राजनीति चुनावी खुशबू ‘आप’ को समझा गई चुप्पी हानिकारक है ?

चुनावी खुशबू ‘आप’ को समझा गई चुप्पी हानिकारक है ?

पारसमणि अग्रवाल चुनावी दस्तक होते ही राजनैतिक दलों में हलचल मच जाती है। गोटें बिछने का दौर शुरू हो जाता है और सियाशी रोटियां सिकने…

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राजनीति कश्मीर पर आई तथाकथित यूएन की रिपोर्ट एक साजिश है

कश्मीर पर आई तथाकथित यूएन की रिपोर्ट एक साजिश है

डॉ मनीष कुमार कश्मीर पर UN की ‘रिपोर्ट’ आई तो वामपंथी गैंग के चेहरे पर मुस्कान आ गई क्योंकि इनकी हिंदुस्तान को बदनाम करने की…

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राजनीति कश्मीरः सीज़फ़ायर बना ‘आतंकियों की ईद’?

कश्मीरः सीज़फ़ायर बना ‘आतंकियों की ईद’?

तनवीर जाफ़री                 पिछले महीने जम्मू-कश्मीर राज्य की पीडीपी-भाजपा संयुक्त सरकार की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती द्वारा माह-ए-रमज़ान शुरु होने से पहले राज्य में भारतीय सेना…

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समाज २७ बार रक्तदान कर आदर्श उपस्थित करने वाले आदर्श व्यक्ति-“आर्यसमाज धामावाला- डा. विनीत कुमार”

२७ बार रक्तदान कर आदर्श उपस्थित करने वाले आदर्श व्यक्ति-“आर्यसमाज धामावाला- डा. विनीत कुमार”

मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज धामावाला-देहरादून ऋषि दयानन्द के कर कमलों से स्थापित आर्यसमाज है। विश्व में किसी मुस्लिम बन्धु की उसके पूरे परिवार सहित पहली…

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धर्म-अध्यात्म “सत्य को मानना व मनवाना हमारा कर्तव्य, धर्म एवं यज्ञ है

“सत्य को मानना व मनवाना हमारा कर्तव्य, धर्म एवं यज्ञ है

मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि दयानन्द (1825-1883) ने वेद व उसकी मान्यताओं और सिद्धान्तों पर आधारित धर्म के प्रचार व प्रसार के लिए 10 अप्रैल, सन्…

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कविता कब तक शहादत देते रहेगे हम,अपने वीर जवानो की

कब तक शहादत देते रहेगे हम,अपने वीर जवानो की

कब तक शहादत देते रहेंगे हम अपने वीर जवानो की उठो जवानो अब देर करो मत,कसम तुम्हे अपनी जवानी की काट लाओ धड सहित सर…

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समाज भारत की खाप पंचायतों के तालिबानी फरमान

भारत की खाप पंचायतों के तालिबानी फरमान

राकेश कुमार आर्य  भारत में प्रचलित खाप पंचायतों के विरुद्ध शिक्षित वर्ग और देश के न्यायालयों की कड़ी आपत्ति समय-समय पर आती रही है।…

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समाज फ़ादर्स डे बनाम तर्पण

फ़ादर्स डे बनाम तर्पण

मनोज कुमार रिश्ते में हम तेरे बाप लगते हैं, तब लगता है कि बाप कोई बड़ी चीज होता है लेकिन बाज़ार ने ‘फादर्स डे’ कहकर…

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समाज जीवन जीने की कला है योग

जीवन जीने की कला है योग

डॉ नीलम महेन्द्र योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले जान लेना आवश्यक है कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह  है कि…

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कहानी आज आया लाँघता मैं ! आज की अभी की

आज आया लाँघता मैं ! आज की अभी की

गोपाल बघेल ‘मधु’ आज आया लाँघता मैं, ज़िन्दगी में कुछ दीवारें ; खोलता मैं कुछ किबाड़ें, झाँकता जग की कगारें ! मिले थे कितने नज़ारे, पास कितने आए द्वारे; डोलती नैया किनारे, बैठ पाते कुछ ही प्यारे ! खोजते सब हैं सहारे, रहे हैं जगती निहारे; देख पर कब पा रहे हैं, वे खड़े द्रष्टि पसारे ! क्षुब्ध क्यों हैं रुद्ध क्यों हैं, व्यर्थ ही उद्विग्न क्यों हैं; प्रणेता की प्रीति पावन, परश क्यों ना पा रहे हैं ! जा रहे औ आ रहे हैं, जन्म ले भरमा रहे हैं; ‘मधु’ घृत पी पा रहे हैं, नयन उनके खो रहे हैं ! ’

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धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द का उद्देश्य सद्ज्ञान देकर आत्माओं को परमात्मा से मिलाना था”

“ऋषि दयानन्द का उद्देश्य सद्ज्ञान देकर आत्माओं को परमात्मा से मिलाना था”

मनमोहन कुमार आर्य, महाभारत के बाद ऋषि दयानन्द ने भारत ही नहीं अपितु विश्व के इतिहास में वह कार्य किया है जो संसार में अन्य…

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समाज बुखारी और दानव अधिकार आयोग

बुखारी और दानव अधिकार आयोग

डॉ. वेदप्रताप वैदिक कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की निर्मम हत्या का अर्थ क्या है ? यह हत्या उस समय की गई है जबकि…

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