कितने निर्मल, कितने बाबा
Updated: April 15, 2012
हमारे देश में यह पहली बार नहीं है कि किसी तथाकथित बाबा पर लोगों को गुमराह करके पैसे ऐंठनें का इल्जाम लगा है। मेरे ख्याल…
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आम आदमी की सुरक्षा पर हावी वीआईपी सुरक्षा
Updated: April 15, 2012
देश इस वक़्त आतंरिक तौर पर कड़े अनुभवों से दो-चार हो रहा है| नक्सलवाद की समस्या तो मुंह बाए खड़ी ही है, महानगरों एवं छोटे…
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आजादी की दूसरी लड़ार्इ ग्राम निर्माण के लिए होनी चाहिए
Updated: July 22, 2012
अखिलेश आर्येन्दु मौजूदादौर में देश में चल रहे तमाम आंदोलनों की दिशा देश से भ्रश्टाचार की समापित, बढ़ते पलायन और बढ़ती गैरबराबरी को लेकर है।…
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अपने बाड़ों से बाहर निकलें, जमाने को देखें, अपने आप खुलने लगेगा अक्ल का ताला
Updated: April 15, 2012
– डॉ. दीपक आचार्य समाज-जीवन में अजीब सी स्थिरता और जड़ता आ गई है, न कोई हलचल हो रही है न कोई उत्साह। ‘जैसा चल…
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मानवाधिकार के सेकुलर मापदंड
Updated: April 15, 2012
एल. आर गाँधी आस्तीन में सांप पालने के राष्ट्रीय व्यसन से ग्रस्त हमारे च्चिद्दी मियां वैसाखी के शुभ पर्व पर भारत-पाक दोस्ती व् तिजारत को…
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कविता ; अंधेरी गलियों में………… – नवल किशोर शर्मा
Updated: April 15, 2012
प्रस्तुत कविता अंधेरी गलियों में………… उस जन-समूह को समर्पित है जो कि विभिन्न फसादों एवं मानवीय विद्रूपताआं के कारण अपना अमन-चैन खो चुके हैं। …
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जरूरी है नारी-शिक्षा
Updated: April 14, 2012
डॉ. प्रीत अरोड़ा भारत का प्राचीन आदर्श नारी के प्रति अतीव श्रद्धा और सम्मान का रहा है। प्राचीन काल से नारियाँ घर-गृहस्थी को ही देखती…
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“मैं घराने की कुलीगीरी नहीं करता” – कुमार गन्धर्व
Updated: April 15, 2012
पं. कुमार गन्धर्व से मुकेश गर्ग की बातचीत : पहली कड़ी (यह लंबा साक्षात्कार मैं ने 1990 में दिल्ली के गन्धर्व महाविद्यालय में लिया था.…
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निर्मल बाबा : पहले महिमा मंडन, अब पोस्टमार्टम?
Updated: April 14, 2012
तेजवानी गिरधर समागम के नाम पर दरबार लगा कर अपने भक्तों की समस्याओं का चुटकी में कथित समाधान करने की वजह से लोकप्रिय हो रहे…
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सांसदों के लिए ‘वेतन फर्स्ट, वतन लास्ट, काम गणपूर्ति’ हो गया है
Updated: April 14, 2012
‘शर्म शिरोमणि हैं या सांसद’? कुन्दन पाण्डेय पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का एक कथन है कि “राजनीतिज्ञों को नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट” के उदात्त…
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सभी मित्रों से एक महत्त्वपूर्ण अपील / विपिन किशोर सिन्हा
Updated: April 14, 2012
राजेश एक ३५ वर्षीय युवक है। उसके तीन बेटियां हैं। वह राजमिस्त्री का काम करता है। उसकी पत्नी कई घरों में झाड़ू-पोंछा का काम करती…
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कविता-हमको बिरासत में झुकी गरदन मिली-प्रभुदयाल श्रीवास्तव
Updated: April 13, 2012
हमको बिरासत में झुकी गरदन मिली वह शेर हम बकरी बने जीते रहे मिल बैठकर तालाब को पीते रहे| वह बाल्टियों पर बाल्टियां…
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