राजनीति भूतपूर्व लौहपुरुष के तेवर हो गए लाल

भूतपूर्व लौहपुरुष के तेवर हो गए लाल

निरंजन परिहार बीजेपी में हड़कंप है। लालकृष्ण आडवाणी अड़ गए हैं। नितिन गड़करी नहीं चलेंगे। संघ परिवार बहुत कोशिश कर रहा है। कोशिश यह कि…

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कविता वियोग –  विजय निकोर

वियोग – विजय निकोर

सोचता हूँ, चबूतरे पर बैठी अभी भी क्रोशिए से तुम कोई नाम बुनती हो क्या ? ….इसका मतलब ?   तो, “क्या” नाम बुनती होगी…

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टॉप स्टोरी ‘भागवत पुराण’: निगाहें कहीं पर, निशाना कहीं

‘भागवत पुराण’: निगाहें कहीं पर, निशाना कहीं

तनवीर जाफ़री राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महिलाओं के साथ होने वाले दुराचार व बलात्कार के परिपेक्ष्य में पिछले दिनों अपनी यह…

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आलोचना हिन्दी के मार्क्सवादी आलोचक औैर बुद्धिजीवी

हिन्दी के मार्क्सवादी आलोचक औैर बुद्धिजीवी

पाण्डेय शशिभूषण ‘शीतांशु’  हिन्दी में मार्क्सवादी आलोचकों ने पिछले पचास वर्षों में साहित्य की भावनक्षमता और पाठकीय संवेदनशीलता को कुंठित-अवरोधित ही किया है। इन सब…

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व्यंग्य पुस्तक लोकार्पण संस्कार

पुस्तक लोकार्पण संस्कार

पंडित सुरेश नीरव किताब से जिसका इतना-सा भी संबंध हो जितना कि एक बच्चे का चूसनी से तो वह समझदार व्यक्ति पुस्तक लोकार्पण के कार्यक्रम…

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व्यंग्य कैंडील मार्च करा लो…

कैंडील मार्च करा लो…

पंडित सुरेश नीरव कभी रहा होगा भारत कृषि प्रधान देश। इक्सवींसदी में तो यह बाकायदा विश्व का टॉप मोमबत्ती प्रधान देश बन चुका है। जो…

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मीडिया उपेक्षित है ग्रामीण पत्रकारिता

उपेक्षित है ग्रामीण पत्रकारिता

डॉ. आशीष वशिष्ठ ग्रामीण परिवेश तथा ग्रामीण जन के प्रति भारतीय जनमानस में गहरी संवेदनाएं हैं. प्रेमचंद, रेणु, शरतचंद्र, नागार्जुन जैसे मूर्धन्य साहित्यकारों ने ग्रामीण…

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आर्थिकी मंहगा हुआ रेल सफर का विरोध क्यों ?

मंहगा हुआ रेल सफर का विरोध क्यों ?

रवि शंकर नए वित्तीय साल से पहले केंद्र सरकार ने आम आदमी को मंहगाई का एक और झटका दिया है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के…

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राजनीति भाजपा के आगे भविष्य की चुनौतियाँ — डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री

भाजपा के आगे भविष्य की चुनौतियाँ — डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री

सोनिया कांग्रेस ने देश की सत्ता संभालने के लिये यू पी ए के नाम से जो ताना बाना बुना था वह धीरे धीरे बिखरने लगा…

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राजनीति सियासी अस्थिरता की भंवर में झारखंड

सियासी अस्थिरता की भंवर में झारखंड

हिमकर श्याम झारखंड एक बार फिर सियासी अस्थिरता के भंवर में फंसा हुआ हुआ है। अर्जुन मुंडा सरकार से झामुमो के समर्थन वापसी के बाद…

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महिला-जगत मर्दवादी महिषासुर और स्त्रीवादी दुर्गा – सारदा बनर्जी

मर्दवादी महिषासुर और स्त्रीवादी दुर्गा – सारदा बनर्जी

लोग स्त्री पर जब भी बात करते हैं तो उसे मां, बहन, बीवी, चाची, बुआ, ताई के नज़रिए से देखने पर ज़ोर देते रहते हैं।…

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विधि-कानून कठोर कानून तो चाहिए ही, लेकिन संस्कार व्यवस्था भी हो- मा. गो. वैद्य

कठोर कानून तो चाहिए ही, लेकिन संस्कार व्यवस्था भी हो- मा. गो. वैद्य

१६ दिसंबर को, राजधानी दिल्ली में चलती बस में एक २३ वर्षीय युवती पर पशु को भी शर्मिंदा करने वाला राक्षसी लैंगिक अत्याचार मानव देहधारी…

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