पुण्यतिथि 31 जुलाई पर विशेष:मौहम्मद रफी
Updated: December 8, 2011
तुम मुझे यू भुला ना पाओगे………… तुम मुझे यू भुला ना पाओगे, जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे संग संग तुम भी गुनगुनाओगे। रफी साहब…
Read more
भारत में ख़ुफ़िया तंत्र किसलिए बनाया गया है???
Updated: December 8, 2011
इं. दिवस दिनेश गौड़ मित्रों एक बार फिर मुंबई दहल गयी| यह तो अब मुंबई के दैनिक जीवन में आदत सी हो गयी है| और…
Read more
घटती औद्योगिक उत्पादन दर और समावेशी विकास
Updated: December 8, 2011
प्रमोद भार्गव मनमोहन सिंह के नेतृत्व में चल रही यूपीए2 सरकार की वह कामयाबी कटघरे में है, जिसके बूते वह अपनी अन्य नाकामियों पर पिछले…
Read more
फ़साने की हकीकत:हकीकत का फ़साना
Updated: December 8, 2011
रामकृष्ण चेतन आनन्द ने जब हक़ीकत बनाने की योजना बनायी थी तब उनकी जेब में इतने पैसे भी नहीं रहते थे कि जुहूस्थित अपने आवास…
Read more
बलि दो नौकरी लो – सरकारी बाबा
Updated: December 8, 2011
हादसों में शिकार मासूम जिन्दगी कि मौत पर गैर जिम्मेदाराना राजनीति और खबरों के नाम पर भावनाओं के साथ मीडिया द्वारा बलात्कार करना लोकतंत्र के…
Read more
बात की बात में से बात
Updated: December 8, 2011
पंडित सुरेश नीरव बातों की महिमा न्यारी है। बात की बात में से बात निकल आती है। असली बात पर कोई पते की बात नहीं…
Read more
धमाके होते रहेंगे
Updated: December 9, 2011
लोकेन्द्र सिंह राजपूत मुंबई में बुधवार (१३ जुलाई २०११) को तीन जगह बम विस्फोट हुए। मुंब्रा देवी मंदिर के सामने झवेरी बाजार में। दूसरा ओपेरा…
Read moreभट्टा परसौल ही क्यूँ ?
Updated: December 9, 2011
राहुल जी यह जनता है सब जानती है, अलीगढ की चुनावी महा पंचायत को जहाँ मायावती ने फ्लाप बताया वहीँ जनता की अपनी अलग .अलग…
Read more
क्या न्यायालय विचारधारा के अनुपालन को बाध्य कर सकता है
Updated: December 9, 2011
अरूण जेटली भारत के उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति को गैर-संवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के…
Read more
जनसंख्या विस्फोट – गरीबों के मुँह से छिनता निवाला
Updated: December 9, 2011
आर.एल.फ्रांसिस बढ़ती जनसंख्या देश की सबसे गंभीरतम समास्याओं में प्रमुख समास्या है जिस पर चिंता तो अवश्य जताई जाती है पर ठोस समाधान के लिए…
Read more
इण्डिया की मीडिया और भारत की मीडिया
Updated: December 9, 2011
सौरभ मालवीय आज सम्पूर्ण विश्व विज्ञान की प्रगति और संचार माध्यमों के कारण ऐसे दौर में पहुंच चुका है कि मीडिया अपरिहार्य बन गई है।…
Read more
ये खोखले वादे
Updated: December 9, 2011
(आर. सिंह जी को पढ़ने-लिखने का शौक है। यही कारण है कि अभियंता की नौकरी से अवकाश प्राप्ति के बाद भी वे रचनाकर्म में जुटे…
Read more