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शक्कर के विनियंत्रण से मँहगाई के तेवर और भी तीखे होंगे

-सतीश सिंह एक बार फिर खाद्य व कृषि मंत्री श्री शरद पवार चर्चा में हैं। अब श्री पवार शक्कर के क्षेत्र को विनियंत्रित करने की…

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हिरासत में यातना के विरुद्ध आवाज की कसौटी

-सतीश सिंह भारत में पुलिस का आतंक इस हद तक नकारात्मक है कि आम आदमी हमेशा पुलिस से बचने की कोशिश करता है। पुलिस की…

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व्यंग्य/ गॉड फादर नियरे राखिए….

-अशोक गौतम फिर एक और मोर्चे पर से असफल हो लौटे बीवी को मुंह बताने को मन ही नहीं कर रहा था। क्या मुंह बताता…

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व्यंग्य/ लोकार्पणों के दौर में

-अशोक गौतम शहर के मेन बस स्टैंड के पास बड़े दिनों से महिला षौचालय बनकर तैयार था पर कमेटी के प्रधान बड़ी दौड़ धूप के…

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विविधा बिहार चुनाव: लोकतंत्र में ‘बाहुबली’ बनाम भारतीय मतदाता

बिहार चुनाव: लोकतंत्र में ‘बाहुबली’ बनाम भारतीय मतदाता

-निर्मल रानी भारतीय लोकतंत्र वैसे तो कई बार किसी न किसी घटना को लेकर शर्मसार होता ही रहा है। कभी देश की संसद अथवा कई…

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विविधा और अब देश के भावी कर्णधारों ने चलाई ‘महंगाई विरोधी मिसाईल’

और अब देश के भावी कर्णधारों ने चलाई ‘महंगाई विरोधी मिसाईल’

-निर्मल रानी केवल हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में महंगाई को लेकर किया जाने वाला विरोध तथा शोर-शराबा कोई नई बात नहीं…

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बारात में बसिऔरा

-आशीष तिवारी मैं ये दावा तो नहीं करता कि इस शीर्षक को पढ़ने वालों की बड़ी तादात शायद इस शीर्षक का मतलब ना समझ पाए…

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साहित्‍य Default Post Thumbnail

बड़ा लेखक बनने के गुर

-विजय कुमार छुटपन से ही मेरी इच्छा थी कि मैं बड़ा लेखक बनूं। बड़े प्रयास किये; पर रहा छोटा ही। कभी पढ़ा था कि चोटी…

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शठे शाठ्यम समाचरेत्

-विजय कुमार ममता बनर्जी बंगाल में सत्ता पाने को इतनी आतुर हैं कि उन्होंने अपनी बुद्धि और विवेक खो दिया है। ज्ञानेश्वरी रेल दुर्घटना के…

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हम कितने मूर्ख हैं?

-विजय कुमार पाकिस्तान इस समय भीषण बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। भारत ने मानवता के नाते उसे अरबों रुपये की सहायता दी है;…

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वेतन वृद्धि और वामपंथी सांसदों का विधवा विलाप

-विजय कुमार पिछले दिनों जब सांसदों ने वेतन वृद्धि के लिए शोर किया, तो प्रायः सभी दलों के सांसद इस बहती गंगा में हाथ धोने…

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राजनीति चे ग्वेवारा पूजनीय हैं, लेकिन भारत माता और सरस्वती नहीं???

चे ग्वेवारा पूजनीय हैं, लेकिन भारत माता और सरस्वती नहीं???

पाखण्ड और सत्ता के अभिमान से भरे हुए वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सभी जूतों को नष्ट कर दिया और दुकान से बाकी का माल दिल्ली वापस…

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