मै गुमशुदा हूँ
Updated: October 18, 2012
बीनू भटनागर मै कौन हूँ? कहाँ हूँ ? अंधेरी रातों मे गुमशुदा हूँ। कुछ साये अंजाने से, डराने लगे हैं। कुछ दर्द पुराने से याद…
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तमिल-हिंदी के बीच सेतु है संस्कृत–डॉ. मधुसूदन
Updated: October 25, 2012
(१) विषय प्रवेश। सभी प्रबुद्ध टिप्पणीकार पाठकों की उत्साह-जनक टिप्पणियों के कारण ही, इस विषय को और आगे बढाने का विचार दृढ हुआ। पर यह…
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बयोंड ने बाजार में उतारी ‘‘वैल्यू फॉर मनी’’ टैबलेट रेंज
Updated: October 18, 2012
अपने आगमन के साथ ही टैबलेट भारतीय उपभोक्ता बाजार पर छा गए हैं। इनका विकास बड़ी ही तीव्र रफ्तार से जारी है। यह एक महत्वपूर्ण…
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बाग़ी करोड़ों लोग हैं दो चार मत समझ…..
Updated: October 17, 2012
इक़बाल हिंदुस्तानी मजबूर हूं मगर मुझे लाचार मत समझ, बेरोज़गार हूं मगर बेकार मत समझ। मेरी तरह सभी को क़लम तो नहीं मिली, बाग़ी…
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ये त्योहारों का मौसम है
Updated: October 17, 2012
ये त्योहारों का मौसम है गणपति वंदन और विसर्जन नव-रात्रि मे देवी पूजन, संसकृति संगीत धर्म का संगम, कंहीं बांगला साज़ बजेगा, रामलीला का मंचन…
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अन्ना जीरो केजरीवाल हीरो…..
Updated: October 17, 2012
जब से अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम मे भाजपा को भी शामिल किया तथा अपनी खुद की पार्टी बनाने का ऐलान कर…
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रामलीलाएं और भव्य कवि सम्मेलन
Updated: October 17, 2012
सुरेश नीरव भारत एक लीला प्रधान देश है। वर्षभर यहां किसिम-किसिम के विविधभारती जलसे होते ही रहते हैं। इसलिए ही इसे भारतवर्ष भी कहा जाता…
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मजदूर की जिंदगी
Updated: October 17, 2012
राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’ धरती का सीना फाड़ अन्न हम सब उपजाते हैं | मेहनतकश मजदूर मगर हम भूखे ही मर जाते हैं | धन की…
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आखिरकर बनाना रिपब्लिक बनाया किसने!
Updated: October 17, 2012
आशीष वशिष्ठ यूपीए की चेयरपर्सन एवं कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने मैंगो पीपल इन बनाना रिपब्लिक लिखकर विवाद को जन्म दिया…
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अनुप्रश्न
Updated: October 17, 2012
विजय निकोर स्तब्धता को मसोसती बूँद-बूँद टपकते पानी की टप-टप रसोई की साँस हो जैसे ! थाली में गरम रोटी परोसे पुकार रही है…
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कुछ मीत मिले एक मीट हुई
Updated: October 20, 2012
संजय तिवारी आखिरीबार कब इस तरह से दो चार नेटीजन मित्रों से मुलाकात हुई थी, याद नहीं है. इस बार संजीव सिन्हा का फोन आया…
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प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे
Updated: April 9, 2014
आज प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे हो गए। 16 अक्टूबर 2008 को इसकी शुरूआत हुई थी। उद्देश्य था- इंटरनेट पर राष्ट्रभाषा समृद्ध हो, हिंदी में…
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