राजनीति झारखंड : – – – – अंजामे गुलिस्तां क्या होगा ?

झारखंड : – – – – अंजामे गुलिस्तां क्या होगा ?

ईसाइयत की मार झेलते हुए झारखंड ने अपना निर्णय दे दिया है । देश के कई लोगों के लिए यह खुशी का विषय है कि…

Read more
लेख सेना को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएंगे सेना प्रमुख नरवणे

सेना को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाएंगे सेना प्रमुख नरवणे

– योगेश कुमार गोयल             नए साल के ठीक एक दिन पहले 31 दिसम्बर को देश के 28वें थलसेना अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने…

Read more
जन-जागरण पर्यावरण  संतुलन बिगाड़ने में इंटरनेट की भूमिका!

पर्यावरण संतुलन बिगाड़ने में इंटरनेट की भूमिका!

लिमटी खरे ट्वंटी ट्वंटी यानी सन 2020 आरंभ हो गया है। विजन 2020 को लेकर न जाने कितने सपने दिखाए गए थे इक्कीसवीं सदी के…

Read more
विश्ववार्ता देश में अमनचैन भाईचारा और तरक्की के नये आयाम स्थापित करने वाला हो अंग्रेजी नववर्ष 2020

देश में अमनचैन भाईचारा और तरक्की के नये आयाम स्थापित करने वाला हो अंग्रेजी नववर्ष 2020

दीपक कुमार त्यागीआज अंग्रेजी नववर्ष 2020 का आगमन है, पिछले कुछ दिनों से  हर किसी को नववर्ष का बेहद बेसब्री इंतजार है। लोग कड़ाके की…

Read more
लेख राधेश्याम शर्मा होने का मतलब

राधेश्याम शर्मा होने का मतलब

एक ध्येयनिष्ठ पत्रकार, संवेदनशील मनुष्य के रूप में याद किया जाएगा उन्हें -प्रो. संजय द्विवेदी      इस साल का दिसंबर महीना जाते-जाते एक ऐसा आघात…

Read more
कविता कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष

कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष

शिक्षा से रहे ना कोई वंचित संग सभी के व्यवहार उचित रहे ना किसी से कोई कर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष भले भरत…

Read more
कविता क्यों हुये डाक्टर लुटेरा एक समान

क्यों हुये डाक्टर लुटेरा एक समान

ओ नाच जमूरे छमा-छम, सुना बात पते की एकदम हाथपैर में हड़कन होती है, सर में गोले फूटे धमा-धम आं छी जुकाम हुआ या सीने…

Read more
विश्ववार्ता नये वर्ष में भारत को नया रंग दें

नये वर्ष में भारत को नया रंग दें

ललित गर्ग जीवन में मौसम ही नहीं बदलता माहौल, मकसद, मूल्य और मूड सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में बदलता है। और ये बदलते…

Read more
व्यंग्य ब्रज नही बचो कान्हा के समय जैसों

ब्रज नही बचो कान्हा के समय जैसों

(ब्रजदर्शन के बाद ) जे वृन्दावन धाम नहीं है वैसो, कान्हा के समय रहो थो जैसो समय बदलते सब बदले हाल वृन्दावन हुओ अब बेहाल।…

Read more
कविता काल व्यूह से लड़ना होगा !

काल व्यूह से लड़ना होगा !

यह पुण्य भूमि है ऋषियों की,जहां अभूतपूर्व वीरता त्याग की धारखंडित भारत आज खंड खंड ,दे रही चुनौती कर सहर्ष स्वीकार !दग्ध ज्वाल विकराल फैला,कर…

Read more
कविता कब होगी सुख की भोर

कब होगी सुख की भोर

कह रहे है माता-पिता अब जीवन कितना बाकी है कब तक धड़केगा यह दिल और कितनी साॅसें बाकी है। बेटा बहू पोता नहीं आते ममता…

Read more
राजनीति कुर्सी की राजनीति में उलझी पत्रकारिता का हुआ चीरहरण

कुर्सी की राजनीति में उलझी पत्रकारिता का हुआ चीरहरण

कौरवों की राजसभा में द्रौपदी को उसकी इच्छा के विरूद्घ लाया गया था जबकि वह रजस्वला थी और उसे परपुरूष द्वारा हाथ लगाना ही अपने…

Read more