लेख भारत के राष्ट्रपुरुष शिवाजी महाराज

भारत के राष्ट्रपुरुष शिवाजी महाराज

ललित कौशिक जब देश परतंत्र में जाता है तब शासनकर्ता की जमात का अनुकरण और अनुसरण लोग करने लगते हैं और समाज का नेतृत्व करने…

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समाज भीड़तंत्र की हिंसा से जख्मी होता समाज

भीड़तंत्र की हिंसा से जख्मी होता समाज

-ललित गर्ग- उत्तर प्रदेश के आगरा में भाजपा नेता की हत्या के बाद भीड़ ने ही दो हमलावरों में से एक को पीट-पीटकर मार डाला।…

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खान-पान सडक़ों पर बिकता ‘ज़हर’:शासन-प्रशासन मौन?

सडक़ों पर बिकता ‘ज़हर’:शासन-प्रशासन मौन?

खबरों के मुताबिक चीन से ही आयातित कोई विशेष रासायनिक पाऊडर ऐसा है जिसकी एक छोटी सी पुडिय़ा जिसका वज़न मात्र दस ग्राम ही होता…

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समाज मूसा तुम आतंकी हम देशप्रेमी भारतीय!

मूसा तुम आतंकी हम देशप्रेमी भारतीय!

मिस्टर मूसा अलबत्ता तुम ठहरे सारी दुनिया के खुदाई फौजदार, इस् लाम और इंसानियत के दुश्मन तो तुम अपना यह गंदाखूनी खेल कश्मीर तक ही…

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मीडिया सीबीआई ने धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई की है या एनडीटीवी की स्वतंत्रता के खिलाफ? – एस. गुरुमूर्ति

सीबीआई ने धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई की है या एनडीटीवी की स्वतंत्रता के खिलाफ? – एस. गुरुमूर्ति

पूरे यूपीए सरकार के कार्यकाल में, एनडीटीवी ने अपनी शेल सहायक कंपनियों में निवेशकों की पहचान का खुलासा करने से इनकार कर दिया। यहाँ तक…

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विविधा शिक्षा से जुड़े सवालों का अनुत्तरित होना

शिक्षा से जुड़े सवालों का अनुत्तरित होना

ललित गर्ग- दुनिया के परिदृश्य में भारत में जिस रफ्तार से प्रगति हो रही है, चाहे वह आर्थिक हो, सांस्कृतिक हो, वैज्ञानिक हो, कृषि की…

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कविता ये ज़रूरी तो नहीं

ये ज़रूरी तो नहीं

मैं ख़ुद से ही रूठी  रहती हूँ, कोई मनाये मुझको आकर, ये ज़रूरी तो नहीं, मैं ख़ुद को ही मना लेती हूँ।   कुछ भी…

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विविधा कम्युनिस्टों का एजेंडा, सेना को करो बदनाम

कम्युनिस्टों का एजेंडा, सेना को करो बदनाम

कम्युनिस्ट विचारधारा के लेखक पार्थ चटर्जी का अंग्रेजी में लिखा एक लेख दो जून को कम्युनिस्ट एजेंडे पर संचालित वेबस्थल 'द वायर' पर प्रकाशित होता…

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विश्ववार्ता अरब-संकटः सुषमा पहल करें

अरब-संकटः सुषमा पहल करें

अरब देश अपने आप को मुसलमान कहते हैं लेकिन उनका इस्लाम उन्हें आपस में जोड़ने की बजाय तोड़ रहा है। क़तर नामक देश के साथ…

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विविधा फल धारीदार क्यों होते हैं ?

फल धारीदार क्यों होते हैं ?

प्रांजल भार्गव आपके देखने में आया होगा कि कई फलों पर धारियां होती हैं, जहां फल थोड़ा अंदर धंसा होता है। जैसे कद्दू, पपीता, कुछ…

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समाज जीवन का दुःख और ध्यान का सुख

जीवन का दुःख और ध्यान का सुख

ललित गर्ग भौतिक चकाचैंध एवं आपाधापी के इस युग में मानसिक संतुलन हर व्यक्ति जरूरत है। मानसिक असंतुलन जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है। इससे…

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पर्यावरण पर्यावरण में युद्ध स्तरीय सुधार की जरुरत

पर्यावरण में युद्ध स्तरीय सुधार की जरुरत

- पर्यावरण की अवहेलना के गंभीर दुष्परिणाम समूचे विश्व में परिलक्षित हो रहे हैं। अब सरकार जितने भी नियम-कानून लागू करें उसके साथ साथ जनता…

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