जन-जागरण भारत में भाषाओं का अवैज्ञानिक वर्गीकरण

भारत में भाषाओं का अवैज्ञानिक वर्गीकरण

भारत में पानी और बानी (वाणी) में बड़ी शीघ्रता से परिवर्तन आता है। ‘एक कोस पर पानी और चार कोस पर बानी’ परिवर्तित हो जाने…

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विविधा जल ही जीवन है

जल ही जीवन है

जिस देश को ‘सोने की चिड़िया ’ कहा जाता था। जहाँ दूध की नदियाँ बहती थीं। उसी देश में अब दूध तो दूर दो बूँद…

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विविधा बारिश

बारिश

आधी रात से शहर में झमाझम बारिश हो रही है। रह-रहकर बिजली जब तेज आवाज से कड़कती है, तो दिल बैठने लगता है। बादलों को…

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जरूर पढ़ें चित्रा, विशाखा, फाल्गुनी….. नक्षत्रों का शब्द गुंजन

चित्रा, विशाखा, फाल्गुनी….. नक्षत्रों का शब्द गुंजन

ॐ–नक्षत्रों की अवधारणा भारत की देन ॐ –विश्व-व्यापी अंतरिक्षी मानसिकता ॐ –नक्षत्रों के काव्यमय सुंदर नाम   (एक)गुजराती विश्वकोश गुजराती विश्वकोश कहता है, कि,”नक्षत्रों की…

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कविता चक्रव्यूह

चक्रव्यूह

दुनिया तो है एक मेला पर, देखिये इस मेले में आदमी कितना है अकेला . घिरा है भीड़ से पर, कैसे खोजें अपनों को अजनबियों…

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दोहे मँहगी रोटी – सस्ती कार

मँहगी रोटी – सस्ती कार

सोने की चिड़िया कभी, अपना भारत देश। अब के जो हालात हैं, सुमन हृदय में क्लेश।।   मँहगी रोटी हो रही, लेकिन सस्ती कार। यही…

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कविता श्रंगार रस के कवि

श्रंगार रस के कवि

मित्र एक कविता लिखें, चित्र भी संग चिपकायें, चित्र देख कविता लिखें, या लिखकर गूगल पर जायें। शब्द जाल ऐसा बिछायें, हम उलझ उलझ रह…

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विविधा इन्सानियत और मानवता है सबसे बड़ा धर्म

इन्सानियत और मानवता है सबसे बड़ा धर्म

इनसानियत व मानवता सबसे बड़ा धर्म है । कहते हैं दुनिया में कोई ऐसी शक्ति नहीं है जो इनसान को गिरा सके, इन्सान ,इन्सान द्वारा…

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राजनीति आडवाणी तय करें वे क्या चाहते हैं?

आडवाणी तय करें वे क्या चाहते हैं?

नरेन्द्र मोदी को लेकर तमाम आशंकाओं, सियासी झंझावातों, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी एंड पार्टी का विरोध, कांग्रेस का मीडिया मेनेजमेंट और मानसून की आमद; ये…

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दोहे रीति बहुत विपरीत

रीति बहुत विपरीत

जीवन में नित सीखते, नव-जीवन की बात। प्रेम कलह के द्वंद में, समय कटे दिन रात।।   चूल्हा-चौका सँग में, और हजारो काम। डरते हैं…

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राजनीति राज्यपाल क्या इस आवाज़ को सुनेंगे?

राज्यपाल क्या इस आवाज़ को सुनेंगे?

आजादी के बाद विकास के नाम पर कुर्बानी देने का जो नशा इस देश के नागरिकों पर चढ़ा था, वह अब पूरी तरह से उतर…

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दोहे जैसे मैं उसके लिए मर गया

जैसे मैं उसके लिए मर गया

जैसे मैं उसके लिए मर गया, वैसे वो मेरे लिए मर गया ! पर सवाल इंसानियत का है, जो दोनों के दिलों में मर गया…

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