व्यंग्य … जब नारद जी सम्मानित हुए

… जब नारद जी सम्मानित हुए

– सुधीर मौर्य-       युग पर युग बदल गए, पर अपने नारद भाई जस के तस। रत्ती पर भी बदलाव नहीं। हाथ में तानपूरा, होठों पे नारायण – नारायण और वही खबरनवीसी का काम।जाने कहां से टहलते-घूमते आपके चरन भारत मैया की धरती पर आटिके। तनिक…

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कुछ बात है यार की हस्ती में …

-मनीष मंजुल- इस छप्पन इंच के सीने में, कोई ऐसी लाट दहकती है, कुछ बात है यार की हस्ती में, यूं जनता जान छिड़कती है! कभी गौरी…

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राजनीति इस कारण हुई कांग्रेस की दुर्गति

इस कारण हुई कांग्रेस की दुर्गति

प्रवीण दुबे    एक बहुत पुरानी कहावत है। ”आए नाग न पूजिए बामी पूजन जाएं’। इसका अर्थ है- घर में जब नाग निकलता है तो…

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राजनीति आजम खां की जिहादी मानसिकता

आजम खां की जिहादी मानसिकता

-यति नरसिंहानन्द सरस्वती-    उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां ने मदरसों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों के सम्मेलन में…

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सुभाष बोस को किसी सांसद की श्रद्धांजलि की आवश्यकता नहीं!

-बीएन गोयल-   सुभाष चन्द्र बोस – एक श्रद्धांजलि    कैसी विडम्बना कि गत 23 जनवरी को देश के सर्वाधिक लोकप्रिय व्यक्ति नेताजी  सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिन के अवसर पर संसद…

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जरूर पढ़ें क्या 84 दंगों पर कांग्रेस इन सवालों का जवाब देगी ?

क्या 84 दंगों पर कांग्रेस इन सवालों का जवाब देगी ?

   इंदिरा जी की हत्या के पश्चात दिल्ली में हुए दंगों के सन्दर्भ में कांग्रेस और उसकी सरकार से चंद प्रश्न है; इंदिरा गांधी की हत्या…

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विविधा बापू की यादें बनीं जीवन का सहारा

बापू की यादें बनीं जीवन का सहारा

– एम अफसर खां सागर-       उनकी काया शारीरिक रूप से दुर्बल ज़रुर दिखती थी मगर वे बेहद मजबूत थे, शारीरिक और आत्मिक दोनों…

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आम और खास

-बीनू भटनागर-   ‘आप’ के नेता आम से ख़ास होते जा रहे हैं… बिलकुल सही, ’आप’ के विरोधी और मीडिया लगातार उन्हें ख़ास बनाने मे…

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राजनीति सरकारें सेवा का पर्याय बनें, दहशत या रुतबे की नहीं

सरकारें सेवा का पर्याय बनें, दहशत या रुतबे की नहीं

-निर्मल रानी-    लगभग तीन दशक पूर्व की बात है, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अब्दुल रहमान अंतुले ने खलीफा हारून रशीद की शासन प्रणाली का…

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विविधा पंचायती राज और जातीय पंचायतें

पंचायती राज और जातीय पंचायतें

-दिनेश परमार-    न्याय एक सार्वभौमिक अवधारणा है। अतः संसार के प्रत्येक देश में इसके संबंध में बहुत विपुल कार्य किया गया। पश्चिम में अरस्तु-प्लेटों…

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जरूर पढ़ें ये प्रणब दा नहीं, राष्ट्रपति हैं

ये प्रणब दा नहीं, राष्ट्रपति हैं

-वीपी वैदिक-    राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस बार गणतंत्र-दिवस पर राष्ट्र के नाम जो संदेश दिया है, वह अपने आप में असाधारण है। प्रायः राष्ट्रपति…

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राजनीति सीमाओं की सुरक्षा के स्थान पर मुस्लिमों पर धन लुटातीं सरकारें

सीमाओं की सुरक्षा के स्थान पर मुस्लिमों पर धन लुटातीं सरकारें

-आरके गुप्ता-    2014 के लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे निकट आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे केन्द्र की कांग्रेस सरकार व उत्तर प्रदेश की मुलायम-अखिलेश सरकार मुस्लिमों…

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