comment वृंदावन का गोपीनाथ मंदिर इक्कीस मार्च को नई परंपरा का गवाह बना…सदियों से जिंदगी के रंगों से दूर रही विधवाओं की जिंदगी तब रंगीन हो उठी…जब करीब पंद्रह कुंतल गुलाब की पंखुरियों और बारह कुंतल गुलाल मंदिर के सुविस्तारित प्रांगण में उड़ने-बिखरने लगे। सिर्फ सफेद साड़ी में लिपटी रहने वाली हजारों विधवाओं ने जमकर गुलाल […] Read more » Featured होली
विविधा यम-यमी का वैदिक स्वरूप March 22, 2016 / March 22, 2016 by शिवदेव आर्य | 2 Comments on यम-यमी का वैदिक स्वरूप शिवदेव आर्य प्रत्येक मनुष्य समाज को एक नई दिशा व दशा देने की पूर्णरूपेण योग्यता रखता है।अब दिशा व दशा कैसे हो, यह दिशा व दशा दिखाने वाले पर आश्रित है, वह अपने ज्ञान के आलोक से मार्गप्रशस्त करता है अथवा ज्ञान के आलोक के अभाव में सत्य मार्ग से हटा कर असत्य मार्ग […] Read more » Featured यम-यमी यम-यमी का वैदिक स्वरूप
विविधा वर्तमान शिक्षा नीति में बदलाव आवश्यक March 22, 2016 / March 22, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 2 Comments on वर्तमान शिक्षा नीति में बदलाव आवश्यक सुरेश हिंदुस्थानी वर्तमान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जो चित्र और चरित्र दिखाई दे रहा है, उसमें निश्चित रूप से देश में प्रदान की जा रही शिक्षा का बहुत बढ़ा योगदान है। देश में अभी जो शिक्षा प्रदान की जा रही है, वह मानकों के हिसाब से भारतीय नीति के अनुरूप नहीं कही जा सकती। […] Read more » Featured अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वर्तमान शिक्षा नीति शिक्षा नीति में बदलाव
विविधा श्रीकृष्ण की दीवानी मीरा March 20, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित मोरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोय जैसे भजनों से कृष्णभक्तों को सराबोर कर देने वालेी महान कवयित्री व कृष्णभक्त मीराबाई का जन्म राजस्थान में संवत् 1504 यानही 23 मार्च 1498 को को जोधपुर के कुरकी गांव में राव रतनसिंह के घर हुआ था। हिंदी में रसपूर्ण भजनों को जन्म देने का श्रेय […] Read more » great disciple of shri krishna Meera मीरा श्रीकृष्ण की दीवानी