हुनरमंद है वो
Updated: September 26, 2018
विनोद सिल्ला वो भिगो लेता है शब्दों को स्वार्थ की चाशनी में रंग जाता है अक्सर अवसरवादिता के रंग में वो धार लेता है मौकाप्रसती…
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“मनुष्य वही है जो सदा सत्य का आचरण करता है”
Updated: September 26, 2018
मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य क्या वास्तव में मनुष्य है? यह प्रश्न इसलिये करना पड़ रहा है कि किसी देश व समाज के जो नियम होते…
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थम नहीं रहा सैनिकों के साथ बर्बरता का सिलसिला
Updated: September 26, 2018
प्रमोद भार्गव इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब पाकिस्तान के रुख में बदलाव आएगा…
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राफेल डील : राहुल गांधी सौ जूते भी खाएंगे और सौ प्याज़ भी?
Updated: September 26, 2018
डॉ मनीष कुमार एक पुरानी कहावत है सौ जूते भी खाया और सौ प्याज भी खाए. लेकिन बहुत कम लोग इस कहावत के पीछे की…
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तभी भारत आयुष्मान बन सकेगा!
Updated: September 25, 2018
ललित गर्ग आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा की धरती रांची से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ के नाम से जिस आरोग्य योजना को शुरु किया…
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सवालों के घेरे में राफेल ?
Updated: September 25, 2018
प्रमोद भार्गव लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में जिस तरह के वाद-विवाद सामने आ रहे हैं, उससे लगता है, दाल में कुछ काला संभव है।…
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माँ का स्थान कोई नहीं ले सकता —
Updated: September 25, 2018
आर के रस्तोगी माँ का स्थान कोई नहीं ले सकता माँ का ऋण कोई चुका नहीं सकता कितने भी लाख करो दान व तीर्थ माँ…
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यकीं का यूँ बारबां टूटना
Updated: September 25, 2018
डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ यकीं का यूँ बारबां टूटना आबो-हवा ख़राब है मरसिम निभाता रहूँगा यही मिरा जवाब है मुनाफ़िक़ों की भीड़ में कुछ नया न मिलेगा ग़ैरतमन्दों में नाम गिना जाए यही ख़्वाब है दफ़्तरों की खाक छानी बाज़ारों में लुटा पिटा रिवायतों में फँसा ज़िंदगी का यही हिसाब है हार कर जुदा, जीत कर भी कोई तड़पता रहा नुमाइशी हाथों से फूट गया झूँठ का हबाब है धड़कता है दिल सोच के हँस लेता हूँ कई बार तब्दील हो गया शहर मुर्दों में जीना अज़ाब है ये लहू, ये जख़्म, ये आह, फिर चीखो-मातम तू हुआ न मिरा पल भर इंसानियत सराब है फ़िकरों की सहूलियत में आदमियत तबाह हुई पता हुआ ‘राहत’ जहाँ का यही लुब्बे-लुबाब है
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“अग्निहोत्र-यज्ञ क्यों करें?”
Updated: September 25, 2018
–मनमोहन कुमार आर्य, सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा ने चार ऋषियों अग्नि, वायु, आदित्य व अंगिरा को वेदों का भाषा व उनके अर्थ सहित ज्ञान…
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सबसे अच्छा खिलौना
Updated: September 25, 2018
विनोद सिल्ला बचपन में मेरे मित्र थोड़ी सी अनबन होने पर दुखाने के लिए मेरा दिल मेरे मिट्टी के खेल-खिलौने तोड़ देते थे लेकिन आजकल…
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हिंदी की मुहावरे,बड़े ही बावरे है
Updated: September 25, 2018
हिन्दी के मुहावरे,बड़े ही खरे है खाने पीने की चीजो से भरे है कही पर फल है कही पर आटा दाले है कही पर मिठाई…
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जीवन के कुछ कटु अनुभव
Updated: September 25, 2018
पैर की मोच और छोटी सोच हमे आगे बढ़ने नहीं देती टूटी कलम दूसरो से जलन खुद को लिखने नहीं देती आलस्य और पैसो का…
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