कविता ये पत्रकार बड़े है

ये पत्रकार बड़े है

शहर में इनकी खूब चर्चा है अतिक्रमण हटाने वाली टीम के अधिकारियों से चलता खर्चा है। ये शौकीनमिजाज है सभी जगह खबू चरते-फिरते है सांडों…

Read more
कविता हम जो छले, छलते ही गये

हम जो छले, छलते ही गये

15 अगस्त की वह सुबह तो आयी थी जब विदेशी आंक्रान्ताओं से हमें शेष भारत की बागड़ोर मिली हम गुलाम थे, आजाद हुये आजादी के…

Read more
राजनीति परिवारवाद और तुष्टीकरण तक सिमटी कांग्रेस

परिवारवाद और तुष्टीकरण तक सिमटी कांग्रेस

दुलीचंद कालीरमन भारतीय लोकतंत्र की सबसे प्राचीन पार्टी कांग्रेस में नेतृत्व की समृद्ध परंपरा रही है. लेकिन आज जब 2019 में कांग्रेस की 135 साल…

Read more
लेख संजीवनी की तलाश में दिख रही भारतीय रेल!

संजीवनी की तलाश में दिख रही भारतीय रेल!

लिमटी खरे सरकारी व्यवस्थाओं का निजिकरण करना हुक्मरानों के लिए बहुत ही आसान काम है। इससे अपने किसी चहेते को लाभ पहुंचाने के मार्ग आसानी…

Read more
राजनीति सत्ता की सवारी पर सोरेन सवार।

सत्ता की सवारी पर सोरेन सवार।

राजनीति में कुछ भी स्थाई नहीं होता राजनीति की प्रयोगशाला में यह एक बार फिर सत्य साबित हुआ। झारखण्ड के चुनाव में जिस प्रकार से…

Read more
विश्ववार्ता देश बिलखता रहा; सोच बदलती रही

देश बिलखता रहा; सोच बदलती रही

अनिल अनूप हर रोज सुबह होने के बाद कैलेंडर की तारीख भी बदल जाती है। ऐसे ही दिन, हफ्ते, महीने और साल बीत जाते हैं।…

Read more
व्यंग्य डर दा मामला है

डर दा मामला है

“सबसे विकट आत्मविश्वास मूर्खता का होता है ,हमें एक उम्र से मालूम है –हरिशंकर परसाई”। फिल्मों की “द फैक्ट्री “चलाने वाले निर्देशक राम गोपाल वर्मा…

Read more
कविता संघातों में सदा अविचल होना !

संघातों में सदा अविचल होना !

तुम वीरता के दृढ़ प्रतिमान , कभी नहीं धीरज खोना ! कंटक राहें हों दुर्निवार , न भयभीत कहीं रुकना-झुकना ! तुम वीर प्रहरी पुण्यभूमि…

Read more
कविता विनय

विनय

ईश्वर ! तुमने हमे दिया है सुंदर सा एक शरीर स्वस्थ सभी अंग दिए है ये अपनी जागीर हमको दो आँखे दी तुमने देख-भाल कर…

Read more
विश्ववार्ता प्राकृतिक आपदाएं:- कितनी प्राकृतिक कितनी मानवीय

प्राकृतिक आपदाएं:- कितनी प्राकृतिक कितनी मानवीय

  सभी आपदा मनुष्य द्वारा उत्पन्न माने जा सकते हैं। क्योंकि कोई भी खतरा विनाश में परिवर्तित हो, इससे पहले मनुष्य उसे रोक सकता है। सभी…

Read more
राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आक्रमण

लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आक्रमण

     एक अज्ञात के अनमोल वचन “असल दोष यह है कि दोषों को सुधारने की कोशिश ही न की जाए।” दोषों को सुधारने व समस्याओं…

Read more
राजनीति विचारधारा के दोराहे पर कांग्रेस

विचारधारा के दोराहे पर कांग्रेस

अरविंद जयतिलक 28 दिसंबर 1885 का वह दिन जब भारतीय राष्ट्रीय कांगे्रस का जन्म हुआ। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल…

Read more