कविता है नमन उन शहीदों को,जो तिरंगा ओढ़ कर सो गये |

है नमन उन शहीदों को,जो तिरंगा ओढ़ कर सो गये |

है नमन उन शहीदों को,जो तिरंगा ओढ़ कर सो गये | है नमन उन जवानो को,जो धरा पर नया बीज बो गये || क्या लिखू…

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मै करती हूँ नमन,मेरे भीगे है नयन,तुम कहाँ खो गये ?मुझ को रुलाकर, देश को जगा कर, तुम कहाँ सो गये ? देश पर हो के कुर्बान,मेरे…

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फर्क

फर्क कितना देखा है मैंने अपने जीवन में बार बार आते हुए बसंत में भी बार बार आम के वृक्षों में भी जब यह मँजरियों…

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जन-जागरण छात्रों के लिए जेईई मेन के दूसरे सत्र में सुनहरा अवसर

छात्रों के लिए जेईई मेन के दूसरे सत्र में सुनहरा अवसर

नई दिल्ली – एनटीए ने 2019 से साल में दो बार जेईई मेन परीक्षा आयोजित करने का निर्णय किया है और इस निर्णय से कई…

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कविता प्रतिशोध की ज्वाला

प्रतिशोध की ज्वाला

जबसे हुआ है पुलवामा हमला, हर भारतवासी माँगे पाकिस्तान से बदला। प्रतिशोध की ज्वाला भड़क रही है, हर माँ अपने बेटे से फौज में जाने…

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समाज वैचारिक मतभेद

वैचारिक मतभेद

 -अनिल अनूप  1947 में हिन्दोस्तान का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ और पाकिस्तान अस्तित्व में आया। यह विभाजन करीब-करीब हजार वर्षों से भारत पर इस्लामी आक्रमण…

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राजनीति जगत की जटिल राजनीति में उलझा हुआ भारत।

जगत की जटिल राजनीति में उलझा हुआ भारत।

        आज के समय में राजनीति ने सब-कुछ अपने हित के अनुसार बाँध रखा है। छोटे से छोटा प्रतिनिधि अपने इच्छा एवं राजनीति के समीकरणों…

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सिनेमा चंबल की माटी से हजारों वीर जवान निकले हैं फिर बागी बंदूक और बीहड़ पर ही फिल्में क्यों

चंबल की माटी से हजारों वीर जवान निकले हैं फिर बागी बंदूक और बीहड़ पर ही फिल्में क्यों

विवेक कुमार पाठक चंबल के बीहड़ों पर बन रही फिल्म सोनचिरैया पर विवाद खड़ा हो गया है। मुरैना के नागरिक समूह ने कलेक्टर मुरैना प्रियंकादास…

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विविधा नए भारत का आगाज़

नए भारत का आगाज़

यह सेना की बहुत बड़ी सफलता है कि उसने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाज़ी को आखिरकार मार गिराया हालांकि इस ऑपरेशन में एक…

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मनोरंजन

-अनिल अनूप 25 साल पहले वो 5 अप्रैल 1993 की रात थी जब ख़बर आई थी कि अभिनेत्री दिव्या भारती पाँचवें फ़्लोर पर अपने घर…

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राजनीति मर्यादाहीन राजनीति की त्रासद विडम्बना

मर्यादाहीन राजनीति की त्रासद विडम्बना

                                        मनोज ज्वाला     राम मनोहर लोहिया ने कहा था- “ राजनीति अल्पकालिक धर्म है और धर्म दीर्घकालिक राजनीति है । धर्म का काम है,…

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कविता प्रेम गीत कैसे लिखू,जब चारो तरफ गम के बादल छाये है |

प्रेम गीत कैसे लिखू,जब चारो तरफ गम के बादल छाये है |

 प्रेम गीत कैसे लिखू,जब चारो तरफ गम के बादल छाये है |नमन है मेरा उन शहीदों को,जो तिरंगा ओढ़ कर आये है || चारो तरफ…

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