आस्था
Updated: October 3, 2012
बीनू भटनागर मेरी आस्था मेरी पूजा का नाता मन मस्तिष्क से है, और है आत्मा से। मेरी पूजा मे ना पूजा की थाली है,…
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शास्त्री जी को इस कहानी से छुट्टी दो…
Updated: October 3, 2012
अरुण कान्त शुक्ला किसी गाँव में रहने वाला एक छोटा लड़का अपने दोस्तों के साथ गंगा नदी के पार मेला देखने गया। शाम को वापस…
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” आप ” और ” तुम “
Updated: October 3, 2012
विजय निकोर औरों से अधिक अपना लाल रवि की प्रथम किरण-सा कौन उदित होता है मन-मंदिर में प्रतिदिन मधुर-गीत-सा मंजुल, मनोग्राही, भर देता है आत्मीयता…
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भेद भाव यह कैसा मम्मी
Updated: October 3, 2012
भैया तो शाला जाता है, मुझे नहीं जाने देती माँ| भैया दूध मलाई खाता, मुझे नहीं खाने देती माँ|| मैं लड़की हूं शायद इससे,…
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दादा आप तो राष्ट्रपति भवन जाकर भी “प्रणब दा” ही रहे !!!
Updated: October 3, 2012
• महामहिम जैसे शब्दों और औपनिवेशिक व्यवहार को समाप्त करने का आव्हान से एक नया वातावरण बनेगा ! • राजनीतिज्ञों को लेना होगी सीख और…
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जनता क्लेश में, नेता विदेश में
Updated: October 3, 2012
डॉ. आशीष वशिष्ठ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेश दौरों पर जनता की गाढ़ी कमाई के 1880 करोड़…
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राजनीतिक एजेंडा सही मगर भावी राह अधिक दुष्कर
Updated: October 2, 2012
सिद्धार्थ शंकर गौतम अरविंद केजरीवाल की नई राजनीतिक पार्टी का एजेंडा मंगलवार को देश के सामने आ गया है| हालांकि इस नए राजनीतिक दल के…
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एक थे मुन्नालाल
Updated: October 2, 2012
दुनियाँ में साहित्य और भाषा का बड़ा महत्व है|मुहावरे दार भाषा हो तो क्या कहने,सुनने वाले की तबियत बाग बाग हो जाती है|अब देखिये न…
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अम्मू भाई
Updated: October 2, 2012
दादी हार गईं हैं लगा लगा कर टेरा| अम्मू भाई उठो हुई शाला की बेरा| मम्मी ने तो आलू डोसे पका दिये हैं| मन…
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रॉन्ग नंबर ‘Wrong Number’
Updated: October 2, 2012
(सत्य घटना पर आधारित एक हास्य) कई दिनों बाद किसी का फोन आया। मै बना रहा था सब्जी, उसे छोड़कर उठाया।। उधर से एक पतली…
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चलने वाले घर
Updated: October 2, 2012
पता नहीं चलने वाले घर, अब क्यों नहीं बनाते लोग| बाँध के रस्सी खींच खींच कर, इधर उधर ले जाते लोग| कभी आगरा कभी…
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अल्पसंख्यक, आरक्षण और शिक्षा
Updated: October 2, 2012
कुमार प्रत्युष भारत की राजनीति में अल्पसंख्यक और धर्मनिरपेक्ष शब्द का जितना ज्यादा प्रयोग या दुरूपयोग हुआ है, संभवतः अन्य किसी शब्द का ना हुआ…
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