‘सिद्धांतों और सिंहासन के दोराहे पर खड़ी है भाजपा
Updated: February 10, 2013
सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र’ लोकसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ सभी दलों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है । बात चाहे भाजपा की हो…
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अहसास ए दर्द वो करे गर चोट खायें हम….
Updated: February 10, 2013
इक़बाल हिंदुस्तानी नामो निशां भी जुल्म का जिसमें ना पायें हम, ऐसा निज़ाम देश में लाकर दिखायें हम। अब ऐसे आदमी को मसीहा बनाइये,…
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मैने कहाँ मांगा था…
Updated: February 10, 2013
मैने कहाँ मांगा था सारा आसमा, दो चार तारे बहुत थे मेरे लियें, दो चार तारे भी नहीं मिले तो क्या.. चाँद की चाँदनी तो…
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मौन
Updated: February 10, 2013
विजय निकोर तुम्हारी याद के मन्द्र – स्वर धीरे से बिंध गए मुझे कहीं सपने में खो गए और मैं किंकर्तव्यविमूढ़ अपने विस्मरण से खीजता…
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बसंत बहार
Updated: February 10, 2013
गूंजा राग बसंत बहार दिशा दिशा सम्मोहित हैं, फूल खिले तो रंग बिखरे हैं, गूंजा जब मधुरिम आलाप। भंवरों पर छाया उन्माद, स्वरों की हुई…
Read moreभाजपा को ही तोड़ लेना चाहिए जद यू से नाता
Updated: February 10, 2013
बीपी गौतम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आधार भारतीय जनता पार्टी है। बड़े घटकों में अकाली दल, शिवसेना और जद यू प्रमुख हैं। यहाँ ध्यान देने…
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दिल्ली से कुम्भ तक भाजपा के सियासी निहितार्थ
Updated: February 10, 2013
सियासत में तमाम विविधताओं के बीच मुद्दों के प्रति संतुलन का होना बेहद जरूरी होता है ! फिलहाल मुद्दों को लेकर खीचतान की बजाय संतुलन…
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अंधकार की नहीं चलेगी
Updated: February 10, 2013
मां बोली सूरज से बेटे,सुबह हुई तुम अब तक सोये| देख रही हूं कई दिनों से,रहते हो तुम खोये खोये| जब जाते हो सुबह काम…
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सुशील कुमार शिन्दे के कहने का अर्थ –
Updated: February 10, 2013
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री दिल्ली विश्वविद्यालय के अति प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में श्रीराम वाणिज्य महाविद्यालय का नाम गिना जाता है । समय समय पर यह…
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दिशा और दशा परिवर्तन की टोह लेता भारत
Updated: February 10, 2013
नरेश भारतीय देशवासी ही नहीं, देश से हजारों किलोमीटर दूर विदेशों में बसे भारतीय भी आज महसूस करते हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत की…
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यात्रियों को चाहिए सुचारू,सुरक्षित एवं सुविधा संपन्न ‘भारतीय रेल’
Updated: February 10, 2013
निर्मल रानी भारतीय रेल की गिनती दुनिया के गिने-चुने सबसे बड़े रेल नेटवर्क में की जाती है। परंतु आज़ादी के 6 दशक पार कर जाने…
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हिंदुत्व और चाटुकारिता को पहचानना होगा
Updated: February 10, 2013
सिद्धार्थ शंकर गौतम कौन कहता है धर्म और राजनीति का मेल नहीं हो सकता? यकीन न हो तो जरा संगम तट पर चल रहे महाकुंभ…
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