टॉप स्टोरी बलिदानों के प्रति ‘एहसानफरामोशी’

बलिदानों के प्रति ‘एहसानफरामोशी’

देवेन्द्र सिंह आर्य पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपनी निजी यात्रा पर अजमेर शरीफ में जियारत के लिए आए, जिनका देश में भारी विरोध…

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गजल मुहोब्बत की भला इससे बड़ी

मुहोब्बत की भला इससे बड़ी

मुहोब्बत की भला इससे बड़ी सौगात क्या होगी जला कर घर खड़ा हूँ मै यहाँ अब रात क्या होगी ||   गुनाहों में गिना जाने…

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विविधा मानवाधिकारवादी सुनें:पंछी की तड़प

मानवाधिकारवादी सुनें:पंछी की तड़प

महाभारत के युद्घ में सर्वाधिक शालीन और मर्यादा की प्रतिमूर्ति, असाधारण व्यक्तित्व और प्रतिभा के धनी महात्मा विदुर का चिंतन इस राष्ट्र की गौरवपूर्ण थाती…

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कविता राजनीति के सिलबट्टे पर घिसता पिसता आम आदमी

राजनीति के सिलबट्टे पर घिसता पिसता आम आदमी

राजनीति के सिलबट्टे पर घिसता पिसता आम आदमी मजहब के मंदिर मस्जिद पर बलि का बकरा आम आदमी || राजतंत्र के भ्रष्ट कुएं में पनपे…

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जरूर पढ़ें क्या हिन्दी भाषा विलुप्त होने के कगार पर है ?

क्या हिन्दी भाषा विलुप्त होने के कगार पर है ?

इस प्रश्न का उत्तर सीधे साधे एक शब्द मे देना हो तो मै कहूँगी – नहीं। हर भाषा के कई स्तर होते हैं 1. बोलना…

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आर्थिकी भारत में बासल II का मूल्यांकन

भारत में बासल II का मूल्यांकन

बैंकिंग किसी भी अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक जोखिम से भरा व्यवसाय है क्योंकि इसमें जनता का धन दांव पर लगा होता है और यह अत्यधिक लेवरेज्ड…

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महिला-जगत कन्या भ्रूण हत्या

कन्या भ्रूण हत्या

अमित त्यागी   देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने महात्मा गांधी की 138वीं जयंती के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय…

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चमनलाल की मौत

चमनलाल मर गए। वैसे तो एक दिन उन्हें मरना ही था। हर कोई मर जाता है । इस फानी दुनिया का और जीवन का यही…

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टॉप स्टोरी इटालियन राजदूत को तुरंत गिरफ्तार करो..

इटालियन राजदूत को तुरंत गिरफ्तार करो..

 इटली के विदेश मंत्री की यह घोषणा की दो भारतीय मछुआरों की ह्त्या का आरोप झेल रहे दोनों इटेलियन नौसैनिकों को भारत वापस नहीं भेजा…

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गजल “हुई पहली फुहार भरी बारिश तो तेरी याद आई”

“हुई पहली फुहार भरी बारिश तो तेरी याद आई”

हुई पहली फुहार भरी बारिश तो तेरी याद आई निंदिया से पहले सपनों की बारात और साथ में कुछ हलके-हौले से बीत जानें की बोझिल…

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कविता हेमंत-ऋतु

हेमंत-ऋतु

पल्लव भी बिखर गये, सुन्दर सुमन झुलस गये, पंखुड़ियाँ बिखर गईं, धूल मे समा गईं।   बाग़ मे बहार थी, बसंत-ऋुतु रंग थे, धूल भरी…

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विविधा पुलिस के तौर तरीके़ सुधारने को सरकार क्यों नहीं होती तैयार?

पुलिस के तौर तरीके़ सुधारने को सरकार क्यों नहीं होती तैयार?

सुप्रीम कोर्ट के बार बार फटकारने पर भी सभी दल चुप्पी साधे हैं! इक़बाल हिंदुस्तानी दिल्ली गैंगरेप के विरोध में जंतर मंतर पर हुए विरोध…

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