कविता बुढ़ापे पर सवार अजगर

बुढ़ापे पर सवार अजगर

आत्माराम यादव पीव बड़ी मासूमियत से बुजुर्ग पिता ने कहा- बेटा] बुढ़ापा अजगर सा आकर मेरे बुढ़ापे पर सवार हो गया है जिसने जकड़ रखे…

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कविता सोफे का दर्द

सोफे का दर्द

आत्माराम यादव पीव मैं अपने सोफे पर बैठा मोबाईल में डूबा हुआ था और ढूंढ रहा था पसंद की रिंगटोन चिड़ियों की चहकने-फुदकने कोयल-बुलबुल की…

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कविता मानव ही मानवता को शर्मसार करता है

मानव ही मानवता को शर्मसार करता है

मानव ही मानवता को शर्मसार करता है सांप डसने से क्या कभी इंकार करता है उसको भी सज़ा दो गुनहगार तो वह भी है जो…

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धर्म-अध्यात्म हमें ईश्वर के सत्यस्वरूप की ही उपासना करनी चाहिये असत्य की नहीं

हमें ईश्वर के सत्यस्वरूप की ही उपासना करनी चाहिये असत्य की नहीं

-मनमोहन कुमार आर्य                किसी भी वस्तु या पदार्थ का स्वरूप कुछ विशिष्ट गुणों को लिये हुए होता है। उन गुणों को जानकर उसके अनुरूप…

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कहानी हमशक्ल

हमशक्ल

हे ईश्वर किस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। कटक के बाद जिस चेहरे को बामुश्किल से भूल पाया था, आज फिर से हूबहू मेरे…

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व्यंग्य मेरा वो मतलब नहीं था

मेरा वो मतलब नहीं था

“जामे जितनी बुद्धि है,तितनो देत बतायवाको बुरा ना मानिए,और कहाँ से लाय” देश में धरना -प्रदर्शन से विचलित ,और अपनी उदासीन टीआरपी से खिन्न फिल्म…

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कविता कहाँ गये भवानीप्रसाद मिश्र के ऊँघते अनमने जंगल

कहाँ गये भवानीप्रसाद मिश्र के ऊँघते अनमने जंगल

भवानीप्रसाद मिश्र ने देखे थे सतपुड़ा के घने जंगल नींद में डूबे हुये मिले थे वे उॅघते अनमने जंगल। झाड़ ऊॅचे और नीचे जो खड़े…

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विश्ववार्ता विश्व हिंदी दिवस और हिंदी भाषा

विश्व हिंदी दिवस और हिंदी भाषा

किसी भी समाज के समुदाय ,वर्ग ,राष्ट्र की एक अपनी भाषा और बोली होती हैं ।भाषा और बोली से मानव  के समाज और संस्कृति  की…

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पर्व - त्यौहार विश्व मानवता का उत्सव: मकर संक्रांति

विश्व मानवता का उत्सव: मकर संक्रांति

सुरेन्द्र नाथ गुप्ता संक्रान्ति का अर्थ है, ‘सूर्य का एक राशि से अगली राशि में संक्रमण (जाना)’। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का…

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धर्म-अध्यात्म वेदों को हानि उन ब्राह्मण पण्डितों से हुई जिन्होंने सत्य वेदार्थ का अनुसंधान एवं प्रचार नहीं किया

वेदों को हानि उन ब्राह्मण पण्डितों से हुई जिन्होंने सत्य वेदार्थ का अनुसंधान एवं प्रचार नहीं किया

-मनमोहन कुमार आर्य,        वेदों का आविर्भाव सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा से हुआ था। सृष्टि के आरम्भ में न कोई भाषा थी न ही…

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राजनीति निर्भया मामला : जरूरत है न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने की

निर्भया मामला : जरूरत है न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने की

लिमटी खरे रूपहले पर्दे पर अनेक चलचित्रों में देश की न्याय व्यवस्था को आईना दिखाया जाता है। तारीख पर तारीख मिलने की बातों से आम…

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लेख जब महावीर हनुमान ने सीता,लक्ष्‍मण,भरत के प्राणों की रक्षा की

जब महावीर हनुमान ने सीता,लक्ष्‍मण,भरत के प्राणों की रक्षा की

       गोस्‍वामी तुलसीदास रचित श्रीरामचरित्र मानस रामायण में महावीर हनुमान के अनेक स्‍वरूप के दर्शन होते हैं। जहॉ मारूति, आंजनेय,बजरंगवली, महावीर,हनुमान  जैसे अनेक नामों से…

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