संकट के दौर से गुजर रहा संयुक्त परिवार
Updated: May 14, 2019
(15 मई- अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस) निर्भय कर्ण किसी ने यह सच ही कहा है कि ‘‘दिल छोटा और बड़ा अहंकार, जिसने बिखेर कर रख दिया…
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राजनीति का मुख्य उद्देश्य “जनसेवा” या फैमिली कैरियर?
Updated: May 14, 2019
इतिहास साक्षी है जब-जब विश्व के किसी भी देश में जनता ने आंदोलन आरम्भ किया और जनहित हेतु आंदोलन आरम्भ हुआ तो उसका मुख्य कारण…
Read moreबालकवि बैरागी की प्रथम पुण्यतिथि पर
Updated: May 14, 2019
सुमिरनतुम्हें हम यूं ना भुला पाएंगे. .मनोज कुमार 13 मई की यह तारीख आज भी है और अगले साल भी आएगी. साल-दर-साल तारीख अपने साथ…
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कलयुगी बन जाइये
Updated: May 14, 2019
घोर कलयुग है भइये, समय के साथ चलिए कुछ बनों या ना बनों पर कलयुगी बन जाइये।। सारा हुनर कारीगरी, चालाकियां और होशियारी आपका अपना…
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माँ की ममता का कोई मोल नहीं |
Updated: May 14, 2019
माँ की ममता का कोई मोल नहीं |उसके प्यार की कोई तोल नहीं || माँ की बिन है ये जिन्दगी कोरी |उसकी है सबसे मीठी…
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भारत विरोधियों का दुःसाहस…
Updated: May 14, 2019
भारत को बदनाम करके कमजोर करने वाला विशेष वर्ग ऐसे विभिन्न प्रकार के झूठे व मिथ्या आरोप लगाने का विशेषज्ञ है। अमरीका की प्रसिद्ध “टाइम”…
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अक्षय खुद सोंचे क्या फिट क्या अनफिट है बॉस
Updated: May 14, 2019
विवेक कुमार पाठक अभी कुछ दिनों पहले फेसबुक पर एक महानुभाव की पोस्ट पढ़ी। डॉलर अंडरवियर के विज्ञापन पर उन्होंने बेबाक टिप्पणी की थी। भारत…
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प्रथम स्वतंत्र्य समर की 162वीं वर्षगांठ (10 मई)पर विशेष
Updated: May 10, 2019
हरियाणा के जर्र जर्रे ने लिखी है यह बलिदान गाथादिनेश कुमार आज देश 1857 के महासमर की 162वीं वर्षगांठ मना रहा है। पराधीनता की बेड़ियों…
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भगवा आतंक शब्द की अंत्येष्टि का समय
Updated: May 10, 2019
भोपाल देश के ह्रदय स्थल में स्थित है और प्रकृति ने आज भोपाल को समूचे देश के ह्रदय की आवाज बनने का अवसर प्रदान किया…
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चाह है तेरे दरबार में आने की
Updated: May 10, 2019
चाह नहीं अब कुछ खाने की |चाह नहीं अब और कमाने की ||चाह बस केवल प्रभु जी मेरी |तेरे ही दरबार में बस आने की…
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नए भारत का विचार
Updated: May 10, 2019
किसी भी देश की उन्नति के लिए सबसे आवश्यक तत्व है शिक्षा, रोजगार व स्वास्थ्य। जब तक इन चीजों पर देश के नीति निर्माणकर्ता नहीं…
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अब और तब: तब हिंदी UN को सुनती थी, अब UN हिंदी को
Updated: May 10, 2019
वैश्वीकरण के गलियारे से गुजरने वाले 21वीं सदी की इस दुनिया में पूरा विश्व एक गाँव बन चुका है जिसे आज की डिक्शनरी में हम…
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