आडवानी के त्यागपत्र के निहितार्थ
Updated: June 17, 2013
भाजपा के कद्दावर नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने बिना इस बात का स्पष्ट शब्दों में उल्लेख किये कि वे गुजरात के…
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कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पर — सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र”
Updated: June 17, 2013
कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पर, दो पल मिलते हैं साथ साथ चलते हैं,जब मोड़ आये तो ,बच के निकलते हैं । बहुचर्चित चलचित्र पेज-३…
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जहाँ व्यवसायिक मनोवृत्ति वहां न धर्म-कर्म न समाजसेवा
Updated: June 17, 2013
दुनिया में जहां मानवीय मूल्यों को प्रधानता प्राप्त है वहाँ लोक सेवा, परोपकार और सदाशयता के साथ ही तमाम नैतिक मूल्यों और आदर्शो को महत्त्व…
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राम का भोला भक्त
Updated: June 22, 2013
इस धरती पर एक बड़ा सुन्दर देश भारत है| हालांकि आजकल पढ़े-लिखे सभ्य लोग इसे ‘इण्डिया’ कहते हैं पर चूँकि हम पर सभ्यता का नशा…
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आम की चटनी
Updated: June 16, 2013
आवाज़ आ रही खटर पटर, पिस रहे आम सिलबट्टे पर| अमियों के टुकड़े टुकड़े…
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वाजपेयी उदार और आडवाणी कट्टर क्यों माने जाते रहे हैं?
Updated: June 16, 2013
इक़बाल हिंदुस्तानी मोदी को आगे लाने से भाजपा की सीटें बढ़ सकती हैं घटक नहीं! भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने मोदी का बचाव करते हुए…
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दिन और रात
Updated: June 16, 2013
रोज रोज हो जाता है दिन, रोज रोज हो जाती रात| बोलो बापू क्या है कारण, बोलो बापू क्या है बात| बापू बोले बात जरासी,…
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भीष्म पितामह और लाल कृष्ण आडवानी
Updated: June 16, 2013
अपने देश में पितामह शब्द ही भीष्म का पर्यायवाची मान लिया गया है। भीष्म विख्यात कुरुवंशी हस्तिनापुर के राजा शान्तनु के पुत्र और…
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शहीदों के सरताज -गुरु अर्जुन देव जी
Updated: June 4, 2013
तेरा कीआ मीठा लागै…हरि नाम पदारथ नानक मांगे…गुरबाणी के इन शब्द को सुनकर आपने अंदाजा लगा लिया होगा कि हम ईश्वर की रज़ा की बात…
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देख लिया न दादू!
Updated: July 7, 2013
दादू! देख लिया न अपनी जिद का नतीजा ! अपनी तो फजीहत करवाई ही, हमारी भी बची खुची नाक कटवा कर रख दी। लुटिया डुबोते…
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तीसरे मोर्चे की सियासी संभावनाएं – सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र”
Updated: June 15, 2013
हालिया प्रदर्शित बहुचर्चित चलचित्र गैंग्स ऑफ वासेपुर में रामाधीर सिंह (तिग्मांशु धुलिया) का एक संवाद है, इहां सबके दिमाग में अपना सिनेमा चल रहा है…
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आखिर कब तक बेमौत मरते रहेगें स्कूली बच्चे…..?
Updated: June 15, 2013
देश में बढ़ते स्कूली बस हादसे रूकने का नाम नहीं ले रहे है ,प्रतिवर्ष स्कूली बच्चे बेमौत मारे जा रहे हैं मगर ब्यवस्था बहरी बनी…
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