राजनीति चुनावी चंदे में पारदर्शिता की जरूरत

चुनावी चंदे में पारदर्शिता की जरूरत

प्रमोद भार्गव चुनाव में सुधार और राजनीतिक चंदों में पारदर्शिता लाने कि मुहिम में जुटे स्वयं सेवी संगठन असोशिएशन फार डेमोक्रेटिक रिर्फाम व नेशनल इलेक्षन…

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विविधा शैक्षिक परिदृश्य में विस्थापित होती हिन्दी

शैक्षिक परिदृश्य में विस्थापित होती हिन्दी

प्रमोद भार्गव वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी अनेक विरोधाभासी स्थितियों से जूझ रही है। एक तरफ उसने अपनी ग्राह्यता तथा तकनीकी श्रेष्ठता सिद्ध करके वैश्विक…

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साहित्‍य भारत की सही पहचान (भाग १.)

भारत की सही पहचान (भाग १.)

विश्व मोहन तिवारी मुझे यह बहुधा सुनने में आता है कि भारत, अर्थात इंडिया, कभी एक देश नहीं था; वे इतने आत्मविश्वास से यह कहते…

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टॉप स्टोरी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में स्वदेशी चिंतन

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में स्वदेशी चिंतन

प्रमोद भार्गव शाह खर्च, गिरती औधोगिक उत्पादन दर, बढ़ती बेरोजगारी और विदेशी सामान से पटे अमेरिकी बाजार ने यहां कि अर्थव्यवस्था को डांवाडोल किया हुआ…

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विविधा अपनों के विरूद्ध

अपनों के विरूद्ध

हिमकर श्याम   अपनों के विरूद्ध हो रही है लामबंदी बारूदी गंध घुल रही फिजाओं में अवसाद भरा कोरस गूंज रहा हवाओं में हो रही…

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विविधा अपराधी कौन ?मैकाले या हम ?

अपराधी कौन ?मैकाले या हम ?

डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री अपनी वर्तमान शिक्षा की जिन बातों को लेकर समाज में असंतोष है उनमें से एक है ” शिक्षा का माध्यम “. अंग्रेजी…

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विविधा हिन्दू महाकाव्य और सत्यान्वेषी-1

हिन्दू महाकाव्य और सत्यान्वेषी-1

ऐसे हुआ ह्रदय परिवर्तन  हो.वे. शेषाद्रि  कुछ साल पहले श्री सुनील मुखर्जी नामक सज्जन कलकत्ता के निकट बेरहामपुर में मुझसे मिलने आए थे। उनके एक…

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विविधा हम स्वयं ही तो कर रहे हैं हिंदी की हिंदी

हम स्वयं ही तो कर रहे हैं हिंदी की हिंदी

तेजवानी गिरधर शीर्षक पढ़ कर ही आप समझ गए होंगे कि हमने हिंदी भाषा की हालत क्या कर दी है। शीर्षक में दूसरी बार आया…

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महिला-जगत दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती

दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती

बीनू भटनागर नारी और पुरुष के कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों मे काल, देश और विभिन्न संसकृतियों के संदर्भ मे सदा विवाद रहे हैं और रहेंगे, क्योंकि…

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साहित्‍य हिंदी – ‘जरुरत सख्ती की’

हिंदी – ‘जरुरत सख्ती की’

हिंदी हम सबकी प्यारी है। हर भाषाओँ से न्यारी है।। जो सच्चे हिन्दुस्तानी हैं, वो हिंदी से क्यों डरते हैं? हिन्दू कहने में गर्व जिसे…

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विविधा विकास का संदर्भ और स्वरूप

विकास का संदर्भ और स्वरूप

के एन गोविंदाचार्य  भारतीय संदर्भ में विकास के साथ कुछ बुनियादी शर्त जुड़ी हैं। यहां वास्तविक विकास कार्य उसी को कहा जा सकता है जिसमें…

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विविधा हिन्दी दिवस पर विशेष:कटघरे में हिन्दी….

हिन्दी दिवस पर विशेष:कटघरे में हिन्दी….

लखेश्वर चंद्रवन्शी ‘लखेश’ यॉर ऑनर ! ये जो व्यक्ति मेरे सामने कटघरे में खड़ा है। पांच वर्षों से मेरे पीछे पड़ा है। जहाँ भी जाता…

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