तुम आदमी हो या…
Updated: January 29, 2014
-विजय कुमार- शर्माजी को हम सबने मिलकर एक बार फिर ‘वरिष्ठ नागरिक संघ’ (वनास) का अध्यक्ष चुन लिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच…
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अरविंद केजरीवाल के धरने के मायने को समझिए
Updated: January 29, 2014
-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- पिछले दिनों 20 जनवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री, आम आदमी पार्टी के प्रधान अरविंद केजरीवाल रेलभवन के सामने धरने पर…
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बड़े घरों में पड़ा ताला
Updated: January 29, 2014
-मिलन सिन्हा- खस्ता हाल साल दर साल क्या करे मजदूर -किसान हैं सब बहुत परेशान या तो बाढ़ या फिर सूखा आधी उम्र गरीब…
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‘आप’ हैं अराजकतावादियों के ‘बाप’
Updated: January 29, 2014
-राकेश कुमार आर्य- राजनीति के लिए ‘अराजकतावाद’ का शब्द सर्वप्रथम क्रोपटकिन नामक राजनीतिक मनीषी ने दिया। क्रोपटकिन ने इस शब्द को यूं परिभाषित किया-”अराजकवाद…
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बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा
Updated: January 29, 2014
-आलोक कुमार- मौजूदा दौर में अगर “बहुप्रचारित विकसित बिहार” की बात करें तो लंबी-चौड़ी सड़कों, अपार्टमेन्टस एवं मॉल्स के निर्माण और विकास दर (आंकड़ों…
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विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?
Updated: January 29, 2014
-डॉ. अरविन्द कुमार सिंह- कल मुम्बई में एक कार्यक्रम हुआ। अवसर था ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों’’ गीत के 51 वीं जयन्ती का। राष्ट्र…
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सुशासन बाबू का नालन्दा व कल्याणबिगहा प्रेम
Updated: January 29, 2014
-आलोक कुमार- एक कुशल और सफ़ल शासक वही होता है जो व्यापक दृष्टिकोण रखता हो। बिहार में आज कहीं सही मायने में विकास…
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भारतीय सभ्यता-संस्कृति का मतलब नहीं बदला जा सकता
Updated: January 29, 2014
-आलोक कुमार- भारतीय संविधान में जिस सेकुलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) शब्द की व्याख्या है- उसका मूल अर्थ “सर्वधर्म समभाव” के रूप में ग्रहण किया गया था,…
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बेटी को प्रणाम
Updated: January 29, 2014
हे दिव्य प्रेम की शिखर मूर्ति तुम ही हो जननी भगिनी तुम्हीं तुम्हीं हो पत्नी पुत्री तुम्हीं। हे कोटि कंठों का दिव्य गान तुम ही…
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हजाम और अर्थशास्त्री के वार-पलटवार
Updated: January 29, 2014
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी- शाम को शहर की सड़क पर ‘इवनिंग वॉक’ के लिए निकला था, तभी एक हजाम (नाई/बारबर) का सैलून खुला दिखा।…
Read moreविकेंद्रीकरण के सन्दर्भ में ब्राजील का अध्ययन
Updated: January 29, 2014
-कन्हैया झा- बीसवीं शताब्दी में ब्राजील का आधुनिकरण तीन स्तंभों आर्थिक विकास, औद्योगीकरण, एवं शहरीकरण पर आधारित था. सन 1980 में कृषि एवं…
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सरकारी बंगलों में “सत्ता- प्रायोजित” गोरखधंधा
Updated: January 29, 2014
-आलोक कुमार- बिहार के बहुप्रचारित सुशासन में सरकारी -सरंचनाओं का दुरुपयोग शासन की सहभागिता से धड़ल्ले से जारी है। एक तरफ तो राजधानी पटना…
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