कविता मै गुमशुदा हूँ

मै गुमशुदा हूँ

बीनू भटनागर मै कौन हूँ? कहाँ हूँ ? अंधेरी रातों मे गुमशुदा हूँ। कुछ साये अंजाने से, डराने लगे हैं। कुछ दर्द पुराने से याद…

Read more
महत्वपूर्ण लेख तमिल-हिंदी के बीच सेतु है संस्कृत–डॉ. मधुसूदन

तमिल-हिंदी के बीच सेतु है संस्कृत–डॉ. मधुसूदन

(१) विषय प्रवेश। सभी प्रबुद्ध टिप्पणीकार पाठकों की उत्साह-जनक टिप्पणियों के कारण ही, इस विषय को और आगे बढाने का विचार दृढ हुआ। पर यह…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ बयोंड ने बाजार में उतारी ‘‘वैल्यू फॉर मनी’’ टैबलेट रेंज

बयोंड ने बाजार में उतारी ‘‘वैल्यू फॉर मनी’’ टैबलेट रेंज

अपने आगमन के साथ ही टैबलेट भारतीय उपभोक्ता बाजार पर छा गए हैं। इनका विकास बड़ी ही तीव्र रफ्तार से जारी है। यह एक महत्वपूर्ण…

Read more
गजल बाग़ी करोड़ों लोग हैं दो चार मत समझ…..

बाग़ी करोड़ों लोग हैं दो चार मत समझ…..

इक़बाल हिंदुस्तानी मजबूर हूं मगर मुझे लाचार मत समझ, बेरोज़गार हूं मगर बेकार मत समझ।   मेरी तरह सभी को क़लम तो नहीं मिली, बाग़ी…

Read more
बच्चों का पन्ना ये त्योहारों का मौसम है

ये त्योहारों का मौसम है

ये त्योहारों का मौसम है गणपति वंदन और विसर्जन नव-रात्रि मे देवी पूजन, संसकृति संगीत धर्म का संगम, कंहीं बांगला साज़ बजेगा, रामलीला का मंचन…

Read more
राजनीति अन्ना जीरो केजरीवाल हीरो…..

अन्ना जीरो केजरीवाल हीरो…..

जब से अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम मे भाजपा को भी शामिल किया तथा अपनी खुद की पार्टी बनाने का ऐलान कर…

Read more
व्यंग्य रामलीलाएं और भव्य कवि सम्मेलन

रामलीलाएं और भव्य कवि सम्मेलन

सुरेश नीरव भारत एक लीला प्रधान देश है। वर्षभर यहां किसिम-किसिम के विविधभारती जलसे होते ही रहते हैं। इसलिए ही इसे भारतवर्ष भी कहा जाता…

Read more
कविता मजदूर की जिंदगी

मजदूर की जिंदगी

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’ धरती का सीना फाड़ अन्न हम सब उपजाते हैं | मेहनतकश मजदूर मगर हम भूखे ही मर जाते हैं | धन की…

Read more
जन-जागरण आखिरकर बनाना रिपब्लिक बनाया किसने!

आखिरकर बनाना रिपब्लिक बनाया किसने!

आशीष वशिष्ठ यूपीए की चेयरपर्सन एवं कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने मैंगो पीपल इन बनाना रिपब्लिक लिखकर विवाद को जन्म दिया…

Read more
कविता अनुप्रश्न

अनुप्रश्न

 विजय निकोर स्तब्धता को मसोसती बूँद-बूँद टपकते पानी की टप-टप रसोई की साँस हो जैसे !   थाली में गरम रोटी परोसे पुकार रही है…

Read more
महत्वपूर्ण लेख कुछ मीत मिले एक मीट हुई

कुछ मीत मिले एक मीट हुई

संजय तिवारी  आखिरीबार कब इस तरह से दो चार नेटीजन मित्रों से मुलाकात हुई थी, याद नहीं है. इस बार संजीव सिन्हा का फोन आया…

Read more
महत्वपूर्ण लेख प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे

प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे

आज प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे हो गए। 16 अक्टूबर 2008 को इसकी शुरूआत हुई थी। उद्देश्य था- इंटरनेट पर राष्ट्रभाषा समृद्ध हो, हिंदी में…

Read more