विविधा एनजीओ पर नकेल क्यों और कैसे? / -राजेश कश्यप

एनजीओ पर नकेल क्यों और कैसे? / -राजेश कश्यप

देश में एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) का मकड़जाल चरम पर पहुंच चुका है। इन एनजीओ की प्रकृति परजीवी अमरबेल की तरह हो चुकी है, जो…

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कला-संस्कृति मगध के पुरावशेषों में बस्तर की तलाश!!

मगध के पुरावशेषों में बस्तर की तलाश!!

 राजीव रंजन प्रसाद राजीवजी कई गुणों के समुच्‍चय हैं। रंगकर्मी। नाटककार। कवि। उपन्‍यासकार। और सबसे बढ़कर एक जिंदादिल इंसान। पिछले दिनों उनका नाम चर्चा में…

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कहानी खतना

खतना

आर. सिंह  “अबे रूक. ” कर्कश आवाज इतनी जोर से आयी थी कि उसे रूकना पड़ा. ऐसे वह जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहता था.…

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समाज दलित मुस्लिम-दलित ईसाई? – मा.गो. वैद्य

दलित मुस्लिम-दलित ईसाई? – मा.गो. वैद्य

गत सप्ताह, दिल्ली से प्रकाशित होने वाले ‘ऑर्गनायजर’ इस अंग्रेजी साप्ताहिक में ‘Who is Secular? And what is Secular’ इस शीर्षक का मेरा लेख प्रकाशित…

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आर्थिकी आर्थिक तरक्‍की के लिए हिंदू अर्थशास्‍त्र अपनाना होगा

आर्थिक तरक्‍की के लिए हिंदू अर्थशास्‍त्र अपनाना होगा

वर्ल्ड हिन्दू इकानोमिक फ़ोरम में दोहनकारी वृति की बजाय आर्थिक शुचिता सम्पन्न नये विश्व व्यापी व्यापारिक ढांचा बनाए जाने पर बल विनोद बंसल  होंगकोंग जुलाई 1,…

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विविधा लेखन के बहुआयामी आयाम

लेखन के बहुआयामी आयाम

राखी रघुवंशी ” अब्बा थैंक्यू, आपने मुझे इस लेखन कार्यशाला में आने दिया। यह बात भोपाल की तंग गलियों में बने एक मदरसे में लेखन…

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चिंतन संतोषहीनता ही लाती है दरिद्रता

संतोषहीनता ही लाती है दरिद्रता

डॉ. दीपक आचार्य   संतोषहीनता ही लाती है दरिद्रता  चादर जितने ही पाँव पसारें संसार में पैदा हुए मनुष्य को थोड़ी-बहुत समझ आते ही वह…

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कविता कविता:सपने का सच-मोतीलाल

कविता:सपने का सच-मोतीलाल

एक दिन मैँने देखा एक सपना सपने मेँ औरत को मैँने छुआ एक ठंडी सी लहर काटती हुई निकल गयी   आँखेँ कुछ कहना चाहती…

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राजनीति निकाय चुनाव परिणामों के संकेत

निकाय चुनाव परिणामों के संकेत

 प्रणय विक्रम सिंह उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव परिणामो ने बुनियादी स्तर पर भाजपा के मौजूदगी का अहसास सभी सियासी जमातो को करा दिया…

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कविता वर्षा !-बीनू भटनागर

वर्षा !-बीनू भटनागर

वर्षा ! वर्षा ! तुमसे करूँ विनती एक, रुक ना जाना एक जगह पर, सबको प्यार बराबर देना। वर्षा ! इतना जल भी ना दे…

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विविधा बबुआ जी ! लोग भले बिहारी कहे……हम तो भारत के हैं !

बबुआ जी ! लोग भले बिहारी कहे……हम तो भारत के हैं !

राजीव पाठक चेरापूंजी पहुँचाने से पहले ही मेरे दोस्त की नैनों कार में कुछ खराबी आ गई | काफी देर तक हम दोनों गाड़ी को…

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व्यंग्य वर्तमान व्यवस्था में हनुमान जी को भी रिश्वत देना पड़ेगी

वर्तमान व्यवस्था में हनुमान जी को भी रिश्वत देना पड़ेगी

श्रीराम तिवारी हमारे अधिकारी मित्र को हनुमानजी ने सपने में दर्शन दिए। उसने हनुमानजी से यह इच्छा व्यक्त की त्रेता में आपने जो कारनामे किये…

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