कविता जनतंत्र के रंगमंच पर

जनतंत्र के रंगमंच पर

प्रभा मुजुमदार दृश्‍यपटल पर तेजी से अंक बनते है और बिगड़ते है. समीकरणों की दायीं और बायीं इबारते लिखी/मिटायी जा रही है यह नीलामी /मोलभाव…

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राजनीति भाजपा की धार को भोंटा कर दिया केजरीवाल ने

भाजपा की धार को भोंटा कर दिया केजरीवाल ने

तेजवानी गिरधर समाजसेवी अन्ना हजारे के खास सिपहसालार अरविंद केजरीवाल ने देश की राजधानी दिल्ली सहित अनेक शहरों में विरोध प्रदर्शन करवा कर जहां कांग्रेस…

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कविता कविता – भविष्य

कविता – भविष्य

मोतीलाल मैंने अपने ढंग से रची है एक कविता पूरी कविता घुमती है उन अंधी सुरंगों की गलियों मेँ जहाँ नहीं पड़े कभी भी मानव…

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कविता नीड़ के तिनकों में फंसे नीदों के टुकड़े

नीड़ के तिनकों में फंसे नीदों के टुकड़े

कही अनकही कुछ कहानियों में बसा, फँसा परिंदा पंखों पर लिए अपार भार यहाँ वहाँ से उड़ने को उद्दृत कुछ शब्दों से उलझता कुछ अर्थों…

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राजनीति तीसरे मोर्च के लिए बेचैन मुलायम

तीसरे मोर्च के लिए बेचैन मुलायम

संजय सक्सेना 2014 में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा,इस बात का अंदाजा लगाना आसान नहीं है।जनता कॉंग्रेस शासन से त्रस्त तो है लेकिन उसे…

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जन-जागरण Default Post Thumbnail

सांप्रदायिकता से कैसे निपटे -भारत

 आर.एल.फ्रांसिस इसी 24 अगस्त को कंधमाल के सांप्रदायिक दंगों को चार वर्ष पूरे हो जाएंगे, पर लगता है कि इन चार वर्षो में हमने कुछ…

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राजनीति सरकार का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला

सरकार का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला

राजीव गुप्ता भारत एक लोकतान्त्रिक देश है. लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाने में हम बहुत ही सौभाग्यशाली रहे क्योंकि हमें लोकतंत्र अपनाने के लिए विश्व के अन्य…

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आर्थिकी क्या प्रधानमंत्री का पद संविधान से बड़ा होता है?

क्या प्रधानमंत्री का पद संविधान से बड़ा होता है?

सिद्घार्थ  मिश्र अपने दूसरे कार्यकाल के आने तक केन्द्र के प्राय: सभी मंत्री अपनी विष्वसनीयता खो चुके हैं । आमजन की रही सही आशा प्रधानमंत्री…

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आर्थिकी कोयले की दलाली में प्रधानमंत्री के हाथ

कोयले की दलाली में प्रधानमंत्री के हाथ

प्रमोद भर्गाव दल अण्णा ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह समेत 15 केबिनेट मंत्रियों पर दस्तावेजी साक्ष्य पेश करके भ्रष्टाचार के जो संगीन आरोप लगाए हैं,…

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चिंतन न करें उत्सवी परम्पराओं की हत्या

न करें उत्सवी परम्पराओं की हत्या

डॉ. दीपक आचार्य न करें उत्सवी परम्पराओं की हत्या सामाजिक सांस्कृतिक हों या परिवेशीय भारतीय संस्कृति की तमाम परंपराएं वैज्ञानिकता की कसौटी पर इतनी खरी…

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गजल देखकर आंसू मेरी आंखों में घबराते हैं लोग…..

देखकर आंसू मेरी आंखों में घबराते हैं लोग…..

इक़बाल हिंदुस्तानी रात में चुपके से आकर आग सुलगाते हैं लोग, बाद में हमदर्द बनके पानी बरसाते हैं लोग।   जानते हैं ज़िंदगी पानी का…

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राजनीति प्रधानमंत्री शायरी छोड़ देश को सच्चाई से रूबरू कराएं

प्रधानमंत्री शायरी छोड़ देश को सच्चाई से रूबरू कराएं

qसिद्धार्थ शंकर गौतम संसद के दोनों सदनों में कोल आवंटन ब्लॉक घोटाला मामले में गतिरोध समाप्त होते न देख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विपक्ष के…

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