राजनीति आर्तनाद अन्नदाता का!

आर्तनाद अन्नदाता का!

आला कमान व राहुल बाबा की नजरों में हीरो बनने की चाहत में माननीय दीक्षित जी ने रविवार को अपने एक बयान में भारतीय सेना…

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चिंतन जानिए  वास्तु अनुसार आदर्श घर कैसा होना चाहिए?

जानिए वास्तु अनुसार आदर्श घर कैसा होना चाहिए?

 वास्तु कुछ नियमों का पालन का विकास करने,इमारतों और हमारे आसपास के प्राकृतिक सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए एक बहुत पुरानी प्रथा है।…

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समाज बारिश  और बचपन  

बारिश  और बचपन  

बचपन में बारिश हो और हम जैसे बच्चे घर में बैठे रहें, नामुमकिन था. किसी न किसी बहाने बाहर जाना था, बारिश की ठंडी फुहारों…

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समाज किसान-आंदोलन: कुछ अच्छी पहल

किसान-आंदोलन: कुछ अच्छी पहल

कर्ज माफी का एक नुकसान यह भी है कि कहीं यह किसानों की एक लत ही न बन जाए लेकिन फिर भी कम से कम…

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धर्म-अध्यात्म जानिए सरसो के तेल के कुछ प्रभावी और लाभकारी टोटके/उपाय….

जानिए सरसो के तेल के कुछ प्रभावी और लाभकारी टोटके/उपाय….

-किसी भी शनिवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख कर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं…

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व्यंग्य यह आंदोलन , वह आंदोलन  ….!!

यह आंदोलन , वह आंदोलन  ….!!

बेशक अपराधी के गांव वाले या परिजनों के लिए यह मामूली बात थी। क्योंकि उसका जेल आना – जाना लगा रहता था। अपराधी को जीप…

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धर्म-अध्यात्म पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-18

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-18

राकेश कुमार आर्य  वेद की बोलें ऋचाएं सत्य को धारण करें गतांक से आगे…. मंत्र का अगला शब्द है-‘इंद्र’। इंद्र को हमारे वीरता और…

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राजनीति शंघाई के अखाड़े में भारत-पाक

शंघाई के अखाड़े में भारत-पाक

नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद और चीन का नाम लिए बिना ‘ओबोर’ के द्वारा भारतीय संप्रभुता के उल्लंघन…

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समाज परपीड़क पुरुष समाज और नारीवादी विमर्श

परपीड़क पुरुष समाज और नारीवादी विमर्श

अमेज़न का यह प्रोडक्ट गहरे दार्शनिक प्रश्नों को छेड़ता है- क्या नारी की मुक्ति जेंडर इक्वलिटी में निहित है? क्या नर और नारी एक समान…

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कविता आदमी

आदमी

हज़ारों की भीड़ में भी, अकेला है आदमी! आदमी ही आदमी को, नहीं मानता आदमी! संवेदनायें खो गईं, चोरी क़त्ल बढ़ गये, कोई भी दुष्कर्म…

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राजनीति प्रणव दा के नाम पर सर्वसम्मति क्यूँ  जरूरी?

प्रणव दा के नाम पर सर्वसम्मति क्यूँ जरूरी?

राष्ट्रपति प्रणव दा की एक और अनूठी सफलता रही कि वे राजनीति दृष्टि से भले ही निष्क्रिय रहे लेकिन राष्ट्रीय हितों के लिये सदैव सक्रिय…

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कविता तोहफे

तोहफे

मै नहीं कोई ताल तलैया ना ही मैं सागर हूँ। मीठे पानी की झील भी नहीं, मैं बहती सरिता हूँ। सरल नहीं रास्ते मेरे चट्टनों…

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