व्यंग्य तुम आदमी हो या…

तुम आदमी हो या…

-विजय कुमार-     शर्माजी को हम सबने मिलकर एक बार फिर ‘वरिष्ठ नागरिक संघ’ (वनास) का अध्यक्ष चुन लिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच…

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राजनीति अरविंद केजरीवाल के धरने के मायने को समझिए

अरविंद केजरीवाल के धरने के मायने को समझिए

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री-   पिछले दिनों 20 जनवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री, आम आदमी पार्टी के प्रधान अरविंद केजरीवाल रेलभवन के सामने धरने पर…

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कविता बड़े घरों में पड़ा ताला

बड़े घरों में पड़ा ताला

-मिलन सिन्हा-   खस्ता हाल साल दर साल क्या करे मजदूर -किसान हैं सब बहुत परेशान या तो बाढ़ या फिर सूखा आधी उम्र गरीब…

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राजनीति ‘आप’ हैं अराजकतावादियों के ‘बाप’

‘आप’ हैं अराजकतावादियों के ‘बाप’

-राकेश कुमार आर्य-    राजनीति  के लिए ‘अराजकतावाद’ का शब्द सर्वप्रथम क्रोपटकिन नामक राजनीतिक मनीषी ने दिया। क्रोपटकिन ने इस शब्द को यूं परिभाषित किया-”अराजकवाद…

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विविधा बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

-आलोक कुमार-    मौजूदा दौर में अगर “बहुप्रचारित विकसित बिहार” की बात करें तो लंबी-चौड़ी सड़कों, अपार्टमेन्टस एवं मॉल्स के निर्माण और विकास दर (आंकड़ों…

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विविधा विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?

विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?

-डॉ. अरविन्द कुमार सिंह-    कल मुम्बई में एक कार्यक्रम हुआ। अवसर था ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों’’ गीत के 51 वीं जयन्ती का। राष्ट्र…

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राजनीति सुशासन बाबू का नालन्दा व कल्याणबिगहा प्रेम

सुशासन बाबू का नालन्दा व कल्याणबिगहा प्रेम

-आलोक कुमार-     एक कुशल और सफ़ल शासक वही होता है जो व्यापक दृष्टिकोण रखता हो। बिहार में आज कहीं सही मायने में विकास…

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कला-संस्कृति भारतीय सभ्यता-संस्कृति का मतलब नहीं बदला जा सकता

भारतीय सभ्यता-संस्कृति का मतलब नहीं बदला जा सकता

-आलोक कुमार-    भारतीय संविधान में जिस सेकुलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) शब्द की व्याख्या है- उसका मूल अर्थ “सर्वधर्म समभाव” के रूप में ग्रहण किया गया था,…

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कविता बेटी को प्रणाम

बेटी को प्रणाम

हे दिव्य प्रेम की शिखर मूर्ति तुम ही हो जननी भगिनी तुम्हीं तुम्हीं हो पत्नी पुत्री तुम्हीं। हे कोटि कंठों का दिव्य गान तुम ही…

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व्यंग्य हजाम और अर्थशास्त्री के वार-पलटवार

हजाम और अर्थशास्त्री के वार-पलटवार

-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी-    शाम को शहर की सड़क पर ‘इवनिंग वॉक’ के लिए निकला था, तभी एक हजाम (नाई/बारबर) का सैलून खुला दिखा।…

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विकेंद्रीकरण के सन्दर्भ में ब्राजील का अध्ययन

-कन्हैया झा-     बीसवीं शताब्दी में ब्राजील का आधुनिकरण तीन स्तंभों आर्थिक विकास, औद्योगीकरण, एवं शहरीकरण पर आधारित था. सन 1980 में कृषि एवं…

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विविधा सरकारी बंगलों में “सत्ता- प्रायोजित” गोरखधंधा

सरकारी बंगलों में “सत्ता- प्रायोजित” गोरखधंधा

-आलोक कुमार-    बिहार के बहुप्रचारित सुशासन में सरकारी -सरंचनाओं का दुरुपयोग शासन की सहभागिता से धड़ल्ले से जारी है। एक तरफ तो राजधानी पटना…

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