शक्कर के विनियंत्रण से मँहगाई के तेवर और भी तीखे होंगे
Updated: December 22, 2011
-सतीश सिंह एक बार फिर खाद्य व कृषि मंत्री श्री शरद पवार चर्चा में हैं। अब श्री पवार शक्कर के क्षेत्र को विनियंत्रित करने की…
Read moreहिरासत में यातना के विरुद्ध आवाज की कसौटी
Updated: December 22, 2011
-सतीश सिंह भारत में पुलिस का आतंक इस हद तक नकारात्मक है कि आम आदमी हमेशा पुलिस से बचने की कोशिश करता है। पुलिस की…
Read moreव्यंग्य/ गॉड फादर नियरे राखिए….
Updated: December 22, 2011
-अशोक गौतम फिर एक और मोर्चे पर से असफल हो लौटे बीवी को मुंह बताने को मन ही नहीं कर रहा था। क्या मुंह बताता…
Read moreव्यंग्य/ लोकार्पणों के दौर में
Updated: December 22, 2011
-अशोक गौतम शहर के मेन बस स्टैंड के पास बड़े दिनों से महिला षौचालय बनकर तैयार था पर कमेटी के प्रधान बड़ी दौड़ धूप के…
Read more
बिहार चुनाव: लोकतंत्र में ‘बाहुबली’ बनाम भारतीय मतदाता
Updated: December 22, 2011
-निर्मल रानी भारतीय लोकतंत्र वैसे तो कई बार किसी न किसी घटना को लेकर शर्मसार होता ही रहा है। कभी देश की संसद अथवा कई…
Read more
और अब देश के भावी कर्णधारों ने चलाई ‘महंगाई विरोधी मिसाईल’
Updated: December 22, 2011
-निर्मल रानी केवल हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में महंगाई को लेकर किया जाने वाला विरोध तथा शोर-शराबा कोई नई बात नहीं…
Read moreबारात में बसिऔरा
Updated: December 22, 2011
-आशीष तिवारी मैं ये दावा तो नहीं करता कि इस शीर्षक को पढ़ने वालों की बड़ी तादात शायद इस शीर्षक का मतलब ना समझ पाए…
Read moreबड़ा लेखक बनने के गुर
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार छुटपन से ही मेरी इच्छा थी कि मैं बड़ा लेखक बनूं। बड़े प्रयास किये; पर रहा छोटा ही। कभी पढ़ा था कि चोटी…
Read moreशठे शाठ्यम समाचरेत्
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार ममता बनर्जी बंगाल में सत्ता पाने को इतनी आतुर हैं कि उन्होंने अपनी बुद्धि और विवेक खो दिया है। ज्ञानेश्वरी रेल दुर्घटना के…
Read moreहम कितने मूर्ख हैं?
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार पाकिस्तान इस समय भीषण बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। भारत ने मानवता के नाते उसे अरबों रुपये की सहायता दी है;…
Read moreवेतन वृद्धि और वामपंथी सांसदों का विधवा विलाप
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार पिछले दिनों जब सांसदों ने वेतन वृद्धि के लिए शोर किया, तो प्रायः सभी दलों के सांसद इस बहती गंगा में हाथ धोने…
Read more
चे ग्वेवारा पूजनीय हैं, लेकिन भारत माता और सरस्वती नहीं???
Updated: December 22, 2011
पाखण्ड और सत्ता के अभिमान से भरे हुए वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सभी जूतों को नष्ट कर दिया और दुकान से बाकी का माल दिल्ली वापस…
Read more