आर्थिकी वैश्विक मंदी के दौर में गांधी का चरखा

वैश्विक मंदी के दौर में गांधी का चरखा

प्रमोद भार्गव वैश्वीकरण के दौर में चरखे के व्यवसाय में उछाल के आंकड़े अविश्वसनीय एवं हास्यापद लगते हैं। लेकिन हकीकत को झुठलाया नहीं जा सकता।…

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राजनीति कोयले की दलाली में प्रधानमंत्री के हाथ

कोयले की दलाली में प्रधानमंत्री के हाथ

प्रमोद भार्गव  दल अण्णा ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समेत 15 केबिनेट मंत्रियों पर दस्तावेजी साक्ष्य पेश करके भ्रष्टाचार के जो संगीन आरोप लगाए हैं,…

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विविधा Default Post Thumbnail

वैचारिक जड़ता लाती ही कुंठा

राजस्थान के दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में एडिटोरियल पेज के हैडर पर वाल्तेयर की उक्ति आती है कि हो सकता है में आपके विचारों…

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कार्टून कार्टून: अन्ना– गोपाल गोयल

कार्टून: अन्ना– गोपाल गोयल

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आर्थिकी आर्थिक मंदी के च्रकव्यूह में सरकार

आर्थिक मंदी के च्रकव्यूह में सरकार

प्रमोद भार्गव आर्थिक विकास की छदम दौड़ में शामिल संप्रग द्धितिय बुरी तरह आर्थिक मंदी के च्रकव्यूह में उलझ गर्इ है। इसलिए उसे सबसे ज्यादा…

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महत्वपूर्ण लेख कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और असफलता-२

कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और असफलता-२

विपिन किशोर सिन्हा कार्ल मार्क्स के जीवन का अधिकांश भाग इंगलैन्ड में व्यतीत हुआ था। उन्होंने संपूर्ण अध्ययन वहीं किया था। उनके मन-मस्तिष्क पर वहां…

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हिंद स्‍वराज स्वतंत्रता राष्ट्रीय नमक हरामी के लिए नहीं है

स्वतंत्रता राष्ट्रीय नमक हरामी के लिए नहीं है

छद्म धर्म निरपेक्षता से लकवाग्रस्त कांग्रेस और उसके कुछ अन्य समान विचारधारा वाले दलों का मानना है कि राजनीति (वास्तव में राष्ट्रनीति) से भला भगवाधारी…

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राजनीति ये स्टालिनवादी वैचारिक बहुलता के विरोधी होते हैं / राकेश सिन्‍हा

ये स्टालिनवादी वैचारिक बहुलता के विरोधी होते हैं / राकेश सिन्‍हा

राकेश सिन्हा (जनसत्ता ने अपने चार रविवारीय अंकों में वैचारिक एवं बौद्धिक संवाद पर बहस चलाया. कई न्यूनताओं के बावजूद यह एक सराहनीय एवं अभिनंदनीय…

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विविधा अबूझमाड़ में पीडीएस, एक नई सुबह की आहट

अबूझमाड़ में पीडीएस, एक नई सुबह की आहट

संजय शेखर उसने कहा कि 55 किलोमीटर से राशन दूकान पर चावल लेने आता है तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। फिर सुबह के सात बजे…

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राजनीति हल्की फूंक से ही कांपने लगते हैं वामपंथी / विजय कुमार

हल्की फूंक से ही कांपने लगते हैं वामपंथी / विजय कुमार

विजय कुमार संघप्रेरित विचार मंच (Think tank) ‘भारत नीति प्रतिष्ठान’ (India policy foundation) का मुख्यालय दिल्ली में है तथा इसका संचालन दिल्ली वि0वि0 में प्राध्यापक…

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विविधा चलो, कुछ समाजसेवा ही हो जाए

चलो, कुछ समाजसेवा ही हो जाए

विजय कुमार हर दिन मिलने वाले शर्मा जी पिछले एक सप्ताह से नहीं मिले, तो मैंने फोन मिलाया। पता लगा कि वे हैं तो नगर…

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राजनीति कांग्रेस की मजहबी राजनीति को करारा तमाचा है मजहबी आरक्षण पर रोक

कांग्रेस की मजहबी राजनीति को करारा तमाचा है मजहबी आरक्षण पर रोक

सिद्धार्थ शंकर गौतम कांग्रेस की धर्म आधारित राजनीति पर लगता है ग्रहण लगने लगा है| आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय ने कांग्रेसनीत संप्रग सरकार को ज़बर्दस्त झटका…

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