चिंतन आत्म-अनुशासन बरतें

आत्म-अनुशासन बरतें

 डॉ. दीपक आचार्य मरीज से मिलने जाएं तब आत्म-अनुशासन बरतें जीवन के हर कर्म में अनुशासन का महत्त्व है और यह बाहर से नहीं आता…

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राजनीति भ्रष्टतंत्र सुधरे तो कुछ काम बने

भ्रष्टतंत्र सुधरे तो कुछ काम बने

डॉ. आशीष वशिष्ठ गुडगांव की माही बोरवेल के गडढे में गिरकर मर जाती है और एहतियाती कदम उठाने की बजाए प्रशासन लीक पीटने का काम…

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राजनीति चिदंबरम जी! रोटी रोज़ चाहिये और आइसक्रीम कभी कभी ।

चिदंबरम जी! रोटी रोज़ चाहिये और आइसक्रीम कभी कभी ।

इक़बाल हिंदुस्तानी उन 77 प्रतिशत का क्या होगा जिनकी आय 20 रू. प्रतिदिन है? इतिहास के जानकार बताते हैं कि फ्रांस की महारानी मेरी एंटोनी…

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शख्सियत अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी थे ‘रुस्तम-ए-हिंद’ दारा सिंह

अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी थे ‘रुस्तम-ए-हिंद’ दारा सिंह

तनवीर जाफ़री देश के पहले और आखिरी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पहलवान तथा फ्री स्टाईल कुश्ती लड़ने वाले योद्धा एवं फिल्म अभिनेता दारा सिंह का 84…

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व्यंग्य करामाती होते हैं कुत्ते

करामाती होते हैं कुत्ते

डॉ. दीपक आचार्य दुमहिलाऊ हों, चाहें भौंकने वाले पूरी दुनिया में कुत्तों का अपना अलग ही संसार है। जात-जात के कुत्ते संसार भर में हर…

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राजनीति बचकाने बयानो से उत्तर प्रदेश का विकास नही होगा

बचकाने बयानो से उत्तर प्रदेश का विकास नही होगा

शादाब जफर‘‘शादाब’’ सरकार और राजनेताओ के सार्वजनिक जीवन को भ्रष्टाचार से बचाने के लिये हो रही जद्दोजहद का आगे चलकर भले ही कोई भी नतीजा…

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राजनीति संघ के नक्शे-कदम पर ………….

संघ के नक्शे-कदम पर ………….

वीरेन्द्र सिंह परिहार राहुल गांधी ने अभी गत दिनों कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को आदर्श मानते हुए कांग्रेस को भी संघ के…

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राजनीति अखिलेश का बीस लक्खा निर्णय

अखिलेश का बीस लक्खा निर्णय

 सांसद एवं विधायक निधि : विवेक और विधि का हो सामंजस्य अखिलेश का बीस लक्खा निर्णय वापिस लेना इस बात का प्रमाण है कि जन…

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राजनीति भाजपा और संगमा के वैचारिक ध्रुव

भाजपा और संगमा के वैचारिक ध्रुव

राष्ट्रपति चुनावों को लेकर राजग और विशेषतः भाजपा की स्थिति जिस प्रकार की बनी है उससे भारतीय राजनीति का एक नया और विशिष्ट मुखडा उजागर…

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आर्थिकी गुमटियों का व्यवसाय भारतीय अर्थव्यवस्था का अनिवार्य अंग

गुमटियों का व्यवसाय भारतीय अर्थव्यवस्था का अनिवार्य अंग

प्रवीण गुगनानी अतिक्रमण एक ऐसा शब्द है जो आजकल सर्वाधिक चर्चा में है खासतौर से व्यावसायिक अतिक्रमण जो की छोटी छोटी दुकानों याँ यूँ कहे…

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विविधा संस्‍मरण / दीदी

संस्‍मरण / दीदी

– गंगानन्‍द झा  डॉक्टर कल्याणी दास मिश्र मनुष्य ने भगवान से कहा—“विधाता! तुम्हारी दुनिया तो बहुत ही निर्मम और हृदयहीन है। इसको रहने लायक बनाने…

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महत्वपूर्ण लेख अगर तुम न होते ह्वेनसांग…।

अगर तुम न होते ह्वेनसांग…।

 [यात्रा वृत्तांत] – राजीव रंजन प्रसाद ———————————   [लेखन करते हुए ह्वेनसांग, संग्रहाल से एक तैलचित्र]  रिक्शेवाले से नाम ठीक तरह उच्चारित नहीं हो रहा…

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