करवा चौथ
Updated: October 12, 2019
आजकल त्यौहारों का मौसम है। एक के बाद एक त्यौहार… इस कड़ी में अब करवा चौथ आने वाली है। हर त्यौहार की तरह इस त्यौहार…
Read more
दृढ़ और सौम्य राजनेता: राजमाता विजयाराजे सिंधिया
Updated: October 12, 2019
राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 100वीं जयंती पर स्मरण आलेख विवेक कुमार पाठक राष्ट्रवादी विचारधारा से लेकर जनसंघ से जन्मी और राजमाता द्वारा पाली पोसी गई…
Read more
स्वेच्छा से ही घटेगा प्लास्टिक का उपयोग
Updated: October 12, 2019
– योगेश कुमार गोयल केन्द्र सरकार द्वारा प्रदूषण पर रोकथाम तथा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभी ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ (एकल उपयोग वाली…
Read more
मनमानी अब और नहीं
Updated: October 11, 2019
इ. राजेश पाठक सन २००८ में अमेरिका एक आर्थिक मंदी के दौर से गुजर चुका है. अपनी बहुचर्चित किताब, ‘मुद्रा की माया:विश्व का…
Read more
वैदिक धर्म क्यों महान है?
Updated: October 11, 2019
–मनमोहन कुमार आर्य, संसार में अनेक मत-मतान्तर प्रचलित हैं जो विगत पांच सौ से पांच हजार वर्षों में उत्पन्न हुए हैं। इन मतों ने…
Read more
विजय-उद्बोधन के विजयी स्वर
Updated: October 11, 2019
ललित गर्ग अस्तित्व को पहचानने, दूसरे अस्तित्वों से जुड़ने, राष्ट्रीय पहचान बनाने और अपने अस्तित्व को राष्ट्र एवं समाज के लिये उपयोगी बनाने के लिये…
Read more
निराकार ईश्वर की उपासना, अवैदिक मूर्तिपूजा और काशी शास्त्रार्थ
Updated: October 11, 2019
–मनमोहन कुमार आर्य वेद सृष्टि की आदि में ईश्वर द्वारा चार ऋषियों अग्नि, वायु, आदित्य तथा अंगिरा को दिया गया ज्ञान है जो सब…
Read more
नेत्र जब नवजात का झाँका किया!
Updated: October 11, 2019
नेत्र जब नवजात का झाँका किया, शिशु जब था समय को समझा किया; पात्र की जब विविधता भाँपा किया, देश की जब भिन्नता आँका किया ! हर घड़ी जब प्रकृति कृति देखा किया, हर कड़ी की तरन्नुम ताका किया; आँख जब हर जीव की परखा किया, भाव की भव लहरियाँ तरजा किया ! रहा द्रष्टा पूर्व हर जग दरमियाँ, बाद में वह स्वयं को निरखा किया; देह मन अपना कभी वह तक लिया, विलग हो आभास मैं पन का किया ! महत से आकर अहं को छू लिया, चित्त को करवट बदलते लख लिया; पुरुष जो भीतर छिपा प्रकटा किया, परम- पित की पात्रता खोजा किया ! प्रश्न जब प्रति घड़ी जिज्ञासु किया, निगम आगम का समाँ बाँधा किया; ‘मधु’ उसमें प्रभु अपना पा लिया, प्राण के अपरूप का दर्शन किया ! ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’
Read more
अगर रावण ने विभीषण को भगाया न होता |
Updated: October 11, 2019
अगर रावण ने विभीषण को भगाया न होता | तो रावण के कुल का इतना विनाश न होता | अगर लक्ष्मण राम का सदा साथ…
Read more
भारत में न्याय और राम मंदिर
Updated: October 11, 2019
भारत का सर्वोच्च न्यायालय विश्व के सशक्त न्यायालयों में गिना जाता है । इसने स्वतंत्रता उपरांत के बीते 72 वर्षों में अनेकों बार कार्यपालिका का…
Read more
हिन्दूराष्ट्र स्वप्नद्रष्टा : वीर बंदा बैरागी
Updated: October 11, 2019
——————————————–– अध्याय —— 3 गुरु तेग बहादुर जी और उनका बलिदान त्याग और बलिदान की मिलती अनुपम सीख ।देश धर्म के वास्ते पैदा की नई…
Read more
दशहरा
Updated: October 14, 2019
अधर्म पर धर्म की , असत्य पर सत्य की , बुराई पर अच्छाई की , पाप पर पुण्य की , अज्ञान पर ज्ञान की, अत्याचार…
Read more