आडवाणी बनाम मोदी
Updated: June 6, 2013
2009 में एन.डी.ए. की ओर से प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी, लगता है 2014 में भी अपनी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी छोड़ने को…
Read more
मंदिर जाता भेड़िया
Updated: June 6, 2013
शेर पूछता आजकल, दिया कौन यह घाव। लगता है वन में सुमन, होगा पुनः चुनाव।। गलबाँही अब देखिये, साँप नेवले बीच। गद्दी पाने को सुमन,…
Read more
शहर में लगे ‘कर्फ्यू’ की वजह…?
Updated: June 6, 2013
शहर में ‘कर्फ्यू’ लग ही गया। ‘कर्फ्यू’ की अवधि में शहरवासियों का साँस लेना दूभर हो गया था। बूटो की खट खटाहट से शहर के…
Read more
माओवादी करतूत से उठते सवाल
Updated: June 6, 2013
मो. इफ्तेखार अहमद, छत्तीसगढ़ के जिरम घाटी से गुजरते हुए कांग्रेस पार्टी के काफिले पर 25 मई को हुए माओवादी हमले ने माओवादियों के सिद्धांतों…
Read more
कांग्रेस का प्रतिष्ठा का प्रश्न तो भाजपा का अनमनापन : मंडी उपचुनाव
Updated: June 6, 2013
विनायक शर्मा हिमाचल में मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद के रूप में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट के लिए उपचुनाव…
Read more
देश में बढते अपराध, बेलगाम होते अपराधी, जिम्मेवार कौन ?
Updated: June 6, 2013
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अपराधों का काला साया फैलता जा रहा है यह बहुत ही घातक व अशुभ संकेत है। विश्वगुरु के नाम से…
Read more
सोना हो चाहत अगर
Updated: June 5, 2013
सोना हो चाहत अगर, सोना हुआ मुहाल। दोनो सोना कब मिले, पूछे सुमन सवाल।। खर्च करोगे कुछ सुमन, घटे सदा परिमाण। ज्ञान, प्रेम बढ़ते सदा,…
Read more
थानेदार ढिल-ढिल पाण्डेय का अपना स्टाइल
Updated: June 6, 2013
पुरानी बात है जिले के एक थाना क्षेत्र में चोरियों की बाढ़ आ गई थी। जिससे आम आदमी की नींद हराम हो गई थी। जिले…
Read more
सांप और सीढ़ी
Updated: June 5, 2013
परसों शर्मा जी के घर गया था। वहां उनसे गपशप का सुख तो मिलता ही है, कभी-कभी शर्मा मैडम के हाथ की गरम चाय भी…
Read more
सन्नाटा
Updated: June 5, 2013
कभी कभी एक सन्नाटा, छा जाता है, भीतर ही भीतर, तब कोई आहट , कोई आवाज़, बेमानी सी हो जाती है। इस सन्नाटे से डरती…
Read more
छोटी- सी आशा
Updated: June 5, 2013
जानता नहीं है कहाँ है उसका मुकाम । वह तो लगा रहता है बनाने में एक के बाद दूसरा बहुमंजिला मकान । छोटे-से गाँव का…
Read more
पर्यावरण रक्षा सर्वोपरि फर्ज प्रकृति नहीं तो सब है बेकार
Updated: June 5, 2013
हमारे पास सब कुछ है लेकिन पर्यावरणीय सौन्दर्य नहीं है तो सारे संसाधन, भौतिक संपदा और जीवन व्यवहार सब निरर्थक है। प्रकृति के खुले आँगन…
Read more