विविधा ‘‘वेलेनटाइन-डे’’ : पश्चिम का बयार February 12, 2018 by संजय चाणक्य | Leave a Comment संजय चाणक्य ‘‘बहुत धोखा देते हैं मोहब्बत में हुस्न वाले ! इन हसीनो पर भूल कर भी ऐतबार न कर !!’’ यह कैसा र्दुभाग्य है,हम हिन्दवासियों के लिए! अपनों की जयन्ती और दिवस मनाने की न तो फुर्सत है न ही ललक! लेकिन पश्चिमी सभ्यता की कोख से उत्पन्न ‘‘वेलेनटाइन-डे’’मनाने के लिए हिन्द के बाशिन्दे […] Read more » love in west Valentine Day वेलेनटाइन
महिला-जगत विविधा मातृत्व स्वास्थ्य का लक्ष्य और चुनौतियां February 12, 2018 by उपासना बेहार | Leave a Comment उपासना बेहार न्यूयार्क में 24 सितम्बर 2015 को 193 देशों के नेताओं की बैठक हुई जिसे यू. एन. सस्टेनेबल डेवलपमेंट समिट कहा गया। समिट में 2030 तक के लिए एजेंडा तय किया गया है. ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (सतत विकास लक्ष्य) में 17 मुख्य विकास लक्ष्यों तथा 169 सहायकलक्ष्यों को निर्धारित किया गया है. जो P5 (People, Planet, Peace, Prosperous और Partnership पर जोर देता है, इसे ग्लोबल गोल भी कहा जाता है। इसे “हमारी दुनिया का रूपांतरण : सतत विकास के लिए 2030 का एजेंडा” (Transforming Our World : The 2030 Agenda for Sustainable Development) नाम दिया गया है, जिसका आधार सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य(Millinum Development Goal) है और इसकी समयसीमा 2015-30 तक है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल के 17 गोल में से गोल 3 का उद्देश्य सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना है जिसमें मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना प्रमुख लक्ष्य हैं। दुनिया के परिदृश्य में मातृत्व स्वास्थ्य वर्तमान में पूरी दुनिया के परिदृश्य में मातृत्व स्वास्थ्य की स्थिति को देखें तो मातृ मृत्यु दर में 45 प्रतिशत की कमी आई है.। साऊथ एशिया में मातृ मृत्यु दर 1990 से 2013 में 64 प्रतिशत कम हुआ है। इसी दौरान सब सहारन अफ्रीका में मातृ मृत्यु दर 49 प्रतिशत कम हुआहै। नार्थ अफ्रीका में गर्भवती महिला का प्रसव पूर्व जाँच (कम से कम 4 बार) जहाँ 1990 में 50 प्रतिशत था वो 2014 तक 89 प्रतिशत हुआ है। गर्भनिरोधक का उपयोग पूरी दुनिया में बढ़ा है और 2014 में 64 प्रतिशत महिलायें इसका उपयोग कर रही हैं. भारत में मातृत्व स्वास्थ्य 2015 में आई सयुंक्त राष्ट्र एजेंसी और वर्ल्ड बैंक की सांझा रिपोर्ट के अनुसार देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से होने वाली गर्भवती महिलाओं की मृत्यु 1 लाख 36 हजार है। रिपोर्ट के अनुसार देश में 20 प्रतिशत महिलाओं की मृत्यु खून की कमी से और 10 प्रतिशत मौतेंगर्भपात से सम्बंधित जटिलताओं के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी आकंड़ों के अनुसार भारत में 1 घंटे में 5 महिलाओं की मौत हो जाती है इसका सबसे बड़ा कारण प्रसव के बाद रक्तस्राव और इस पर नियत्रंण न होना है. ग्लोबल न्यूट्रीशन रिपोर्ट, 2017 (जीएनआर) की रिपोर्ट के अनुसार एनीमिया से जूझ रही महिलाओं की लिस्ट में भारत सबसे ऊपर है। प्रजनन उम्र में पहुंचने वाली महिलाओं में से आधी से ज्यादा महिलाओं में (51 प्रतिशत) खून की कमी (एनीमिया) है। ऐसी महिलाएं जबगर्भवती होती हैं, तब जच्चा-बच्चा दोनों के लिए खतरनाक होता है. वही प्रिंस्टन विश्वविद्यालय के रुडो विल्सन स्कूल ऑफ पब्लिक एंड इंटरनेशनल अफेयर्स के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि भारतीय महिलाएं जब गर्भवती होती हैं तो उनमें से 40 फीसदी से अधिक गर्भवती महिलाऐं सामान्य से कम वजन (औसतन 7 कि.ग्रा.) कीहोती हैं, जो गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ-साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा होता है। इसी प्रकार यूनिसेफ की रिर्पोट ‘एंडिंग चाइल्ड मैरिज-प्रोग्रेस एंड प्रोस्पेक्ट 2014’ के अनुसार दुनिया की हर तीसरी बालिका वधू भारत में है। बाल विवाह के कारण बच्चियां कम उम्र में गर्भवती हो जाती हैं जिससे उनकी मृत्यु, गर्भपात में वृद्धि, कुपोषित बच्चों का जन्म, मातामें कुपोषण, खून की कमी होना, शिशु मृत्यु दर, माता में प्रजनन मार्ग संक्रमण यौन संचारित बीमारिया बढ़ती हैं। स्वास्थ सुविधाओं की कमी देश में शहरों की तुलना में गावों में स्वास्थ सुविधाएं अच्छी नही है। 2011 के ग्रामीण स्वास्थ्य आंकड़ों को देखें तो गावों में 88 फीसदी विशेषज्ञ डाक्टरों तथा 53 फीसदी नर्सों की कमी है। शहरों में 6 डाक्टर प्रति दस हजार जनसंख्या में हैं वही ग्रामीण में यह 3 डाक्टर प्रतिदस हजार जनसंख्या में है। संस्थागत डिलेवरी की स्थिति देखें तो एन.एफ.एच.एस.-4 के अनुसार 78.9 गर्भवती महिलाओं की संस्थागत डिलेवरी हुई है। […] Read more » Featured Goals and Challenges of maternal health Maternal Health जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जननी सुरक्षा योजना प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना मातृत्व स्वास्थ्य
विविधा भारत के पुनरुत्थान की सुबुगाहट का आख्यान February 10, 2018 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला खबर है कि आगामी अप्रेल महीने में महाकाल की नगरी उज्जैन में एक ऐसा अद्भूत कार्यक्रम सम्पन्न होने जा रहा है, जिससे देश-दुनिया के लोग पृथवी के सर्वाधिक पुरातन-सनातन राष्ट्र ‘भारतवर्ष’ को ‘परम वैभव’ का अभीष्ट सिद्ध करने के निमित्त भारतीय पैरों पर पुनः खडा हो उठने का बौद्धिक उद्यम करते देख सकेंगे […] Read more » Featured India India's Resurrection Saga Sublimation of India's Resurrection Saga भारत भारत के पुनरुत्थान भारत के पुनरुत्थान की सुबुगाहट
विविधा शिव हैं निर्माण एवं नव-जीवन के प्रेरक February 10, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment महाशिवरात्रि- 13 फरवरी 2018 पर विशेष -ः ललित गर्ग:- भगवान शिव आदिदेव है, देवों के देव है, महादेव हैं। सभी देवताओं में वे सर्वोच्च हैं , महानतम हैं , दुःखों को हरने वाले हैं । वे कल्याणकारी हंै तो संहारकर्ता भी हैं। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुण मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है, जो शिवत्व का जन्म […] Read more » Creation Featured new life.शिव हैं निर्माण Shiva is the inspiration Shiva is the inspiration for creation and new life शिव शिव हैं नव-जीवन के प्रेरक
विविधा मेरी नदी यात्रा February 10, 2018 by अरुण तिवारी | Leave a Comment मेेरी जङें, उत्तर प्रदेश के जिला-अमेठी के एक गांव में हैं। मेरे गांव के दक्षिण से घूमकर उत्तर में फिर दर्शन देने वाली मालती नाम की नदी बहती है। जब भी गांव जाता हूं, इससे मुलाकात होती ही है। बचपन से हो रही है। दिल्ली में पैदा हुआ। पांचवीं के बाद सिविल लाइन्स में आई पी काॅलेज के […] Read more » Featured नदी यात्रा
विविधा अब निर्माणाधीन फिल्म रानी लक्ष्मीबाई पर विवाद February 8, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ: झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर निर्माणाधीन फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन आॅफ झांसी‘ पर विवाद- प्रमोद भार्गव अभी पदमावती बनाम ‘पद्मावत‘ फिल्म पर चला विवाद पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है कि देश के 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की नायिका रहीं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर निर्माणाधीन फिल्म ‘मणिकर्णिका- द क्वीन आॅफ झांसी‘ […] Read more » ‘मणिकर्णिका-द क्वीन आॅफ झांसी‘ Featured झांसी की रानी निर्माणाधीन फिल्म मणिकर्णिका लक्ष्मी बाई
विविधा उच्च शिक्षा की चुनौतियां: स्वायत्तता, एकरूपता एवं गुणवत्ता February 5, 2018 by प्रो. एस. के. सिंह | Leave a Comment भारतीय संविधान की समवर्ती सूची में जिन विषयों को रखा गया है उन विषयों पर संघ एवं राज्य दोनों को कानून बनाने का अधिकार है। शिक्षा के समवर्ती सूची में होने के कारण कुछ विषयों पर शिक्षा से संबंधित नियमों में कभी-कभी केन्द्र एवं राज्य दोनों में एकरूपता नजर नहीं आती है, जिसकी परिणति कई […] Read more » Autonomy Challenges of higher education Featured Net qualified quality UGC uniformity उच्च शिक्षा की चुनौतियां एकरूपता गुणवत्ता स्वायत्तता
विविधा मासिक धर्म : आखिर चुप्पी कब तक ? February 5, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होने के बावजूद भारत में पैड एक महंगी वस्तु है। यह अजीब है कि स्वच्छता अभियान चलाने वाले भारत में सैनिटरी पैड पर जीएसटी लगाकर 12 फीसदी टैक्स लगाया जाता है, लेकिन झाड़ू करमुक्त है, क्योंकि यहाँ अपने शरीर को साफ रखने से ज्यादा महत्वपूर्ण अपने घर को साफ रखना […] Read more » Featured importance of periods menstrual cycle Sanitary napkins पीरियड्स मासिक धर्म
विविधा अस्पताल में भ्रष्टाचार एक बदनुमा दाग January 31, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – आजकल देश में भ्रष्टाचार सर्वत्र व्याप्त है। एक तरह से भ्रष्टाचार शिष्टाचार हो गया है। ऐसे-ऐसे घोटाले, काण्ड एवं भ्रष्टाचार के किस्से उद्घाटित हो रहे हैं जिन्हें सुनकर एवं देखकर शर्मसार हो जाते हैं। समानांतर काली अर्थव्यवस्था इतनी प्रभावी है कि वह कुछ भी बदल सकती है, बना सकती है और […] Read more » Corruption Corruption in the hospital Corruption in the hospital a stain Corruption in the hospital is a fine stain Featured hospital अस्पताल आॅल इंडिया मेडिकल इंस्टीच्यूट भ्रष्टाचार सफदरजंग अस्पताल
विविधा आजादी की अभिव्यक्ति या अभिव्यक्ति की आजादी? January 30, 2018 by अखिलेश आर्येन्दु | Leave a Comment अखिलेश आर्येन्दु आए दिन जिस भाषा का इस्तेमाल नेताओं, मज़हब और जाति के ठेकेदारों और मीडिया के जरिए होता है वह वाकई में लोकतंत्र के लिए बहुत चिंता की बात है। चिंता की बात इस लिए भी है कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी केे नाम पर कुछ भी कहने-सुनने की छूट मिलने की वजह […] Read more » Featured freedom of expression अभिव्यक्ति अभिव्यक्ति की आजादी आजादी की अभिव्यक्ति
लेख विविधा साहित्य संघ मेरी आत्मा – श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की आत्मकथा के अंश January 30, 2018 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मेरा प्रथम संपर्क 1 9 3 9 में हुआ और वह भी आर्य समाज की युवा शाखा, आर्य कुमार सभा के माध्यम से | उन दिनों ग्वालियर रियासत थी, जो किसी भी प्रांत का हिस्सा नहीं थी। एक कट्टर ‘सनातती’ परिवार से होने के बाद भी मैं आर्य कुमार सभा के […] Read more » Featured RSS my soul श्री अटल बिहारी वाजपेयी श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की आत्मकथा के अंश संघ मेरी आत्मा
विविधा संविधान सभा में सरदार पटेल का वह अविस्मरणीय भाषण January 29, 2018 by राकेश कुमार आर्य | 5 Comments on संविधान सभा में सरदार पटेल का वह अविस्मरणीय भाषण राकेश कुमार आर्य सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय स्वातंत्र्य समर के एक दैदीप्यमान नक्षत्र हैं। उनकी स्पष्टवादिता और कड़े निर्णय लेने में दिखायी जाने वाली निडरता आज तक लोगों को रोमांचित कर देती है। बात उस समय की है जब देश की संविधान सभा में संयुक्त निर्वाचन पद्घति पर बहस चल रही थी। तब श्री नजीरूद्दीन […] Read more » Featured मुस्लिम तुष्टिकरण के प्रति कड़े दृष्टिकोण सरदार पटेल सरदार पटेल की स्पष्टवादिता संविधान सभा