टॉप स्टोरी जब योग का कहीं कोई विरोध है ही नहीं तो उसे करवाने की आक्रामक नाटकीयता क्यों ?

जब योग का कहीं कोई विरोध है ही नहीं तो उसे करवाने की आक्रामक नाटकीयता क्यों ?

  आजकल शुद्ध  सरकारी और उसका पिछलग्गू व्यभिचारी प्रचार तंत्र नाटकीय ढंग से योगाभ्यास के बरक्स  आक्रामक और असहिष्णु हो चला  है। दृश्य,श्रव्य ,पश्य, छप्य,डिजिटल,इलक्ट्रॉनिक ,मोबाइल  और तमाम ‘प्रवचनीय’ माध्यमों दवरा  बार -बार  कहा जा…

Read more
धर्म-अध्यात्म ‘समाज में बढ़ता पाखण्ड व ठगी और अन्धकारनाशक वेदविद्या’

‘समाज में बढ़ता पाखण्ड व ठगी और अन्धकारनाशक वेदविद्या’

       हमारे देश के पतन के कारणों में मुख्य कारण था विद्या का ह्रास तथा अन्धविश्वासों व पाखण्डों की वृद्धि। वर्तमान में देश में जो…

Read more
राजनीति आपातकाल आज भी अनौपचारिक रूप से देश में मौजूद है

आपातकाल आज भी अनौपचारिक रूप से देश में मौजूद है

शैलेन्द्र चौहान आपातकाल की चालीसवीं वर्ष गांठ के अवसर पर राजनीतिक विमर्श का एक दौर चल पड़ा है। लालकृष्‍ण आडवाणी के बाद अब पूर्व लोकसभा…

Read more
विविधा शारीरिक व्यायाम की प्राचीन कला है योग

शारीरिक व्यायाम की प्राचीन कला है योग

प्रमोद भार्गव यह विडंबना ही है कि जब योग को पूरी दुनिया ने स्वीकार कर लिया है तब चंद धार्मिक समूह इसे धर्म और संप्रदाय…

Read more
स्‍वास्‍थ्‍य-योग दुनिया को क्यों है योग की ज़रूरत

दुनिया को क्यों है योग की ज़रूरत

मो. अनीस उर रहमान खान   आधुनिक युग ने मनुष्य को इतना प्रायौगिक बना दिया है कि वह हर चीज़ को वैज्ञानिक दृष्टि से परखने…

Read more
राजनीति बिहारः दांव पर नरेंद्र मोदी

बिहारः दांव पर नरेंद्र मोदी

प्रमोद भार्गव दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में किरण बेदी का चेहरा आगे करने का हश्र झेल चुकी भाजपा अब कोई दूसरा खतरा…

Read more
राजनीति कलम पर सत्ता का कहर

कलम पर सत्ता का कहर

अरविंद जयतिलक याद होगा २०१२ के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब अखिलेश यादव ने बाहुबली डीपी यादव को समाजवादी पार्टी में लेने का विरोध…

Read more
राजनीति अपराधों से कराहता समाजवादी प्रदेश

अपराधों से कराहता समाजवादी प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहां विकास के बड़े- बडे़ दावे के साथ सर्वोच्च न्यायालय की खुली अवहेलना करते हुए समाचार पत्रों और पत्रिकाओं…

Read more
विविधा संतान को देकर जाएं

संतान को देकर जाएं

श्री राम कृष्ण श्रीवास्तव 1  हम अपने माता पिता होने का दायित्व बड़ी कुशलता से निभाते हैं। अपने बच्चे को योग्यतम शिक्षा और ज्ञान देकर…

Read more
जन-जागरण एक ईश्वर के अनेक नामों का आधार

एक ईश्वर के अनेक नामों का आधार

मनमोहन कुमार आर्य जिस प्रकार से नेत्रहीन मनुष्य संसार के दृश्यों के बारे में कल्पनायें करता है उसी प्रकार लगता है कि हमारे अल्पज्ञानी लोगों…

Read more
विविधा माता-पिता सावधान !

माता-पिता सावधान !

जीवधारियों में शायद मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जिसके बच्चे की परवरिश सबसे अलग व संघर्षपूर्ण है | पहले माता बच्चे को नौ महीने अपनी…

Read more
विविधा Default Post Thumbnail

राष्ट्र के कामकाज और व्यवहार की भाषा ही देश की भाषा हो

अशोक “प्रवृद्ध” जातीय अर्थात राष्ट्रीय उत्थान और सुरक्षा के लिये किसी भी देश की भाषा वही होना श्रेयस्कर होता है,जो जाति अर्थात राष्ट्र के कामकाज…

Read more