अनजान रिश्ते
Updated: March 21, 2018
ना मैं पागल हूं, ना कोई दीवाना, फिर भी क्यों, प्यार करता हूं, ना कोई तम्मना, ना बुरा इरादा, फिर भी क्यों, इतंजार करता हूं,…
Read more
लिंगायत धर्म के आलोक में हिन्दु औऱ राहुल की कांग्रेस
Updated: March 21, 2018
कहाँ है कांग्रेस का थिंकटैंक????? डॉ अजय खेमरिया लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देने सबंधी कर्नाटक सरकार की सिफारिश जिन आधारों पर की गई…
Read more
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-74
Updated: March 21, 2018
राकेश कुमार आर्य    गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज संसार के जितने भर भी चमकते हुए पदार्थ हैं-उनमें वह परमपिता परमेश्वर…
Read more
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-73
Updated: March 21, 2018
राकेश कुमार आर्य    गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज ब्रहमाण्ड का क्षेत्रज्ञ कौन है? अब श्रीकृष्णजी कहते हैं कि अर्जुन! अब…
Read more
नरदेवता
Updated: March 20, 2018
हिन्दु मत में तैंतीस करोड़ देवी देवताओं की बात कही गई है। इसकी हकीकत मेरी चेतना में उभड़ती है जब सोचता हूँ कि बिना संसाधन…
Read more
देश बड़ा है नारों से
Updated: March 19, 2018
मोदी जी का नारा:- “बेटी बचाओ,बेटी पढाओ” लालू जी का नारा:- “एक नहीं,कम से कम दस बारह तो बनाओ उनको पढाओ,न पढाओ,राजनीति में तो लाओ…
Read more
श्री देवी के अंतिम वाक्य
Updated: March 19, 2018
संसार एक थियेटर घर है अनेको पात्र इसमें आते है अपना अपना रोल निभा कर अपने घरो को चले जाते है मैं भी इस थियेटर…
Read more
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-72
Updated: March 19, 2018
राकेश कुमार आर्य   गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज इस प्रकार श्रीकृष्णजी ने इन चौबीस तत्वों से ब्रह्माण्ड तथा पिण्ड के क्षेत्र…
Read more
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-71
Updated: March 19, 2018
राकेश कुमार आर्य   गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज जैसे एक खेत का स्वामी अपने खेत के कोने-कोने से परिचित होता है…
Read more
नीति नियोजन में मीडिया की भूमिका
Updated: March 19, 2018
अरुण तिवारी इण्डिया हैबिटेट सेंटर, लोदी रोड, नई दिल्ली में एक त्रिदिवसीय आयोजन (07-09 फरवरी, 2018) हुआ। इस त्रिदिवसीय ‘इवेलफेस्ट – 2018’ के दूसरे दिन…
Read more
पहचान और श्रम मूल्य के संकट से जूझती घरेलू कामगार महिलायें
Updated: March 19, 2018
उपासना बेहार घरेलू काम दुनिया के सबसे पुराने रोजगार के साधनों में से एक रहा है। सूखा, खेती में हानि, रोजगार के विकल्प का ना होना, विकास के…
Read more
मनुष्य की आबादी बढ़ी , 60 फीसदी घटी गौरैया
Updated: March 19, 2018
प्रभुनाथ शुक्ल गौरैया हमारी प्राकृतिक सहचरी है। कभी वह नीम के पेड़ के नीचे फूदकती और बिखेरे गए चावल या अनाज के दाने को चुगती।…
Read more