राजनीति विश्व मंचों पर सम्मानित होते मोदी और उनकी नीतियां

विश्व मंचों पर सम्मानित होते मोदी और उनकी नीतियां

राकेश कुमार आर्य संभवत:  यह पहली बार है जब हमारे देश के प्रधानमंत्री को दूसरे देश अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने मेंस्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर…

Read more
राजनीति राष्ट्रीयता, राष्ट्रहित और आगामी चुनाव

राष्ट्रीयता, राष्ट्रहित और आगामी चुनाव

प्रोफसर निरंजन कुमार, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय देश में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव का महापर्व शुरू हो चुका है. संसार में शायद ही कोई ऐसा राष्ट्र…

Read more
कविता फिर नरेंदर !

फिर नरेंदर !

सर्वेश सिंह तूं ही कविता, तूं ही मंतर सुखकारी बाहर आभ्यंतर स्वर्गिक धूनी अंदर नवल धवल मन्वंतर फिर नरेंदर ! रोग-ग्रस्त भूगोल दिखे है अड़गड़…

Read more
राजनीति जलियांवाला बाग नरसंहार………..कांग्रेस ने केवल अपनी राजनीति चमकाई

जलियांवाला बाग नरसंहार………..कांग्रेस ने केवल अपनी राजनीति चमकाई

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 34वां अधिवेशन अमृतसर में बुलाया गया था. पहले दिन यानि 27 दिसंबर, 1919 को मोतीलाल नेहरू अपने अध्यक्षीय भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन की…

Read more
कविता ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।।

ऐसा लगता लाल किला मर्दानी भाषा बोल गया।।

वर्षों बन्द कुबेर खजाने का दरवाजा खोल गया। गोरा बादल शत्रु कंठ को तलवारों से तोल गया। सात दशक का पाप जाप की अग्नि शिखा…

Read more
राजनीति एक स्ट्राईक देशद्रोही नेताओं व अलगाववादियों पर

एक स्ट्राईक देशद्रोही नेताओं व अलगाववादियों पर

सोमेन्द्र सिंह भारत का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर अपने स्वर्णिम इतिहास को संजोए हुए है। उसकी हसीन वादियों एवं प्राकृतिक सौन्दर्य ने प्रत्येक मानव…

Read more
पुस्तक समीक्षा केंद्र सरकार की योजनाओं का दस्तावेज है ‘विकास के पथ पर भारत’

केंद्र सरकार की योजनाओं का दस्तावेज है ‘विकास के पथ पर भारत’

– लोकेन्द्र सिंह लेखक और मीडिया शिक्षक डॉ. सौरभ मालवीय की पुस्तक ‘विकास के पथ पर भारत’ केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का दस्तावेज है। यह पुस्तक सामान्य…

Read more
कविता मानव आज कितना सिमट गया है |

मानव आज कितना सिमट गया है |

मानव आज कितना सिमट गया है | केवल वह मोबाइल से चिपट गया है || उसे फुर्सत नहीं है किसी से मिलने की | उसे…

Read more
कविता मतदान व मतदाता

मतदान व मतदाता

मत का दान जो करे,वह मतदाता कहलाय | मत का दान जो ले,वह सीधा नेता बन जाय || मन भेद न कीजिये,भले ही मत भेद…

Read more
लेख पंथनिरपेक्षता और छत्रपति शिवाजी महाराज

पंथनिरपेक्षता और छत्रपति शिवाजी महाराज

भारत में प्राचीन काल से ही पंथनिरपेक्ष शासन व्यवस्था की कल्पना हमारे ऋषि – महर्षियों ने की है । राजा की न्यायप्रियता इसी बात में…

Read more
कविता आया आज बैशाखी का त्यौहार |

आया आज बैशाखी का त्यौहार |

आया आज बैशाखी का त्यौहार | जिसमे होती है अन्न की बौछार || इन दिनों खेतो में अन्न पाक जाता | पक कर अन्न घरो…

Read more
कविता प्रकृति क्यों बदला लेती है ?

प्रकृति क्यों बदला लेती है ?

घनघोर घटायें घिर रही,घन भी घडघडाहट कर रहे |दामिनी दम दम दमक रही,ये दिन को रात कर रहे || ओलावृष्टि भी हो रही,धरती भी सफेद…

Read more