खून बहाते खूनी रिश्ते , कौन दोषी, कौन जिम्मेदार ?
Updated: June 15, 2013
वर्तमान समाज में खूनी रिश्तों में इतनी नफरत बढ़ रही है कि खूनी रिश्ते ही एक दूसरे का खून बहा रहे है रिश्तों में आ…
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लधुकथा(राजनीति)
Updated: June 15, 2013
गरीब थी ,बेचारी रोज शहर में दिहाड़ी कमाने जाती, शाम ढलते ही वापस घर आ जाती थी । एक दिन उसकी बस छूट गई ।…
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लधुकथा(पुस्तकवध्द)
Updated: June 15, 2013
आज रविवार था ,विजय को भी दफतर से अवकाश था । सोचा परिवार सहित बाजार घूमने चलें । विजय की पत्नी नेहा व बच्चे भी…
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बाबुल मेरे उड़ना सिखाया…..
Updated: June 3, 2013
बाबुल मेरे ने उड़ना सिखाया…बचपन में गिरते को ऊंगली पकड़कर चलना सिखाया… उनके एक उत्साह से मानो मेरे हौसले को लग गए हों पंख…मानो मैं…
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भाजपा में पनपे मोदीवाद को झटका
Updated: June 14, 2013
प्रमोद भार्गव भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा तीन पदों से इस्तीफा देना नरेंद्र मोदी के लिए ‘सिर मुडाते ही ओले पड़ने’ की कहावत…
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आम
Updated: June 14, 2013
दोपहर में जब मम्मी सोई, दादी करती थीं आराम| लगा जोर से टेर लगाने, ठेले वाला ले लो आम| उठे दौड़कर चुन्नू आये, छोड़े सभी…
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एक या अनेक
Updated: June 14, 2013
बहुमुखी प्रतिभा या विशेषज्ञता [ specialization or versatility ] किसी भी कला मे, कला ही क्यो, साहित्य खेलकूद या किसी भी अन्य क्षेत्र मे कोई…
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क्या गुल खिलाएगी क्षत्रपों की राजनीति?
Updated: June 14, 2013
सिद्धार्थ शंकर गौतम गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद से ही राजनीति…
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सवालों के घेरे में देश की शिक्षा व्यवस्था
Updated: June 14, 2013
मोहम्मद इफ्तेखार अहमद, सीबीएसई से साइंस साइड से 96त्न अंके के साथ इसी वर्ष 12वीं पास करने वाले एक नेत्रहीन छात्र कार्तिक साहनी ने वर्तमान…
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समाजवाद का विकृत चेहरा – सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र”
Updated: June 14, 2013
समाजवाद क्या है ? क्या, राममनोहर लोहिया का समाजवादी चिंतन सपा के आचरण जैसा ही रहा होगा ? ऐसे अनेकों प्रश्नो है जो उत्तरप्रदेश में…
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इस बेटी के ज़ज्बे को सलाम-राजीव गुप्ता
Updated: June 14, 2013
वर्तमान समय में बब्बी कुमारी दिल्ली स्थित जवाहरलालनेहरू विश्वविद्यालय से सोशियोलोजी की छात्रा हैं और इस समय ग्रीष्मावकास और वृद्ध पिता जी की तबियत ठीक…
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हास्य व्यंग्य कविता : परेशान ‘मेल’
Updated: June 13, 2013
मिलन सिन्हा मैनेजर ने बड़े बाबू से पूछा, ये क्या हाल बना रक्खा है, टेबुल पर फाइलों का अंबार लगा रक्खा है ?…
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