कविता आज उस में सब समा गया है !

आज उस में सब समा गया है !

(मधुगीति १९०८१९ अग्रसु)  आज उस में सब समा गया है, आज रब उस में रम गया है; आज रव अविरत हो गया है, आज रवि…

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राजनीति क्या सिंधिया भी छोड़ रहे है कांग्रेस का कुनबा???

क्या सिंधिया भी छोड़ रहे है कांग्रेस का कुनबा???

*मप्र में सिंधिया के बीजेपी में जाने की सियासी खबरों के निहितार्थ* *सोशल मीडिया और अखबारों में आ रही खबरों पर सिंधिया की चुप्पी चर्चा…

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लेख मोब लिंचिंग

मोब लिंचिंग

असहिष्णुता एवं माब लिंचिंग का सच मोदी सरकार के पहले दौर से लेकर दूसरे दौर की शुरूआत मोब भी असहिष्णुता और माब लिंचिंग की बात…

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चिंतन “ऋषि दयानन्द संसार में सबसे महान एवं सर्वोत्तम मनुष्य थे”

“ऋषि दयानन्द संसार में सबसे महान एवं सर्वोत्तम मनुष्य थे”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य वह होता है जो अपने सभी निर्णय व कार्य मनन करके करता हे। मनुष्य का शिशु के रूप में अपनी…

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लेख एक थी धारा-370

एक थी धारा-370

दुलीचंद कालीरमन जब से राजनीतिक रूप से होश संभाला था | भारत की राजनीतिक व्यवस्था पढ़ते- पढ़ते एक शब्द कान में शीशे की तरह पड़ता…

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लेख जीवन के सही उद्देश्यों की तलाश करें

जीवन के सही उद्देश्यों की तलाश करें

-ललित गर्ग- जीवन का सार है प्रसन्नता और प्रगति। हममें से हर कोई प्रसन्न रहना एवं प्रगति करना चाहता है। हम जब आसपास देखते हैं…

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लेख “आओ! आर्यसमाज के सत्संग में चलें जहां जाने से अनेक लाभ होते हैं”

“आओ! आर्यसमाज के सत्संग में चलें जहां जाने से अनेक लाभ होते हैं”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। मनुष्य सामाजिक प्राणी है। यह अकेला नहीं रह सकता। घर पर माता-पिता, भाई-बहिन, पत्नी, सन्तानें आदि पारिवारिक सदस्य होते हैं। घर…

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लेख जाकिर के विषवमन का खतरनाक होना

जाकिर के विषवमन का खतरनाक होना

 ललित गर्ग –भारत में साम्प्रदायिक सौहार्द एवं आपसी भाईचारें की तस्वीर को रौंदने वाले, हमेशा ही विवादों को अपने साथ लेकर चलते वाले एवं खुद…

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व्यंग्य तब क्यों नहीं ,(व्यंग्य)

तब क्यों नहीं ,(व्यंग्य)

“ये जमीं तब भी निगल लेने को आमादा थीपाँव जब जलती हुई शाखों से उतारे हमने इन मकानों को खबर है ना मकीनों को खबर उन दिनों…

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लेख ज्ञानोत्सव : भारतीयता का गौरव बोध कराने वाली होनी चाहिए नयी शिक्षा नीति

ज्ञानोत्सव : भारतीयता का गौरव बोध कराने वाली होनी चाहिए नयी शिक्षा नीति

समग्र शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होनी चाहिए  — बृजनन्दन राजू  देश को आजादी मिलने के बाद जिनके हाथ में सत्ता की बागडोर आयी। उनके मन…

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लेख “देश में भारी वर्षा से बाढ़ की स्थिति पर मनुष्य का वश नहीं”

“देश में भारी वर्षा से बाढ़ की स्थिति पर मनुष्य का वश नहीं”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आजकल वर्षा ऋतु चल रही है। देश भर में वर्षा हो रही है और देश के अधिकांश भागों में वर्षा से…

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लेख छोटे मुंह से बड़ी बड़ी बातें ?

छोटे मुंह से बड़ी बड़ी बातें ?

तनवीर जाफ़री बुज़र्गों से एक कहावत बचपन से ही सुनते आ रहे हैं कि “पहले तोलो फिर बोलो”। इस कहावत का अर्थ यह है कि किसी…

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