विविधा बिहार की शैक्षणिक व्यवस्था की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन ?

बिहार की शैक्षणिक व्यवस्था की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन ?

बिहार बोर्ड के १२ वीं के नतीजे सूबे की शिक्षा – व्यवस्था पर सहज ही सवाल खड़े करते हैं ….. लगभग डेढ़ दशक के बहुप्रचारित…

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समाज उत्तर प्रदेश की उच्च मेडिकल शिक्षा

उत्तर प्रदेश की उच्च मेडिकल शिक्षा

हर साल देश भर में 55,000 डॉक्टर अपना एमबीबीएस और 25,000 पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करते है। विकास की इस दर के साथ, वर्ष 2020 तक…

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राजनीति जीप के बोनट पर फारुक अहमद धर और बचाव में उतरे उमर अब्दुल्ला –

जीप के बोनट पर फारुक अहमद धर और बचाव में उतरे उमर अब्दुल्ला –

उमर अब्दुल्ला और उनकी मानवाधिकार ब्रिगेड यह तो चिल्ला रही है कि मेजर गोगोई को , फारुख अहमद धर को जीप के बोनट पर नहीं…

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कविता एक क़दम तुम बढ़ाओ……

एक क़दम तुम बढ़ाओ……

एक क़दम तुम बढ़ाओ, दो हम बढ़ायेंगे। फ़ासले जो दरमियां हैं, दूर होते जायेंगे। दूरियाँ मन की नहीं थीं, विचारों के द्वन्द थे, आओ बैठो,…

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विधि-कानून पूर्वाग्रही राजनीति की भेंट चढ़ता संविधान का अनुच्‍छेद 48

पूर्वाग्रही राजनीति की भेंट चढ़ता संविधान का अनुच्‍छेद 48

जानवर कई बार बिकते हैं। कई हाथों से गुजरते हैं। हर खरीदार उनसे बदसलूकी करता है। जानवरों को ठीक से खाना-पानी नहीं मिलता क्योंकि हर…

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राजनीति आस्था को आहत करती विद्वेष की राजनीति

आस्था को आहत करती विद्वेष की राजनीति

सुरेश हिन्दुस्थानी स्वतंत्रता मिलने के बाद भारत की राजनीति का वास्तविक स्वरुप क्या होना चाहिए? इस बात का अध्ययन करने से जो स्थिति सामने आती…

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राजनीति बाबरी ढांचा का गिरना साजिश कैसे हो गया ?

बाबरी ढांचा का गिरना साजिश कैसे हो गया ?

1992 विवादित ढंचे के भस्‍मिभूत हो जाने के बाद जिस तरह का फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को सुनाया था, उसमें भी विवादित…

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विविधा  विरोध का गिरता स्तर गोवध

 विरोध का गिरता स्तर गोवध

क्यों अन्य पशुओं जैसे भैंस बकरी ऊँटनी के दूध में मातृत्व के पूरक अंश नहीं पाए जाते? क्या गाय के अलावा किसी अन्य जीव के…

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विविधा कल्याणकारी योजनाओं में आधार का पेंच

कल्याणकारी योजनाओं में आधार का पेंच

जावेद अनीस 2007 में शुरू की गई मिड डे मील भारत की सबसे सफल सामाजिक नीतियों में से एक है, जिससे होने वाले लाभों को…

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कविता ‘आज’ का क्या करूं मै

‘आज’ का क्या करूं मै

वो शाम चुलबुली सी रातें खिली खिली सी वक़्त के समंदर में वो वक़्त ही घुल गया है। अब शांत सी शामें हैं, चादर में…

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कविता मैं मैं हूँ मैं ही रहूँगी

मैं मैं हूँ मैं ही रहूँगी

मै नहीं राधा बनूंगी, मेरी प्रेम कहानी में, किसी और का पति हो, रुक्मिनी की आँख की किरकिरी मैं क्यों बनूंगी मै नहीं राधा बनूँगी।…

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समाज जिम्मेदारी का घड़ा और स्वच्छता की पहल

जिम्मेदारी का घड़ा और स्वच्छता की पहल

मनोज कुमार गर्मी की तपन बढऩे के साथ ही अनुपम मिश्र की याद आ गयी. उनके लिखे को एक बार फिर पढऩे का मन किया.…

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