जन-जागरण सबसे बड़ा डंडा खुद का चरित्र है…..क़ानून नहीं

सबसे बड़ा डंडा खुद का चरित्र है…..क़ानून नहीं

राजीव थेप्रा हम रोज-ब-रोज तरह-तरह के अपराधों के बारे में पढ़ते हैं,सुनते हैं और साथ ही बड़े लोगों के अपराधों के बारे या अपराधियों को…

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आलोचना असमानता की आजादी का जश्‍न!

असमानता की आजादी का जश्‍न!

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ 15 अगस्त, 2011 को हम आजादी की 65वीं सालगिरह मनाने जा रहे भारत में कौन कितना-कितना और किस-किस बात के लिये…

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साहित्‍य श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-२

श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-२

विपिन किशोर सिन्हा श्रीकृष्ण को अच्छी तरह समझे बिना गीता तक नहीं पहुंचा जा सकता। शरीर और आत्मा जैसी दो चीजें नहीं हैं। आत्मा का…

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गजल Default Post Thumbnail

दौरे-उल्फत की हर बात याद है मुझे

दौरे-उल्फत की हर बात याद है मुझे तुझसे हुई वह मुलाकात याद है मुझे। बरसते पानी में हुस्न का धुल जाना दहकी हुई वह बरसात…

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कविता अलग थलग दुनियाँ से फिर भी इस दुनियाँ में रहता हूँ

अलग थलग दुनियाँ से फिर भी इस दुनियाँ में रहता हूँ

श्यामल सुमन भावना अलग थलग दुनियाँ से फिर भी इस दुनियाँ में रहता हूँ अनुभव से उपजे चिन्तन की नव-धारा संग बहता हूँ   पद…

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लेख अराजकता के इस‌ दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें

अराजकता के इस‌ दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें

मेरा बड़ा बेटा स्टेशनरी की दुकान चलाता है|वहीं पर कम्प्यूटर फोटो कापी इत्यादि भी उप‌लब्ध हैं सेवा निवृति के बाद मैं भी इस दुकान में…

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कला-संस्कृति सांस्कृतिक साम्राज्यवाद

सांस्कृतिक साम्राज्यवाद

कैलाश बुधवार देश को स्वतंत्र हुए इतने वर्ष हो जाने के बाद भी अक्सर यह दुख दुहराया जाता है कि हमारी दास मानसिकता नहीं गई…

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कला-संस्कृति संस्कृति के हत्यारे

संस्कृति के हत्यारे

राजेन्द्र जोशी (विनियोग परिवार) पांच सौ साल पहले यह दुनिया आज की तुलना में सुखी और हिंसा रहित थी। लेकिन 1492 में एक ऐसी घटना…

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विविधा भारतीय सनातन परंपरा के रचनाकार धर्मपाल

भारतीय सनातन परंपरा के रचनाकार धर्मपाल

डा. अमित शर्मा एक सनातनी कर्मवादी के रूप में श्री धर्मपाल ने एक भरपूर जिन्दगी जी और एक गरिमामय मृत्यु को प्राप्त हुए। 1919 में…

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धर्म-अध्यात्म श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-१

श्रीमद्भगवद्गीता और छद्म धर्मनिरपेक्षवादी – चर्चा-१

विपिन किशोर सिन्हा जबसे मध्य प्रदेश की सरकार ने गीता के अध्ययन की विद्यालयों में व्यवस्था की है, स्वयं को प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष कहने…

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राजनीति पहले जनता को जगाने की क्रांति हो

पहले जनता को जगाने की क्रांति हो

संजय स्वदेश सरकार के चतुर मंत्री पहले से ही किसी न किसी तरह से लोकपाल को कमजोर करने जुगत में थे। प्रधानमंत्री और जजों के…

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विविधा मीणा जी, ब्राह्मणों के मूल देश के बारे में जरा बताएँगे!

मीणा जी, ब्राह्मणों के मूल देश के बारे में जरा बताएँगे!

कौशलेन्द्र प्रिय भारतीय अनार्य ……..एवं …..विदेशी आर्य बंधुओ !  सादर नमन ! ! ! निवेदन है कि मीणा जी के विचारों पर आक्रोशित होने की…

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