राजनीति शिवसेना के ‘अयोध्या दांव’ के निहितार्थ

शिवसेना के ‘अयोध्या दांव’ के निहितार्थ

निर्मल रानी गत् 25 नवंबर की तारीख एक बार फिर पूरे देश के लिए तनाव की स्थिति पैदा करने वाली प्रतीत हो रही थी। खासतौर…

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समाज अनटोल्ड ट्रैजेटी आफ स्ट्रीट डॉग्स …!!

अनटोल्ड ट्रैजेटी आफ स्ट्रीट डॉग्स …!!

तारकेश कुमार ओझा हे देश के नीति – नियंताओं  । जिम्मेदार पदों पर आसीन नेताओं व अफसरों … आप सचमुच महान हो। जनसेवा में आप…

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यात्रा वृत्तांत एक कॉन्स्टेबल द्वारा स्थापित एक स्कूल दलित जनजाति की मदद कर रहा है

एक कॉन्स्टेबल द्वारा स्थापित एक स्कूल दलित जनजाति की मदद कर रहा है

अनिल अनूप एक समय जब भारत में कई हज़ार गैर-लाभकारी पहल शिक्षा क्षेत्र में शामिल हैं, पुलिस कॉन्स्टेबल अरुप मुखर्जी को इससे अलग करता है…

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प्रवक्ता न्यूज़ “हिन्दू जाति के सच्चे रक्षक व उद्धारक महर्षि दयानन्द सरस्वती और आर्यसमाज”

“हिन्दू जाति के सच्चे रक्षक व उद्धारक महर्षि दयानन्द सरस्वती और आर्यसमाज”

मनमोहन कुमार आर्य,  महर्षि दयानन्द एक पौराणिक पिता व परिवार में गुजरात प्रान्त के मौरवी जनपद के टंकारा नाम ग्राम में 12 फरवरी, सन् 1825…

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कविता आत्म मंथन कर आपने जो करना है कीजिए !

आत्म मंथन कर आपने जो करना है कीजिए !

(मधुगीति १८११२८ अ) आत्म मंथन कर आपने जो करना है कीजिए, अपने मन की बात औरों को बिना पूछे यों ही न बताइए; अपनी अधिक…

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धर्म-अध्यात्म ‘नित्य पठनीय एवं आचरणीय सर्वतोमहान धर्मग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश’

‘नित्य पठनीय एवं आचरणीय सर्वतोमहान धर्मग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश’

मनमोहन कुमार आर्य,  परमात्मा ने इस सृष्टि और मनुष्य आदि प्राणियों को बनाया है। परमात्मा, जीवात्मा और प्रकृति का अखिल विश्व में स्वतन्त्र अस्तित्व है।…

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मनोरंजन केदारनाथ फिल्मः विरोध जारी है जारी रहेगा

केदारनाथ फिल्मः विरोध जारी है जारी रहेगा

प्रदीप रावत आगामी 7 दिसम्बर को रिलीज होने वाली केदारनाथ फिल्म का पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। स्थानीय केदारघाटी के निवासियों के अलावा…

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राजनीति मराठा आरक्षण का खुलता रास्ता

मराठा आरक्षण का खुलता रास्ता

प्रमोद भार्गव महाराष्ट्र सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को मंजूर कर करते हुए मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण…

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कविता आग की लपटें

आग की लपटें

मैं आज सुबह उठा और देखा रात की बूंदाबांदी से जम गई थी धूल वायुमंडल में व्याप्त रहने वाले धूलकण भी थे नदारद मन हुआ…

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मनोरंजन जानिए मनीषा कोइराला की कैंसर से जंग

जानिए मनीषा कोइराला की कैंसर से जंग

विवेक कुमार पाठक नामी निर्देशक सुभाष घई की सौदागर फिल्म से हिन्दी सिनेमा में आगाज करने वाली मनीषा कोइराला ने कैंसर से अपनी जंग को…

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साहित्‍य ग़ज़ल की दुनिया का मुकम्मल शेर है अज़ीज़ अंसारी

ग़ज़ल की दुनिया का मुकम्मल शेर है अज़ीज़ अंसारी

– डॉ अर्पण जैन ‘अविचल‘ जैसा नाम वैसा ही स्वभाव, वैसी ही आत्मीयता, वैसा ही निश्छल स्नेह, वैसी ही शांति और सरलता की प्रतिमूर्ति और सबसे बड़ी बात तो यह की ग़ज़ल के मायने जब तो समझाते है तो लगता है खुद ग़ज़ल बोल रही है कि मुझे इस मीटर में, इस बहर में, इस रदीफ़ और इस काफिये के साथ लिखो।  हम बात कर रहे है इंदौर के खान बहादूर कम्पाउंड में रहने वाले अज़ीज़ अंसारी साहब की जो वर्ष २००२ की मार्च में आकाशवाणी इंदौर से केंद्र निदेशक के दायित्व से सेवानिवृत हुए हैं पर उसके बाद भी अनथक, अनवरत और अबाध गति से साहित्य साधना में रत हैं। हिंदी-उर्दू की महफ़िल और अदब की एक शाम कहूँ यदि अंसारी जी को तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। लगभग १० से अधिक किताब और सैकड़ों सम्मान जिनके खाते में हो, कई वामन तो कई विराट कद को सहज स्वीकार करते, नवाचार के पक्षधर, अनम्य को सिरे से ख़ारिज करने के उपरांत हर दिन होते नव प्रयोगों को सार्थकता से अपनी ग़ज़ल, अपनी जबान और अपने लहजे में उसी तरह शामिल करते हैं जैसे पानी में नमक या शक्कर। ७ मार्च १९४२ को मालवा की धरती इंदौर में पिता श्री ईदू अंसारी जी के घर जन्मे अज़ीज़ अंसारी जी वैसे तो एमएससी (कृषि), डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एन्ड रूरल जर्नलिस्म तक अध्ययन कर चुके हैं और बचपन से उर्दू-हिन्दी साहित्य में रूचि रखते हैं। सन १९६४ से साहित्य की जमीन पर गोष्ठियों के माध्यम से सक्रियता की इबारत रच रहे हैं। जहाँ साहित्य के झंडाबरदार साहित्य के गलीचे को जनता के पांव के नीचे से खसकाने वाले बन रहे है और अस्ताचल की तरफ बढ़वाना चाह रहे है पर ऐसे ही दौर में अंसारी जी नए जोश और उमंग के साथ नवाचार का स्वागत करते हैं। साफगोई और किस्सों की एक किताब जो बच्चों को भी उसी ढंग से हौसला देते हैं जैसे तजुर्बेदारों या कहूँ विधा के झंडाबरदारों को टोकते हैं उनकी गलती पर। बात जब हाइकु की हुई तो अंसारी जी कहते है कि ‘सलासी’ जानते हो? उर्दू में सलासी भी तीन लाइन में लिखे शेर हैं जिसमें रदीफ़ भी होता है और काफिया भी मिलता है। बहुत से किस्से और कहानियों के बीच हिन्दी के उत्थान की बात आई तो पेट की भाषा बनाने के लिए उनकी भी चिंता साथ मिल गई। और यही कहा की साथ हूँ, जब चाहो, जैसे चाहो बताना जरूर। एक स्कूल में जगह है अपने पास चाहो तो यहाँ भी कुछ संचालित कर सकते हो। शहर की साहित्यिक जमात में अदावत का एक नाम जो इसलिए भी मशहूर है क्योंकि आकाशवाणी पर कई रचनाकारों को मंच देकर तराशा भी और हीरा भी बनाया। आपके सुपुत्र सईद अंसारी जी जो वर्तमान में आजतक के मशहूर न्यूज एंकर है। इन सब के अतिरिक्त अंसारी जी के पास सैकड़ों किस्से हैं, जिनमे शामिल है शहर की विरासत और ग़ज़ल की बज्म। बहर और मीटर में अपनी बात कहने वाले अज़ीज़ अंसारी जी जीवन में भी मीटर में ही रहते हुए मुकम्मल शेर बनकर जिंदगी की ग़ज़ल गुनगुना रहे हैं।    

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समाज हिंसा से जख्मी होती राष्ट्रीय अस्मिता

हिंसा से जख्मी होती राष्ट्रीय अस्मिता

ललित गर्ग- दिल्ली के द्वारका में नरभक्षी होने की अफवाह के चलते लोगों ने अफ्रीकी नागरिकों पर हमला कर दिया था। एक अन्य घटना में…

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