समाज संकट के दौर से गुजर रहा संयुक्त परिवार

संकट के दौर से गुजर रहा संयुक्त परिवार

(15 मई- अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस) निर्भय कर्ण किसी ने यह सच ही कहा है कि ‘‘दिल छोटा और बड़ा अहंकार, जिसने बिखेर कर रख दिया…

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प्रवक्ता न्यूज़ राजनीति का मुख्य उद्देश्य “जनसेवा” या फैमिली कैरियर?

राजनीति का मुख्य उद्देश्य “जनसेवा” या फैमिली कैरियर?

इतिहास साक्षी है जब-जब विश्व के किसी भी देश में जनता ने आंदोलन आरम्भ किया और जनहित हेतु आंदोलन आरम्भ हुआ तो उसका मुख्य कारण…

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शख्सियत Default Post Thumbnail

बालकवि बैरागी की प्रथम पुण्यतिथि पर

सुमिरनतुम्हें हम यूं ना भुला पाएंगे. .मनोज कुमार 13 मई की यह तारीख आज भी है और अगले साल भी आएगी. साल-दर-साल तारीख अपने साथ…

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समाज कलयुगी बन जाइये

कलयुगी बन जाइये

घोर कलयुग है भइये, समय के साथ चलिए कुछ बनों या ना बनों पर कलयुगी बन जाइये।। सारा हुनर कारीगरी, चालाकियां और होशियारी आपका अपना…

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कविता माँ की ममता का कोई मोल नहीं |

माँ की ममता का कोई मोल नहीं |

माँ की ममता का कोई मोल नहीं |उसके प्यार की कोई तोल नहीं || माँ की बिन है ये जिन्दगी कोरी |उसकी है सबसे मीठी…

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राजनीति भारत विरोधियों का दुःसाहस…

भारत विरोधियों का दुःसाहस…

भारत को बदनाम करके कमजोर करने वाला विशेष वर्ग ऐसे विभिन्न प्रकार के झूठे व मिथ्या आरोप लगाने का विशेषज्ञ है। अमरीका की प्रसिद्ध “टाइम”…

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मनोरंजन अक्षय खुद सोंचे क्या फिट क्या अनफिट है बॉस

अक्षय खुद सोंचे क्या फिट क्या अनफिट है बॉस

विवेक कुमार पाठक अभी कुछ दिनों पहले फेसबुक पर एक महानुभाव की पोस्ट पढ़ी। डॉलर अंडरवियर के विज्ञापन पर उन्होंने बेबाक टिप्पणी की थी। भारत…

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लेख प्रथम स्‍वतंत्र्य समर की 162वीं वर्षगांठ (10 मई)पर विशेष

प्रथम स्‍वतंत्र्य समर की 162वीं वर्षगांठ (10 मई)पर विशेष

हरियाणा के जर्र जर्रे ने लिखी है यह बलिदान गाथादिनेश कुमार आज देश 1857 के महासमर की 162वीं वर्षगांठ मना रहा है। पराधीनता की बेड़ियों…

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राजनीति भगवा आतंक शब्द की  अंत्येष्टि का समय

भगवा आतंक शब्द की अंत्येष्टि का समय

भोपाल देश के ह्रदय स्थल में स्थित है और प्रकृति ने आज भोपाल को समूचे देश के ह्रदय की आवाज बनने का अवसर प्रदान किया…

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कविता चाह है तेरे दरबार में आने की

चाह है तेरे दरबार में आने की

चाह नहीं अब कुछ खाने की |चाह नहीं अब और कमाने की ||चाह बस केवल प्रभु जी मेरी |तेरे ही दरबार में बस आने की…

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राजनीति नए भारत का विचार

नए भारत का विचार

किसी भी देश की उन्नति के लिए सबसे आवश्यक तत्व है शिक्षा, रोजगार व स्वास्थ्य। जब तक इन चीजों पर देश के नीति निर्माणकर्ता नहीं…

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राजनीति अब और तब: तब हिंदी UN को सुनती थी, अब UN हिंदी को

अब और तब: तब हिंदी UN को सुनती थी, अब UN हिंदी को

वैश्वीकरण के  गलियारे से गुजरने वाले 21वीं सदी की इस दुनिया में पूरा विश्व एक गाँव बन चुका है जिसे आज की डिक्शनरी में हम…

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