साहित्‍य साहित्‍य में लोकमंगल की आराधना

साहित्‍य में लोकमंगल की आराधना

-हृदयनारायण दीक्षित शब्द ब्रह्म है। ब्रह्म संपूर्णता है। संपूर्ण और ब्रह्म पर्यायवाची हैं लेकिन संपूर्ण शब्द में ब्रह्म का विराट वर्णन करने की सामर्थ्य नहीं…

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विविधा उल्‍लासधर्मा है भारत का मन

उल्‍लासधर्मा है भारत का मन

हृदयनारायण दीक्षित भारत का मन उल्लासधर्मा है। व्यक्ति की तरह राष्ट्र का भी अंतर्मन होता है। भारत का मन हजारों वर्ष प्राचीन संस्कृति के अविरल…

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विविधा भारतीय चिंतन में रसानुभूति

भारतीय चिंतन में रसानुभूति

हृदयनारायण दीक्षित मनुष्य आनंद अभीप्सु है। भक्तों के अनुसार प्रभु का भजन ही आनंद का स्रोत है। भक्त मुक्ति या मोक्ष नहीं मांगते। प्रभु प्रीति…

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विविधा स्वार्थ अप्रतिम, मूल्यवान, अनिन्दनीय

स्वार्थ अप्रतिम, मूल्यवान, अनिन्दनीय

हृदयनारायण दीक्षित अपना सुख सबकी कामना है। अपनों का सुख इसी अपने का हिस्सा है। तुलसीदास की आत्मानुभूति प्रगाढ़ थी। उन्होंने इसी अपनेपन के लिए…

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राजनीति केंद्रीय नेतृत्व को ठेंगा दिखाता प्रदेश नेतृत्व

केंद्रीय नेतृत्व को ठेंगा दिखाता प्रदेश नेतृत्व

गोविन्द भाई चौधरी भारत को आजाद हुए पूरे 64 वर्ष हो चुके हैंऔर इस 64 वर्षों के लंबे अंतराल में हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था इतनी मजबूत…

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पर्यावरण तापमान नियंत्रण की नई सोच

तापमान नियंत्रण की नई सोच

मनोज श्रीवास्तव ”मौन” पृथ्वी के तापमान में वृध्दि मानव जाति के लिए चिन्ता का सबब बनी हुई है। दुनिया भर के ताकतवर देशें के कद्दावार…

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प्रवक्ता न्यूज़ दुराग्रहों की प्रकृति में एक और मोड़!

दुराग्रहों की प्रकृति में एक और मोड़!

हरिकृष्ण निगम ‘राजनीतिक पत्रकारिता’ पर हाल में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल की शोध-परियोजना के अंतर्गत श्री राकेश सिंहा के एक प्रकाशित…

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विश्ववार्ता म्यांमार में चुनाव का छलावा

म्यांमार में चुनाव का छलावा

डॉ. बचन सिंह सिकरवार पड़ोसी देश म्यांमार में कोई दो दशक बाद हाल में हुए तथाकथित संसदीय आम चुनाव के वैसे ही नतीजे अब गए…

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विविधा खुलेआम भ्रष्टाचार… मौन तोड़ो!

खुलेआम भ्रष्टाचार… मौन तोड़ो!

-सुनील अम्बेकर एक बालक ने बड़ी उत्सुकता से किसी से पूछा- ‘यह 2जी क्या होता है?’ उसने भी सारी तकनीकी जानकारी तथा इससे होने वाले…

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राजनीति यह परिवर्तन की आहट है

यह परिवर्तन की आहट है

-आशुतोष राष्ट्रमण्डल खेलों में हुए घोटाले पर उंगलियां तो पहले ही उठने लगी थीं, खेल समाप्त होते-होते तो लोगों ने उन्हें भ्रष्टमण्डल खेल कहना शुरू…

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विविधा कब तक सहता रहेगा भारत अपनी अस्मिता पर होते ये वार?

कब तक सहता रहेगा भारत अपनी अस्मिता पर होते ये वार?

-नरेश भारतीय वाराणसी के शीतला घाट पर ७ दिसम्बर २०१० को आरती के समय हुए आतंकवादी हमले के समाचार ने पुनरपि इस तथ्य को उजागर…

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सार्थक पहल अज़ीम प्रेमजी का सच्चा राष्ट्रवाद

अज़ीम प्रेमजी का सच्चा राष्ट्रवाद

-तनवीर जाफ़री विगत् कुछ महीनों से भारतीय मीडिया में रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार तथा घोटालों की ख़बरें प्रमुखता से छाई देखी गई। इन घोटालों में कई शीर्ष…

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