विविधा भुला बैठे हैं स्वाधीनता का स्वाद

भुला बैठे हैं स्वाधीनता का स्वाद

भुला बैठे हैं स्वाधीनता का स्वाद दासता के नवाचार हो रहे हावी डॉ. दीपक आचार्य जिस ज़ज़्बे के साथ स्वाधीनता पाने के लिए हमारे पुरखों…

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समाज असम व् बोडो समस्या एक ऐतिहासिक परिपेक्ष में

असम व् बोडो समस्या एक ऐतिहासिक परिपेक्ष में

राजीव उपाध्याय असम पर अहोम राजाओं का राज होता था . सारायी घाट के युद्ध में लाचित बर्फुकन के चातुर्य से जीतने के बाद वे…

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जन-जागरण म. प्र. सरकार की तीर्थयात्रा योजना: एक अभिनव प्रयास

म. प्र. सरकार की तीर्थयात्रा योजना: एक अभिनव प्रयास

प्रवीण गुगनानी हमारे देश में, हमारे पुराणों में और व्यवहारिक धरातल पर हिंदु जीवन शैली में तीर्थ यात्रा का बड़ा भारी महत्व है किन्तु आज…

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महत्वपूर्ण लेख थायलॅन्ड पर संस्कृत (और पाली) प्रभाव: दो

थायलॅन्ड पर संस्कृत (और पाली) प्रभाव: दो

डॉ. मधुसूदन आदरणीय निवृत्त एयर वाइस मार्शल, विश्व मोहन तिवारी जी, एवं आदरणीय ”सत्यार्थी जी” की टिप्पणियों से प्रेरित, निम्न आलेख प्रस्तुत है। (१) एक…

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विविधा दोनों हाथों लुटता असंगठित उपभोक्ता

दोनों हाथों लुटता असंगठित उपभोक्ता

निर्मल रानी दिन-प्रतिदिन निरंतर बढ़ती जा रही मंहगाई के बोझ तले जहां आम लोग दबते जा रहे हैं तथा उनका जीना मुहाल हो गया है…

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महत्वपूर्ण लेख पाकिस्तान में हिन्दू स्त्रियों का बलात्कार और भारत की चुप्पी के मायने?

पाकिस्तान में हिन्दू स्त्रियों का बलात्कार और भारत की चुप्पी के मायने?

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ 1-भारत सरकार का ये नैतिक, मानवीय, धार्मिक, राष्ट्रीय, संवैधानिक और वैश्‍विक फर्ज है कि वह अपने स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों के…

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प्रवक्ता न्यूज़ अब मुख्‍यधारा हो गया है न्‍यू मीडिया

अब मुख्‍यधारा हो गया है न्‍यू मीडिया

भोपाल से लौटकर संजीव कुमार सिन्‍हा  पिछले दिनों अनिल सौमित्र जी का मेल आया। 12 अगस्‍त को भोपाल में आयोजित ‘न्‍यू मीडिया’ पर एकदिवसीय कार्यक्रम…

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बच्चों का पन्ना सावरकर आज भी है

सावरकर आज भी है

राजीव गुप्ता बच्चो आज 15 अगस्त है. भारतवर्ष में हर साल की इसी तिथि को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि आज…

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कविता आज़ादी के जश्न पर एक चिंतन-गीत / गिरीश पंकज

आज़ादी के जश्न पर एक चिंतन-गीत / गिरीश पंकज

आजादी का जश्न अभी भी, फीका-फीका लगता, असफल दिल्ली देख-देख कर दिल अपना यह दुखता एक नए भारत का फिर से, करना है विस्तार, जहाँ…

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विविधा आजाद देश के गुलाम

आजाद देश के गुलाम

डॉ. आशीष वशिष्ठ आजादी मिले 65 वर्ष हो चुका है लेकिन देश की आबादी का बड़ा हिस्सा आज भी गुलामों सी जिन्दगी बसर करने को…

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विविधा स्वतंत्रता-दिवस की सार्थकता

स्वतंत्रता-दिवस की सार्थकता

राजीव गुप्‍ता 15 अगस्त 1945 को जापान के आत्मसमर्पण के साथ द्वितीय विश्व युद्ध हिरोशिमा और नागासाकी के त्रासदी के रूप में कलंक लेकर समाप्त…

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हिंद स्‍वराज जहाँ स्वतंत्रता दिवस का मायने बदल जाता है !

जहाँ स्वतंत्रता दिवस का मायने बदल जाता है !

राजीव पाठक आज 15 अगस्त है.लालकिला फिर से सजा है …..दिल्ली में पतंगे उड़ रही हैं …देश भर में जस्न है …प्रधानमंत्री लालकिला से भारत…

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