जन-जागरण क्या भविष्य में निर्भय हो पाएगी निर्भया ?

क्या भविष्य में निर्भय हो पाएगी निर्भया ?

बी. आर. कौण्डल आखिर भारतीय संसद ने जन आक्रोश को ध्यान में रखते हुए किशोर न्याय विधेयक 2015 को पास कर ही दिया। अब राष्ट्रपति…

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जन-जागरण अलविदा – 15 और सुस्वागतम- 16

अलविदा – 15 और सुस्वागतम- 16

उम्मीदों और आशाओं का दीप जलाता एक वर्ष बीत रहा है।  हर वर्ष के अंतिम दिनों में समाज के सभी वर्गों के लोग अपना वार्षिक…

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राजनीति ‘राष्ट्र-मानस’ की तड़प… ‘टीम-भावना’ युक्त राजनेताओं की कमी खल रही ?

‘राष्ट्र-मानस’ की तड़प… ‘टीम-भावना’ युक्त राजनेताओं की कमी खल रही ?

सबक बिहार से– एक नजरिया   तुलसी टावरी ऐसे क्षण किसी भी राष्ट्र या समाज में विरले ही आते हैं, जब राष्ट्र की सोई चेतना…

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कला-संस्कृति सृष्टि सम्बत का प्रारम्भिक काल

सृष्टि सम्बत का प्रारम्भिक काल

अशोक “प्रवृद्ध” काल गणना करने के लिए किसी प्रारम्भिक विन्दु का निश्चय करना पड़ता है, जहाँ से कि गणना आरम्भ की जा सके। उदाहरणतः यूरोपीय…

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राजनीति सरदार पटेल, सोनिया और रामदेव

सरदार पटेल, सोनिया और रामदेव

डा. वेद प्रताप वैदिक असहिष्णुता के दो कुरुप चेहरे कल देश के सामने आए। एक मुंबई में और दूसरा दिल्ली में! एक ‘कांग्रेस दर्शन’ नामक…

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समाज गोमाता व गोदुग्ध का महत्व

गोमाता व गोदुग्ध का महत्व

मनमोहन कुमार आर्य   ज्ञान व विज्ञान की चरम उन्नति होने पर भी मनुष्य आज भी आधा व अधूरा है। आज भी उसे बहुत सी…

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राजनीति जरूरत है सक्षम एवं सफल राजनीतिक नेतृत्व की

जरूरत है सक्षम एवं सफल राजनीतिक नेतृत्व की

ललित गर्ग- नये वर्ष की शुरूआत के साथ ही राजनीति के लिये शुभ और मंगलकारी होने की ज्यादा जरूरत है। इसके लिये एक ऐसे राजनीतिक…

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विविधा २१वीं सदी का भारत…. जहां शहर बसे गाँवों की गोद में !

२१वीं सदी का भारत…. जहां शहर बसे गाँवों की गोद में !

तुलसी टावरी प्रगति का अर्थ कमजोर को रौंद कर स्वयं आगे बढ़ना कदापि नहीं l समाज में हर एक व्यक्ति को हक़ है, समुचित अवसर…

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राजनीति गोदान इसलिये कि खुशियां साथ जायें और नवजीवन मिले: संजय जोशी

गोदान इसलिये कि खुशियां साथ जायें और नवजीवन मिले: संजय जोशी

गायों के यशस्वी स्थान पर कुछ लोगों की नजर लग गयी है और उनके पेट में यह बात पच नही रही है कि उसे कैसे…

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राजनीति अखंड भारत या वृहत भारत?

अखंड भारत या वृहत भारत?

भाजपा के महासचिव राम माधव ने अखंड भारत की बात क्या कह दी, कबूतरों के दड़बे में बिल्ली छोड़ दी। राम माधव ने साफ़ शब्दों…

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कविता वक्त का तकाज़ा है

वक्त का तकाज़ा है

प्रदूषण को सब , अपनी अपनी तरह निपटायेगे, लालू पुत्र अब, धोड़ों पर ही आयें जायेंगे, बड़ी सी कार मे बैठ कर, वो धोड़ों के…

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नीतीश जी! बिहार में ये कौन से स्वर्णिम दिन हैं?

डॉ. मयंक चतुर्वेदी पिछले दिनों दो इंजीनियरों की हत्या का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि रंगदारी के लिए बिहार से एक ओर इंजीनियर…

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