समाज कब नसीब होगी गरीब बच्चों को उच्च मानकों पर आधारित शिक्षा?

कब नसीब होगी गरीब बच्चों को उच्च मानकों पर आधारित शिक्षा?

राजेश कश्यप सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार के ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009’ (आरटीई) के तहत सरकारी व निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिलों में…

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राजनीति आगे की सुधि लेय / विजय कुमार

आगे की सुधि लेय / विजय कुमार

पिछले दिनों सम्पन्न हुए पांच राज्यों के चुनावों के बारे में बहुत कुछ कहा और लिखा गया है। ‘जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी…

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विविधा Default Post Thumbnail

बिजली संकट को लेकर सरकारें इतनी लापरवाह क्यों?

अखिलेश आर्येन्दु बिजली संकट की समस्या उत्तर प्रदेश सहित कर्इ राज्यों में परेशानी का सबब बना हुआ है। वैसे तो बिजली का समस्या कोर्इ नर्इ…

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राजनीति इतिहास के साथ खिलवाड़ है ममता का निर्णय

इतिहास के साथ खिलवाड़ है ममता का निर्णय

सिद्धार्थ शंकर गौतम हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने राज्य के सरकारी स्कूलों की ८वीं, ११वीं और १२वीं कक्षाओं में वामपंथी…

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प्रवक्ता न्यूज़ ‘जनांदोलन और मीडिया’ पर केन्द्रित होगा मीडिया विमर्श का अगला अंक

‘जनांदोलन और मीडिया’ पर केन्द्रित होगा मीडिया विमर्श का अगला अंक

देश की चर्चित मीडिया पत्रिका ‘मीडिया विमर्श’ का अगला अंक ‘जनांदोलन और मीडिया’ विषय पर केंद्रित होगा। देश में चल रहे तमाम जनांदोलनों की तरफ…

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धर्म-अध्यात्म खालसा पंथ आज ज्यादा प्रासंगिक / गिरीश पंकज

खालसा पंथ आज ज्यादा प्रासंगिक / गिरीश पंकज

बैसाखी पर्व पर विशेष सूरी सो पहचनिए, जे लड़े दीन के हेत। पुरजा-पुरजा कट मरे , कबहूँ न छाड़े के। श्री गुरुग्रंथ साहब की अमर…

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विविधा गांधी-सुभाष की कीमत पर मार्क्स-लेनिन नहीं पढऩा / लोकेन्द्र सिंह राजपूत

गांधी-सुभाष की कीमत पर मार्क्स-लेनिन नहीं पढऩा / लोकेन्द्र सिंह राजपूत

भारत से वामपंथ को विदा करने की सही राह पश्चिम बंगाल की तेजतर्रार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पकड़ी है। ममता ने लम्बे संघर्ष के दौरान…

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विविधा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

विजय कुमार शर्मा जी होली पर मिले, तो उनके चेहरे का उल्लास बता रहा था कि उन्होंने कुछ विशेष उपलब्धि पाई है। – क्या बात…

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कविता गजल-श्यामल सुमन- दीपक

गजल-श्यामल सुमन- दीपक

श्यामल सुमन जिन्दगी में इश्क का इक सिलसिला चलता रहा लोग कहते रोग है फिर दिल में क्यों पलता रहा   आँधियाँ थीं तेज उस…

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कविता गजल-श्यामल सुमन- इंसानियत

गजल-श्यामल सुमन- इंसानियत

श्यामल सुमन इंसानियत ही मज़हब सबको बताते हैं देते हैं दग़ा आकर इनायत जताते हैं   उसने जो पूछा हमसे क्या हाल चाल है लाखों…

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कविता गजल-श्यामल सुमन- पहलू

गजल-श्यामल सुमन- पहलू

श्यामल सुमन मुस्कुरा के हाल कहता पर कहानी और है जिन्दगी के फलसफे की तर्जुमानी और है   जिन्दगी कहते हैं बचपन से बुढ़ापे का…

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व्यंग्य सिक्के का दूसरा पहलू

सिक्के का दूसरा पहलू

विजय कुमार यों तो शर्मा जी से हर दिन सुबह-शाम भेंट हो ही जाती है; पर दो दिन से मेरा स्वास्थ्य खराब था। अतः वे…

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