विविधा असाधारण सूझ बूझ के पर्याय मेजर गोगोई

असाधारण सूझ बूझ के पर्याय मेजर गोगोई

भारतीय सेना की पहचान विश्व के कुछ गिने चुने शक्तिशाली देशों की सेना के रुप में की जाती है, सेना की बहादुरी और उसके निर्णय…

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राजनीति क्रिकेट और राष्ट्रवाद

क्रिकेट और राष्ट्रवाद

यह एक सुखद संकेत है कि राष्ट्रीय समाचार चैनल “जी न्यूज” ने आईसीसी के चैंपियन ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत-पाक मैच का विरोध करके राष्ट्रवाद…

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विविधा खेल की राजनीति और राजनीति का खेल

खेल की राजनीति और राजनीति का खेल

भारत ने पाकिस्तान के विरूद्घ दो 'सर्जिकल स्ट्राईक' कर दी हैं, जिन्हें वह नकार रहा है, कि-'मेरे साथ कुछ नही हुआ, भारत की सेना और…

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धर्म-अध्यात्म पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-17

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-17

राकेश कुमार आर्य वेद की बोलें ऋचाएं सत्य को धारण करें गतांक से आगे…. वेद की ऋचाओं में सत्य-धर्म का रस यूं तो सर्वत्र ही…

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विविधा किसान आक्रोश के निहितार्थ और हिंसा

किसान आक्रोश के निहितार्थ और हिंसा

मंदसौर में जो कुछ हुआ वह चिन्ता का विषय है। कांगे्रस की उसमें भूमिकी रही होगी, यह भी स्वाभाविक है। क्योंकि मध्यप्रदेश में कांगे्रस विपक्षी…

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समाज आखिर किसानों को गुस्सा क्यों आया ?

आखिर किसानों को गुस्सा क्यों आया ?

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के घोषणा-पत्र में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और किसानों को उपज का लागत से डेढ़ गुना दाम दिलाने का…

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विश्ववार्ता जलवायु परिवर्तन समझौते को झटका

जलवायु परिवर्तन समझौते को झटका

ट्रंप की इस आत्मकेंद्रित मानसिकता का तभी अंदाजा लग गया था, जब इटली में दुनिया के सबसे धनी देशों के समूह जी-7 की शिखर बैठक…

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मीडिया राष्ट्रवादी पत्रकारिता का दौर

राष्ट्रवादी पत्रकारिता का दौर

भारत की अवधारणा एक ऐसे राष्ट्र की अवधारणा है जिसके लिए संघर्ष को निर्माण का आधार रूप में कभी स्वीकार नहीं किया गया. यहाँ आदि…

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लेख कौन कहता है कि हम एक हजार वर्ष गुलाम रहे

कौन कहता है कि हम एक हजार वर्ष गुलाम रहे

झूठे चाटुकारों से और लेखनी को बेचकर व आत्मा को गिरवी रखकर लिखने वाले इतिहासकारों से स्वतंत्रता के अमर सैनानियों के ये पावन स्मारक यही…

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टेक्नोलॉजी ये कैसा विकास है

ये कैसा विकास है

भारत में मोबाईल के उपयोगकर्त्ताआंे की संख्या में लगातार बढोतरी हो रही है । जून, 2017 तक भारत में 42 करोड से भी अधिक मोबाईल…

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विविधा गाय की रक्षा मानवता की रक्षा

गाय की रक्षा मानवता की रक्षा

डा. राधेश्याम द्विवेदी गौमाता चराचर जगत की माता हैं। इनकी रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। अथर्ववेद में आता है कि गौहत्यारे को काँच की…

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राजनीति सहारनपुर: हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की

सहारनपुर: हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की

घटनाक्रम के अनुसार करीब 600 दलितों और 900 ठाकुरों की आबादी वाले गांव शब्बीरपुर से हिंसक चक्र की जो शुरुआत हुई, उसमें जहां दलितों का…

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