राजनीति “नयी बोतल में पुरानी शराब”

“नयी बोतल में पुरानी शराब”

-आलोक कुमार-   आज से लगभग आठ साल पहले बिहार में सिर्फ़ निजाम बदला लेकिन सत्ता का स्वरूप नहीं। आज भी स्थिति वही है जो…

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राजनीति चौथे मोर्चे की परिकल्पना को जमीनी शक्ल देने का वक्त

चौथे मोर्चे की परिकल्पना को जमीनी शक्ल देने का वक्त

-देवेन्द्र कुमार-   यद्यपि आम आदमी पार्टी का राजनीतिक क्षितिज पर उदय के कारण राष्ट्रीय राजनीति में तीसरे मोर्चा की चर्चा थोड़ी थमती नजर आती…

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विविधा नकल माफ़ियाओं के चंगुल में माध्यमिक और उच्च शिक्षा

नकल माफ़ियाओं के चंगुल में माध्यमिक और उच्च शिक्षा

-राघवेन्द्र कुमार राघव-    हरदोई ज़िले की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह नकल माफ़ियाओं की गिरफ़्त में है। प्रतिवर्ष 50,000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं नकल की महामारी…

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लेख बेरोजगारी की मार से बेहाल युवा वर्ग

बेरोजगारी की मार से बेहाल युवा वर्ग

-ओपी सोनिक-   कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय युवा नीति-2014 को मंजूरी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य युवा वर्ग को क्षमता एवं दक्षता…

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विविधा मुस्लिम घुसपैठियों पर चुप्पी क्यों?

मुस्लिम घुसपैठियों पर चुप्पी क्यों?

-प्रवीण दुबे-    घुसपैठ विशेषकर मुस्लिम घुसपैठ को लेकर हमारी केन्द्र सरकार अपने मुंह पर मुसीका क्यों लगा लेती है? कश्मीर में पाकिस्तान से और…

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कविता झारखंड के झरिया का जर्जर विकास

झारखंड के झरिया का जर्जर विकास

-ऋतु राय-    झारखण्ड के झरिया का विकास एक ऐसा विकास जिसके बारे में जानकार लगा की अब लोग बड़े निष्ठुर हो गए और ऐसा…

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विविधा संकट में ग्रामीण शिक्षा

संकट में ग्रामीण शिक्षा

-अभिषेक रंजन-    खबरिया चैनलों, अखबारों के माध्यम से आजकल हर रोज कोई न कोई नया सर्वे होने की खबर मिलती रहती है. लेकिन दुखद…

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राजनीति चाय पर चर्चा के जरिए मोदी पहुंचेंगे गली-मुहल्ले

चाय पर चर्चा के जरिए मोदी पहुंचेंगे गली-मुहल्ले

-एम. अफसर खां सागर-    चाय की चुस्की और चुनावी चकल्लस का चोली दावन का साथ रहा है। अल सुबह चायखानों पर सियासी गुफ्तगु का…

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राजनीति जनता को ज्यादा दिनों तक बरगलाया नहीं जा सकता

जनता को ज्यादा दिनों तक बरगलाया नहीं जा सकता

-आलोक कुमार-    दिल्ली का विधानसभा चुनाव इस बार पूरी तरह से चौंकाने वाले परिणामों से भरा रहा। यहां दो परम्परागत राजनैतिक दलों को सबसे…

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राजनीति समाजवाद पर आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों का कैसा स्वरूप है सुशासनी बिहार ?

समाजवाद पर आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों का कैसा स्वरूप है सुशासनी बिहार ?

-आलोक कुमार-   सुशासन बाबु (नीतीश कुमार) इसके लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं कि देश और बिहार की जनता उन्हें सिद्धांतवादी स्वीकार करे। इसलिए वे बीच-बीच…

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राजनीति आखिर क्या है अराजकता का मापदंड?

आखिर क्या है अराजकता का मापदंड?

-तनवीर जाफरी-   दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गत् 20-21 जनवरी को अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों तथा आम आदमी पार्टी के विधायकों के साथ नई दिल्ली…

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राजनीति के गलियारे में

राजनीति के गलियारे में, तीन व्यक्ति चर्चा में हैं ‘पप्पू’ तो हम सबका ही, राज दुलारा है, उसके गाल का डिंपल देखो, कितना प्यारा प्यारा…

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