विश्ववार्ता तौहीन-ए-रसूल को लेकर मुस्लिम जगत में फिर आया उबाल

तौहीन-ए-रसूल को लेकर मुस्लिम जगत में फिर आया उबाल

तनवीर जाफरी डेनमार्क के एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र जीलैंडस पोस्टेन में 30 सितंबर 2005 को संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हुए हज़रत मोहम्मद के 12 आपत्तिजनक…

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राजनीति मनमोहन के फैसले ने ममता की घबराहट बढ़ायी

मनमोहन के फैसले ने ममता की घबराहट बढ़ायी

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र सरकार को 72घंटे का अल्टीमेटम दिया है और कहा है डीजल के बढ़े दाम और…

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राजनीति यह सरकार है या जल्लाद

यह सरकार है या जल्लाद

विपिन किशोर सिन्हा स्वतंत्र भारत के ६५ वर्षों के इतिहास की यह सबसे असंवेदनशील और भ्रष्ट सरकार है। सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के कुप्रबंधन…

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टॉप स्टोरी जल सत्याग्रह से उठे विवाद

जल सत्याग्रह से उठे विवाद

प्रमोद भार्गव ओंकारेश्वर बांध के जल भराव को कम करने व विस्थापितों को डूब में आर्इ जमीन के बदले जमीन देने संबंधी आंदोलनकारियों की मांगे…

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राजनीति चुनावी चंदे में पारदर्शिता की जरूरत

चुनावी चंदे में पारदर्शिता की जरूरत

प्रमोद भार्गव चुनाव में सुधार और राजनीतिक चंदों में पारदर्शिता लाने कि मुहिम में जुटे स्वयं सेवी संगठन असोशिएशन फार डेमोक्रेटिक रिर्फाम व नेशनल इलेक्षन…

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विविधा शैक्षिक परिदृश्य में विस्थापित होती हिन्दी

शैक्षिक परिदृश्य में विस्थापित होती हिन्दी

प्रमोद भार्गव वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी अनेक विरोधाभासी स्थितियों से जूझ रही है। एक तरफ उसने अपनी ग्राह्यता तथा तकनीकी श्रेष्ठता सिद्ध करके वैश्विक…

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साहित्‍य भारत की सही पहचान (भाग १.)

भारत की सही पहचान (भाग १.)

विश्व मोहन तिवारी मुझे यह बहुधा सुनने में आता है कि भारत, अर्थात इंडिया, कभी एक देश नहीं था; वे इतने आत्मविश्वास से यह कहते…

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टॉप स्टोरी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में स्वदेशी चिंतन

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में स्वदेशी चिंतन

प्रमोद भार्गव शाह खर्च, गिरती औधोगिक उत्पादन दर, बढ़ती बेरोजगारी और विदेशी सामान से पटे अमेरिकी बाजार ने यहां कि अर्थव्यवस्था को डांवाडोल किया हुआ…

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विविधा अपनों के विरूद्ध

अपनों के विरूद्ध

हिमकर श्याम   अपनों के विरूद्ध हो रही है लामबंदी बारूदी गंध घुल रही फिजाओं में अवसाद भरा कोरस गूंज रहा हवाओं में हो रही…

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विविधा अपराधी कौन ?मैकाले या हम ?

अपराधी कौन ?मैकाले या हम ?

डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री अपनी वर्तमान शिक्षा की जिन बातों को लेकर समाज में असंतोष है उनमें से एक है ” शिक्षा का माध्यम “. अंग्रेजी…

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विविधा हिन्दू महाकाव्य और सत्यान्वेषी-1

हिन्दू महाकाव्य और सत्यान्वेषी-1

ऐसे हुआ ह्रदय परिवर्तन  हो.वे. शेषाद्रि  कुछ साल पहले श्री सुनील मुखर्जी नामक सज्जन कलकत्ता के निकट बेरहामपुर में मुझसे मिलने आए थे। उनके एक…

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विविधा हम स्वयं ही तो कर रहे हैं हिंदी की हिंदी

हम स्वयं ही तो कर रहे हैं हिंदी की हिंदी

तेजवानी गिरधर शीर्षक पढ़ कर ही आप समझ गए होंगे कि हमने हिंदी भाषा की हालत क्या कर दी है। शीर्षक में दूसरी बार आया…

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